प्रशासन ने कोरोना संक्रमित मरीजों के घरों से निकलने वाले कोविड वेस्ट (सिरिंज, ग्लब्स, पीपीई किट आदि) के निष्पादन के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड मार्च में गाइडलाइन जारी कर चुका है, लेकिन शहर में प्रशासन ने यह व्यवस्था नहीं बनाई है। जबकि इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और देवास जैसे शहरों में कोविड वेस्ट को इंसीनरेटर में जलाया जा रहा है। ग्वालियर में केवल अस्पतालों और क्वारेंटाइन सेंटरों से निकल रहे कोविड वेस्ट को निष्पादित किया जा रहा है। क्वारेंटाइन घरों से निकल रहे कोविड वेस्ट को नगर निगम की कचरा वाहन गाड़ी उठाकर ले जा रही है। जिससे अन्य कचरे के संक्रमित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। एक घर से प्रतिदिन 200 ग्राम कोविड वेस्ट का उत्सर्जन होता है। लोगों ने बड़ी संख्या में मास्क खरीदे हैं। हैंड ग्लब्स और हेड मास्क कुछ ही दिनों में खराब हो जाते है। इस कारण लोग इन्हें कचरे में डाल देते हैं। यदि ग्लब्स और मास्क संक्रमित हुए तो निगम के सफाई कर्मचारी के संक्रमित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि शहर में लगभग 2 लाख से अधिक मास्क, 10 हजार से अधिक हैंड ग्लब्स और एक हजार से अधिक हेड कैप की बिक्री हुई है। पीले रंग की पांच कचरा गाडिय़ां आज से उठाएंगी बायोमेडिकल वेस्ट : होम क्वारेंटाइन व्यक्तियों द्वारा उत्पन्न बायोमेडिकल वेस्ट के संग्रहण के लिए नगर निगम मंगलवार से पांच पीले रंग के कचरा वाहन चलाएगा। ईको ग्रीन कंपनी के माध्यम से शहर में 5 पीले रंग के वाहनों से सर्जीकल वेस्ट संकलित कर निर्धारित स्थल पर डेविस सर्जीकल कंपनी को उपलब्ध कराया जायेगा। यह काम सुबह 9 से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। यह जानकारी नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन ने दी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today No plan was made to settle Kovid West


प्रशासन ने कोरोना संक्रमित मरीजों के घरों से निकलने वाले कोविड वेस्ट (सिरिंज, ग्लब्स, पीपीई किट आदि) के निष्पादन के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड मार्च में गाइडलाइन जारी कर चुका है, लेकिन शहर में प्रशासन ने यह व्यवस्था नहीं बनाई है। जबकि इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और देवास जैसे शहरों में कोविड वेस्ट को इंसीनरेटर में जलाया जा रहा है। ग्वालियर में केवल अस्पतालों और क्वारेंटाइन सेंटरों से निकल रहे कोविड वेस्ट को निष्पादित किया जा रहा है। क्वारेंटाइन घरों से निकल रहे कोविड वेस्ट को नगर निगम की कचरा वाहन गाड़ी उठाकर ले जा रही है। जिससे अन्य कचरे के संक्रमित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। एक घर से प्रतिदिन 200 ग्राम कोविड वेस्ट का उत्सर्जन होता है।
लोगों ने बड़ी संख्या में मास्क खरीदे हैं। हैंड ग्लब्स और हेड मास्क कुछ ही दिनों में खराब हो जाते है। इस कारण लोग इन्हें कचरे में डाल देते हैं। यदि ग्लब्स और मास्क संक्रमित हुए तो निगम के सफाई कर्मचारी के संक्रमित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि शहर में लगभग 2 लाख से अधिक मास्क, 10 हजार से अधिक हैंड ग्लब्स और एक हजार से अधिक हेड कैप की बिक्री हुई है।
पीले रंग की पांच कचरा गाडिय़ां आज से उठाएंगी बायोमेडिकल वेस्ट : होम क्वारेंटाइन व्यक्तियों द्वारा उत्पन्न बायोमेडिकल वेस्ट के संग्रहण के लिए नगर निगम मंगलवार से पांच पीले रंग के कचरा वाहन चलाएगा। ईको ग्रीन कंपनी के माध्यम से शहर में 5 पीले रंग के वाहनों से सर्जीकल वेस्ट संकलित कर निर्धारित स्थल पर डेविस सर्जीकल कंपनी को उपलब्ध कराया जायेगा। यह काम सुबह 9 से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। यह जानकारी नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन ने दी।

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