आर्म्स एक्ट के एक आरोपी को जेल भेजने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करना पड़ी। कोर्ट के आदेश के बाद भी सेंट्रल जेल ने आरोपी को नहीं लिया। उसे जिला जेल फिर महू और फिर देपालपुर उपजेल भेज दिया। दिनभर परेशान होती रही पुलिस आखिर आरोपी को थाने ले आई। अगले दिन फिर उसे कोर्ट में पेश कर दरख्वास्त लगाई कि इसे कहीं तो भेजा जाए। आखिर में कोर्ट ने उसे महू जेल भेजने का आदेश दिया। रावजी बाजार टीआई अनिल सिंह चौहान के अनुसार कोर्ट ने शनिवार को आर्म्स एक्ट के आरोपी दीपक उर्फ जूना को सेंट्रल जेल का वारंट जारी किया था। सिपाही उसका कोरोना टेस्ट करवाने के बाद सेंट्रल जेल ले गए। वहां से जिला जेल भेजा। जिला जेल से कहा नई आमद महू मे लेंगे। सिपाही उसे महू लेकर पहंचे, जहां से उसे देपालपुर भेज दिया। तब तक शाम हो गई, तो सिपाही उसे थाने ले आए। अगले दिन टीआई ने कोर्ट से गुहार लगाई तब आरोपी का महू का वारंट बनाया। टीआई का कहना है जेल प्रबंधन आरोपी को ले लें फिर अपने हिसाब से शिफ्ट करें। इस मामले में सेंट्रल जेल अधीक्षक राकेश भांगरे का कहना है आदेश है कि नए कैदियों को महू भेजा जाएगा। शनिवार को कोर्ट ने भले ही आदेश बना दिया तो हमने पुलिस को वहां आरोपी रैफर करने को कह दिया। महू जेल प्रबंधन ने देखा कि आरोपी का पैर टूटा है, लेकिन वहां उपजेल में आरोपी को रखने के लिए प्रापर मेडिकल स्टाफ नहीं है। इसलिए उसे दोबारा इंदौर भेजा गया। यदि सिपाहियों को गफलत है तो हमसे फिर संपर्क कर लेते। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


आर्म्स एक्ट के एक आरोपी को जेल भेजने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करना पड़ी। कोर्ट के आदेश के बाद भी सेंट्रल जेल ने आरोपी को नहीं लिया। उसे जिला जेल फिर महू और फिर देपालपुर उपजेल भेज दिया। दिनभर परेशान होती रही पुलिस आखिर आरोपी को थाने ले आई। अगले दिन फिर उसे कोर्ट में पेश कर दरख्वास्त लगाई कि इसे कहीं तो भेजा जाए। आखिर में कोर्ट ने उसे महू जेल भेजने का आदेश दिया।

रावजी बाजार टीआई अनिल सिंह चौहान के अनुसार कोर्ट ने शनिवार को आर्म्स एक्ट के आरोपी दीपक उर्फ जूना को सेंट्रल जेल का वारंट जारी किया था। सिपाही उसका कोरोना टेस्ट करवाने के बाद सेंट्रल जेल ले गए। वहां से जिला जेल भेजा। जिला जेल से कहा नई आमद महू मे लेंगे। सिपाही उसे महू लेकर पहंचे, जहां से उसे देपालपुर भेज दिया। तब तक शाम हो गई, तो सिपाही उसे थाने ले आए। अगले दिन टीआई ने कोर्ट से गुहार लगाई तब आरोपी का महू का वारंट बनाया। टीआई का कहना है जेल प्रबंधन आरोपी को ले लें फिर अपने हिसाब से शिफ्ट करें। इस मामले में सेंट्रल जेल अधीक्षक राकेश भांगरे का कहना है आदेश है कि नए कैदियों को महू भेजा जाएगा। शनिवार को कोर्ट ने भले ही आदेश बना दिया तो हमने पुलिस को वहां आरोपी रैफर करने को कह दिया। महू जेल प्रबंधन ने देखा कि आरोपी का पैर टूटा है, लेकिन वहां उपजेल में आरोपी को रखने के लिए प्रापर मेडिकल स्टाफ नहीं है। इसलिए उसे दोबारा इंदौर भेजा गया। यदि सिपाहियों को गफलत है तो हमसे फिर संपर्क कर लेते।



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