अनलॉक की शुरूआत के साथ ही बंद पड़े प्रोजेक्ट भी शुरू हो चुके हैं। इसी बीच रेलवे के थर्ड लाइन प्रोजेक्ट के बचे हुए कामों को लेकर अफसरों से प्लानिंग मांगी गई है। ताकि बचे हुए प्रोजेक्ट का काम तेजी के साथ पूरा किया जा सके। थर्ड लाइन प्रोजेक्ट के काम पूरा करने के लिए 2020 तक की मियाद है। लेकिन अभी कई सेक्शनों में इसका काम बाकी रह गया है। नरयावली से सागर के बीच रेलवे थर्ड लाइन का काम पूरा होने के बाद रेलवे ने अब सागर से मकरोनिया स्टेशन के लिए काम शुरू करने की प्लानिंग तैयार कर रहा है। इस 7 किलोमीटर के सेक्शन में रेलवे अब प्लान तैयार कर रहा है कि कैसे इस बचे हुए काम को पूरा किया जाएगा। वर्तमान में रेलवे को इस सेक्शन में सबसे ज्यादा काम हैं। रेलवे को यहां नए ट्रैक बनाने के पहले मिट्‌टी का अलग करना पड़ेगा यह काम भी उन्हें मौजूदा लाइनों से बगैर छेड़छाड़ किए हुए पूरा करना होगा। फिलहाल अभी केवल दो यात्री ट्रेनें के साथ इन इलेक्ट्रॉनिक लाइन का उपयोग मालगाड़ी व पासर्ल ट्रेनों के आवागमन के लिए किया जा रहा है। अगर यह काम अगले 4 महीनों में पूरा कर लिया जाता है तो नरयावली से वाया सागर (19 कि.मी), सागर से मकरोनिया (7 कि.मी.) और मकरोनिया से लिधौरा स्टेशन (6 कि.मी.) तक 32 किलोमीटर की लाइन पूरी हो जाएगी। लिधौरा से मकरोनिया का काम अंतिम पड़ाव में लिधौरा से मकरोनिया स्टेशन के बीच करीब 6 किलोमीटर के हिस्से में थर्ड लाइन का काम लगभग अंतिम पड़ाव में है। यहां अर्थ वर्क का पहले ही हो चुका है। अब ट्रैक बिछाने और केवल का काम किया जाना है। इस हिस्से में रेलवे को कोई भी अड़चन नहीं है। इसलिए इसका काम तेजी से किया जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


अनलॉक की शुरूआत के साथ ही बंद पड़े प्रोजेक्ट भी शुरू हो चुके हैं। इसी बीच रेलवे के थर्ड लाइन प्रोजेक्ट के बचे हुए कामों को लेकर अफसरों से प्लानिंग मांगी गई है। ताकि बचे हुए प्रोजेक्ट का काम तेजी के साथ पूरा किया जा सके।
थर्ड लाइन प्रोजेक्ट के काम पूरा करने के लिए 2020 तक की मियाद है। लेकिन अभी कई सेक्शनों में इसका काम बाकी रह गया है। नरयावली से सागर के बीच रेलवे थर्ड लाइन का काम पूरा होने के बाद रेलवे ने अब सागर से मकरोनिया स्टेशन के लिए काम शुरू करने की प्लानिंग तैयार कर रहा है। इस 7 किलोमीटर के सेक्शन में रेलवे अब प्लान तैयार कर रहा है कि कैसे इस बचे हुए काम को पूरा किया जाएगा। वर्तमान में रेलवे को इस सेक्शन में सबसे ज्यादा काम हैं। रेलवे को यहां नए ट्रैक बनाने के पहले मिट्‌टी का अलग करना पड़ेगा यह काम भी उन्हें मौजूदा लाइनों से बगैर छेड़छाड़ किए हुए पूरा करना होगा। फिलहाल अभी केवल दो यात्री ट्रेनें के साथ इन इलेक्ट्रॉनिक लाइन का उपयोग मालगाड़ी व पासर्ल ट्रेनों के आवागमन के लिए किया जा रहा है। अगर यह काम अगले 4 महीनों में पूरा कर लिया जाता है तो नरयावली से वाया सागर (19 कि.मी), सागर से मकरोनिया (7 कि.मी.) और मकरोनिया से लिधौरा स्टेशन (6 कि.मी.) तक 32 किलोमीटर की लाइन पूरी हो जाएगी।

लिधौरा से मकरोनिया का काम अंतिम पड़ाव में
लिधौरा से मकरोनिया स्टेशन के बीच करीब 6 किलोमीटर के हिस्से में थर्ड लाइन का काम लगभग अंतिम पड़ाव में है। यहां अर्थ वर्क का पहले ही हो चुका है। अब ट्रैक बिछाने और केवल का काम किया जाना है। इस हिस्से में रेलवे को कोई भी अड़चन नहीं है। इसलिए इसका काम तेजी से किया जा रहा है।



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