खरीद केंद्रों पर भीड़ न हो, इसी कारण कलेक्टर ने ज्यादा से ज्यादा खरीद केंद्र बनाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में परेशानी यह है कि सहकारी समितियों की संख्या कम है, मजबूरी में उन्हें दो-दो केंद्र का जिम्मा सौंपना होगा। जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या 25 हजार है, इनमें सर्वाधिक 19 हजार किसान गेहूं की फसल लेने वाले हैं। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार सरकार ने एक केंद्र पर एक दिन में सिर्फ 10-10 किसानों को ही एसएमएस भेजकर बुलाने का निर्णय लिया है। जिले में 15 अप्रैल से प्रारंभ होने वाली खरीद 30 मई तक जारी रहेगी पर कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए इसमें वृद्धि भी संभव है। इस बार गेहूं 1925 रुपए,चना 4875 तथा मसूर 4800 रुपए और सरसों की खरीद 4425 रुपए क्विंटल में की जाएगी।
इंसीडेंट कमांडर के साथ उपयंत्री: इंसीडेंट कमांडर के साथ अब सिंचाई विभाग के उपयंत्री ड्यूटी करेंगे। अभी तक यह काम सहकारिता विभाग के अमले के जिम्मे था। चूंकि खरीद में सहकारिता विभाग की अहम भूमिका रहती है, इसी कारण इन्हें कलेक्टर ने फ्री कर दिया है। गेहूं की खरीद में कुछ अन्य विभागों के अफसरों की भी ड्यूटी लगेगी।
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