सैंपलिंग के काम में तेजी लाने के लिए कलेक्टर मनीष सिंह ने मंगलवार को 11 डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगा दी। अब रोज लेने वाले सैंपलों की संख्या 500 से बढ़ाकर 800 से एक हजार तक की जाएगी। सभी एसडीएम को किट देते हुए ज्यादा सैंपल लेने के आदेश दिए। सैंपलिंग बढ़ाने की कड़ी में अब फाउंडेशन भी एमजीएम मेडिकल कॉलेज को सहयोग करने जा रहा है। कोविड-19 की जांच के लिए कॉलेज को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से दो नई मशीनें दी जा रही हैं। एक मशीन से आरएनए एक्सट्रेक्शन और दूसरी से पीसीआर जांच हो सकेगी। मशीन के साथ किट भी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे एक हजार जांच हो सकेगी। बताया जा रहा है कि करीब एक करोड़ की लागत की दो मशीनें हैं। इंदौर की वायरोलॉजी लैब को संभवत: मंगलवार को यह मशीनें मिल जाएंगी। वर्तमान में 400 से 500 जांचें हो रही हैं। लैब में फिलहाल चार पीसीआर मशीनें हैं।
दूसरी ओर चार अस्पतालों से मंगलवार को 31 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया। इनमें से एमआर टीबी से 3, रॉबर्ट नर्सिंग होम से 9, सेवाकुंज से 11 और चोइथराम अस्पताल से 10 मरीज डिस्चार्ज किए गए। एमआर टीबी अस्पताल से डिस्चार्ज नूर बानो और अब्दुल वाक सहित अन्य मरीजों ने इलाज के दौरान उपलब्ध सुविधाओं, खाना, इलाज व्यवस्था आदि की सराहना की।
डॉक्टर परिजन को रोज मरीज का हाल बताएंगे
एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने एमटीएच और एमआर टीबी अस्पताल में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों को मोबाइल फोन और नंबर दिए हैंं। अब उनकी ड्यूटी रहेगी कि वे मरीजों के परिजन को दिनभर में एक बार काॅल कर स्थिति की जानकारी देंगे। परिजन को अंदर प्रवेश नहीं दिया जाता है। ऐसे में वे परेशान होते हैं। कई लोगों से संपर्क करते रहते हैं कि उन्हें उनके मरीज की स्थिति का पता लग जाए।
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