माल गोदाम में साेमवार दाेपहर करीब 12.20 बजे बाइक से अाए नकाबपाेश बदमाशाें ने ट्रक ड्राइवर अब्दुल हफीज के सीने पर गाेली चली दी। इसके बाद चाकुओंसे गाेदकर हत्या कर फरार हाे गए। देर रात तक हत्या की गुत्थी सुलझ नहीं पाई। इधर, रात 10.30 बजे घासपुरा उर्दू स्कूल के पास मृतक के परिजन व समाजजन ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर जनाजा सड़क पर रखकर करीब 15 मिनट तक प्रदर्शन किया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद आक्रोशित परिजन मान गए और रात 11 बजे नमाज-ए-जनाजा के बाद मैयत को ट्रक में रखकर बड़े कब्रिस्तान में दफनाया। जानकारी के मुताबिक हफीज की हत्या से पहले आधे घंटे तक दोनों नकाबपोश युवक माल गोदाम का राउंड लगाकर किसी को ढूंढ रहे थे। हफीज और चार-पांच लोग राम-रहीम हम्माल यूनियन के ओटले पर बैठे हुए थे। फिर वह सब चाय पीने चले गए। साथियों ने हफीज से भी कहा कि तुम भी चाय पीने चलो, लेकिन हफीज ने मना कर दिया और ओटले पर बैठ गए। इस दौरान दोपहर 12.20 बजे ट्रक की आड़ से निकलकर दोनों नकाबपोश हफीज के पास आए। चाचा कहकर बुलाया और एक बदमाश ने हफीज पर गोली चलाई। पहली गोली दीवार पर लगी, जबकि दूसरी हफीज के सीने पर दाईं अाेर लगी। गोली लगने के बाद हफीज ने एक बदमाश को पकड़ा और मारपीट शुरू कर दी। तभी युवक के साथी ने हफीज को चाकुओं से गोद दिया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जिस जगह हफीज बैठे थे, वहां हम्माल यूनियन के एक लीडर की भी बैठक है। घासपुरा के मुख्य मार्ग पर जनाजा रखकर किया विरोध प्रदर्शन जावेद हत्याकांड की तरह ही हुई हफीज की हत्या अगस्त 2014 में शहर के दिनदयालपुरम में बाइमक सवार जावेद खान को रोककर दो बाइक सवार युवकों ने गोली मारने के बाद चाकू से गला काट दिया था। आरोपी बाइक सहित फरार हो गए थे। जावेद की भी किसी से रंजिश नहीं थी। इधर हफीज का मामला लगभग समान है। रीढ़ की हड्डी में फंसी गोली, रात नौ बजे हुआ पीएम हफीज का शव सोमवार दोपहर 12.35 बजे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। रात 9 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा। हफीज के शरीर में फंसी गोली एक्स-रे में दिखाई दी, जो रीढ़ की हड्‌डी में फंसी थी। बेटा बोला- मेरे पापा की किसी से रंजिश नहीं हफीज के बेटे मोहसिन ने कहा मेरे पापा की किसी से रंजिश नहीं है। दस साल में किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। पांच-छह साल से माल गोदाम का लोकल भाड़ा लेकर शाम तक घर आ जाते थे। पुलिस नेटवर्क फेल-हत्या कर फरार हो गए, सीसीटीवी फुटेज नहीं पहचान पाए जुआ, सट्‌टा, मोबाइल चोर और साधारण चोरियां ट्रेस करने वाले तीनों थानों की खुफिया पुलिस और मुखबिर तंत्र सहित पूरा नेटवर्क फेल हो गया। हत्या के बाद दोनों आरोपी बाइक से शहर की सीमा क्रास कर गए। पंधाना रोड स्थित पेट्रोल पंप, कार शोरूम व लकड़ी कारखाने से सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद पुलिस ने संदेहियाें के फोटो शेयर किए, लेकिन उन्हें कोई भी पहचान नहीं पाया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Hafeez, who was shot by miscreants even after being shot on the chest, did not control, so the accused slapped with knives


