लॉकडाउन के दौरान एक शहर से दूसरे शहर और अन्य प्रदेश में जाने के लिए शासन ने ई-पास बनवाने की व्यवस्था की है। ई पास बनवाने के लिए लिंक पर जाकर अपने मोबाइल नंबर से स्वयं ही आवेदन करना है। उक्त आवेदन करने के बाद भी इमरजेंसी मेडिकल वाले लोगों को भी परमिशन समय पर नहीं मिल पा रही है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल इमरजेंसी में दस्तावेज देने पर और किसी परिजन की मृत्यु हो जाने पर इसमें शामिल होने के लिए अनुमति फौरन दी जा रही है लेकिन जिले में ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें मेडिकल इमरजेंसी अथवा एक जिले से दूसरे जिले में जाने की परमिशन नहीं मिल रही है वेबसाइट पर आवेदन करने के बाद लंबा इंतजार करना पड़ रहा है ग्रामीण क्षेत्रों के बहुत से लोग जिन्हें विवाह करने जाना है अथवा मेडिकल इमरजेंसी के लिए जाना है वह कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर जानकारी ले रहे हैंl बाहर से कुछ लोग जो नॉक डाउन के दौरान अपने घर नहीं जा सके वह भी वापस नहीं हो पा रहे हैं।
मेडिकल इमरजेंसी में दे रहे तुरंत अनुमति
इधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल इमरजेंसी और परिवार में मृत्यु पर तुरंत अनुमति दी जा रही है। ई गवर्नेंस अधिकारी संदीप चौरसिया ने बताया कि अब तक 15074 आवेदन आए थे जिसमें से 3959 पर अनुमति दी गई है 1788 आवेदन पेंडिंग है उन्होंने बताया कि रेडियो वाले जिले अथवा प्रदेश से बाहर जाने की अनुमति के लिए कलेक्टर की अनुमति आवश्यक है दस्तावेज पूरे नहीं होने पर ही अनुमति पेंडिंग रखी जाती है अथवा निरस्त की जाती हैl
इन्होंने बताई अपनी परेशानी
- बाबई तहसील के धनेरा निवासी सुनील गोस्वामी शुक्रवार को ईपास का स्टेटस जानने कलेक्ट्रेट पहुंचे उन्होंने बताया कि 11 मई को उन्होंने हरदा सगाई में जाने के लिए आवेदन दिया था लेकिन अब तक उनकी रिक्वेस्ट पेंडिंग आ रही है जानकारी लेने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे 18 मई को है हरदा सगाई के लिए अपने पिता के साथ जाना हैl अब तक ही पास नहीं बना है।
- इतवारा बाजार निवासी भगवानदास संतोरे ने बताया कि उनके तीन बच्चे 2 महीने से भोपाल में है लॉक डाउन के दौरान उन्होंने बच्चों को लाने की अनुमति के लिए ई परमिशन मांगी लेकिन वह नहीं मिली।
- हाउसिंग बोर्ड निवासी सुनील परसाई ने बताया कि उनकी बहन भोपाल से यहां आई थी लेकिन अब उन्हें वापस भेजने के लिए अनुमति नहीं मिल रही है 2 माह बीत चुके हैं ससुराल में उनके बुजुर्ग ससुर बीमार है घर में काम की परेशानी हो रही है। 5 मई को ई पास के लिए आवेदन किया था जो अब तक पेंडिंग है।
- बंटी गुप्ता ने बताया कि उनकी मां का इलाज जबलपुर में चल रहा है जबलपुर जाने के लिए एक माह से अनुमति लेने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन नहीं मिल रही है।
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