घर वापसी कर रहे मजदूरों की सहायता के लिए सरकार के साथ जनप्रतिनिधि भी सहायता करने के लिए आगे आ रहे हैं। रविवार को पालनपुर-ग्वालियर श्रमिक ट्रेन से 120 मजदूर रतलाम में उतरे। विधायक चेतन्य काश्यप ने जम्मू-कश्मीर से रतलाम लौट रहे मजदूरों को राजस्थान में मदद दिलाई। अब इन्हें यहां लाने का प्रबंध किया जा रहा है। वहीं घर जाने के लिए पैदल ही सड़कों पर निकल आए मजदूरों के लिए छह चेकपोस्ट पर वाहन खड़े कर दिए गए हैं। रविवार रात में वापी ट्रेन से 200 मजदूर आए।
दुर्घटना में मृत्यु पर एक लाख रुपए की सहायता मिलेगी
दूसरे राज्यों से मध्यप्रदेश में आने वाले प्रवासी श्रमिक की प्रदेश की सीमा में आकस्मिक दुर्घटना में मृत्यु होने पर सरकार परिवार को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी। गंभीर रूप से घायलों को 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। यह राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष से दी जाएगी।
बस पाॅइंट तक भी वाहन
मजदूरों की सहायता के लिए जिले की छह चेकपोस्ट पर वाहन तैनात कर दिए गए हैं। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया पैदल चलते मजदूर दिखते ही वाहन उन्हें पास के राहत कैंप या ऐसे बस पाॅइंट तक पहुंचाएगा, जहां से आगे के लिए वाहन मिल जाए। प्रत्येक गाड़ी पर दो ड्राइवर की ड्यूटी लगाई है। इन वाहनों का मूवमेंट सालाखेड़ी-वनस्थली-सालाखेड़ी, सालाखेड़ी-रानीसिंग-सालाखेड़ी, जावरा-सालाखेड़ी-जावरा, सेजावता-कुंडा-सेजावता, माननखेड़ा-बड़ावदा-माननखेड़ा, सालाखेड़ी-करमदी- बाजना-करमदी-सालाखेड़ी तक।
8 जिलों के श्रमिक उतरे
रविवार सुबह चार बजे पालनपुर-ग्वालियर श्रमिक ट्रेन से मध्यप्रदेश के 8 जिलों के 120 मजदूर उतरे। 8 जिलों के इन मजदूरों को रेलवे स्टेशन पर उतारकर स्क्रीनिंग करने के साथ भोजन के पैकेट, पानी, बिस्किट देकर बसों से घर के लिए रवाना किया। इनमें झाबुआ, आलीराजपुर, इंदौर, खरगोन, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर के मजदूर थे।
जम्मू-कश्मीर स्थित फैक्टरी में मजदूरी करने गए स्थानीय शिवनगर के मजदूर परिवार पैदल ही रतलाम के लिए निकल पड़े थे। मजदूरों के साथ लगातार हो रहे हादसों से चिंतित विधायक चेतन्य काश्यप ने इसकी जानकारी मिलते ही दो दिन के प्रयासों के बाद रविवार को मजदूरों के साथ आ रहे सुनील डोडियार से संपर्क किया। उसने दिल्ली-जयपुर हाइवे पर राजस्थान के अलवर जिले की बहरोड़ तहसील में होने की जानकारी दी। इस पर विधायक काश्यप ने अलवर के एडीएम रामचरण सिंह से बात कर सभी 20 मजदूरों को बहरोड़ (अलवर) के स्कूल में बनाए गए शेल्टर होम में रुकवाया। एसडीएम संतोष मीणा ने भोजन-पानी की व्यवस्था कर विधायक काश्यप को जानकारी दी। इसके बाद विधायक काश्यप ने अलवर कलेक्टर इंद्रजीत सिंह के माध्यम से मजदूरों को वाहन द्वारा रतलाम भिजवाने का प्रबंध करने को कहा है। इतना ही नहीं मजदूरों की तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए श्री काश्यप ने स्थानीय व्यापारी के खाते में राशि भेजकर व्यवस्था करवाई।
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