माल गोदाम में साेमवार दाेपहर करीब 12.20 बजे बाइक से अाए नकाबपाेश बदमाशाें ने ट्रक ड्राइवर अब्दुल हफीज के सीने पर गाेली चली दी। इसके बाद चाकुओंसे गाेदकर हत्या कर फरार हाे गए। देर रात तक हत्या की गुत्थी सुलझ नहीं पाई। इधर, रात 10.30 बजे घासपुरा उर्दू स्कूल के पास मृतक के परिजन व समाजजन ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर जनाजा सड़क पर रखकर करीब 15 मिनट तक प्रदर्शन किया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद आक्रोशित परिजन मान गए और रात 11 बजे नमाज-ए-जनाजा के बाद मैयत को ट्रक में रखकर बड़े कब्रिस्तान में दफनाया।
जानकारी के मुताबिक हफीज की हत्या से पहले आधे घंटे तक दोनों नकाबपोश युवक माल गोदाम का राउंड लगाकर किसी को ढूंढ रहे थे। हफीज और चार-पांच लोग राम-रहीम हम्माल यूनियन के ओटले पर बैठे हुए थे। फिर वह सब चाय पीने चले गए। साथियों ने हफीज से भी कहा कि तुम भी चाय पीने चलो, लेकिन हफीज ने मना कर दिया और ओटले पर बैठ गए। इस दौरान दोपहर 12.20 बजे ट्रक की आड़ से निकलकर दोनों नकाबपोश हफीज के पास आए। चाचा कहकर बुलाया और एक बदमाश ने हफीज पर गोली चलाई। पहली गोली दीवार पर लगी, जबकि दूसरी हफीज के सीने पर दाईं अाेर लगी। गोली लगने के बाद हफीज ने एक बदमाश को पकड़ा और मारपीट शुरू कर दी। तभी युवक के साथी ने हफीज को चाकुओं से गोद दिया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जिस जगह हफीज बैठे थे, वहां हम्माल यूनियन के एक लीडर की भी बैठक है।

घासपुरा के मुख्य मार्ग पर जनाजा रखकर किया विरोध प्रदर्शन

जावेद हत्याकांड की तरह ही हुई हफीज की हत्या
अगस्त 2014 में शहर के दिनदयालपुरम में बाइमक सवार जावेद खान को रोककर दो बाइक सवार युवकों ने गोली मारने के बाद चाकू से गला काट दिया था। आरोपी बाइक सहित फरार हो गए थे। जावेद की भी किसी से रंजिश नहीं थी। इधर हफीज का मामला लगभग समान है।

रीढ़ की हड्डी में फंसी गोली, रात नौ बजे हुआ पीएम
हफीज का शव सोमवार दोपहर 12.35 बजे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। रात 9 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा। हफीज के शरीर में फंसी गोली एक्स-रे में दिखाई दी, जो रीढ़ की हड्‌डी में फंसी थी।

बेटा बोला- मेरे पापा की किसी से रंजिश नहीं
हफीज के बेटे मोहसिन ने कहा मेरे पापा की किसी से रंजिश नहीं है। दस साल में किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। पांच-छह साल से माल गोदाम का लोकल भाड़ा लेकर शाम तक घर आ जाते थे।

पुलिस नेटवर्क फेल-हत्या कर फरार हो गए, सीसीटीवी फुटेज नहीं पहचान पाए
जुआ, सट्‌टा, मोबाइल चोर और साधारण चोरियां ट्रेस करने वाले तीनों थानों की खुफिया पुलिस और मुखबिर तंत्र सहित पूरा नेटवर्क फेल हो गया। हत्या के बाद दोनों आरोपी बाइक से शहर की सीमा क्रास कर गए। पंधाना रोड स्थित पेट्रोल पंप, कार शोरूम व लकड़ी कारखाने से सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद पुलिस ने संदेहियाें के फोटो शेयर किए, लेकिन उन्हें कोई भी पहचान नहीं पाया।



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Hafeez, who was shot by miscreants even after being shot on the chest, did not control, so the accused slapped with knives


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