अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से लोगों में कोरोना को लेकर दहशत कम हो रही है। लॉकडाउन के समय जो लोग जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाते थे वे लोग भी अब लापरवाह होने लगे हैं। यही वजह है कि कोरोना वायरस का संक्रमण दिनों दिन बढ़ रहा है। जिसके प्रत्यक्ष प्रमाण सबके सामने हैं। कोरोना औद्योगिक नगरी में किस तेजी से अपने पैर पसार रहा है। इसका अंदाजा महज 41 दिनों में 44 के सामने आने से ही लगाया जा सकता है। पहला केस 7 जुलाई को सामने आया था। इसके बाद से लगातार संक्रमितों की संख्या बढ़ते जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय रहते सभी लोगों ने अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित नहीं की तो कोरोना के केस और तेजी से बढ़ेंगे। इसलिए सभी को जरूरी एहतियात बरतने की आवश्यकता है। सोमवार रात सामने आए केस के सभी मरीजों को रात 12 बजे कोविड सेंटर ले जाया गया। वहीं मंगलवार सुबह से कंटेनमेंट जोन बढ़ाए जा रहे हैं।
तहसीलदार ने पाथाखेड़ा क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। कोल नगरी में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतत सैंपलिंग की जा रही है। अभी भी 29 रिपोर्ट आने का इंतजार है। सोमवार शाम को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाथाखेड़ा और बगडोना हॉस्टल में 16 संदिग्धों के सैंपल लिए। यह सैंपल डॉ. पुरुषोत्तम सरियाम, मधुकर सूर्यवंशी, सदाशिव पवांर, असलम खान व टीम द्वारा लिए गए हैं। इससे एक दिन पहले 13 सैंपल लिए गए थे। इस प्रकार अभी भी औद्योगिक नगरी के 29 संदिग्धों की कोरोना रिपोर्ट आने का इंतजार स्वास्थ्य विभाग को है।
बीएमओ डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा संपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को जरूरी एहतियात बरतने की आवश्यकता है। खासतौर पर फेस मास्क और सामाजिक दूरी का पालन करना आवश्यक है। नए केस सामने आने के बाद कंटेनमेंट जोन बढ़ाए जा रहे हैं।
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