(दीपेश शर्मा)शहर में सब्जियों और फलों की बिक्री प्रतिबंधित है। इसके बावजूद बाहर से इन्हें बेचने के लिए लाया जा रहा है। निगम और पुलिस करीब 20 टन सब्जियां-फल जब्त कर चिड़ियाघर भेज चुके हैं। फिर भी सब्जियां लाना बंद नहीं हो रहा है। इससे सवाल उठ रहा है कि आखिर शहर की सीमाएं सील होने के बावजूद सब्जियां कैसे लाई जा रही हैं? यह जानने के लिए भास्कर ने स्टिंग किया। इसमें खुलासा हुआ कि रात 11 से तीन बजे के बीच सब्जियां लाई जा रही हैं। व्यापारी सीमाओं पर तैनात पुलिसकर्मियों से सेटिंग कर यह काम कर रहे हैं। दिखावे के लिए एक-दो दिन में एक गाड़ी पकड़वा दी जाती है। बाकी शहर में आपूर्ति के लिए भेज दी जाती है।भास्कर ने रविवार रात शहर के चेकिंग पाॅइंट देखे। यहां पुलिसकर्मी तो मिले और बैरिकेड्स भी थे, लेकिन लोडिंग वाहन बिना जांच आ-जा रहे थे। निमाड़, सांवेर रोड, खंडवा रोड, मानपुर तरफ से सप्लाय इसके अलावा राजेंद्र नगर, राऊ चौराहा, तेजाजी नगर चौराहे और अन्य जगह पुलिस दो पहिया वाहन चालकों से तो पूछताछ कर रही थी लेकिन लोडिंग वाहनों को नहीं रोका। पिछले दिनों निगम की टीम ने सब्जी व्यापारी कालू बजाज को सब्जी बेचते दो बार पकड़ा था। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि इसके बाद भी तेजपुर गड़बड़ी के पास दो गाड़ियों में अदरक की सप्लाय इसी व्यापारी के नाम से हुई। इसके अलावा कई व्यापारी निमाड़, सांवेर रोड, खंडवा रोड, मानपुर की तरफ से शहर में सब्जियां सप्लाय कर रहे हैं। व्यापारियों ने थानेके स्टाफ से सेटिंग की है। बायपास पर अनलोडिंग, वहां से छोटी गाड़ियों में गोदाम भेजते हैं व्यापारियों ने बताया कि बायपास पर रात में सब्जियों की अनलोडिंग होती है। यहां से छोटी गाड़ियों में माल शहर में जाता है। इसके बाद बड़े व्यापारी गोदाम से सब्जियों को स्थानीय विक्रेताओं तक पहुंचा देते हैं। सिल्वर स्प्रिंग, सिंधी कॉलोनी, हीरा नगर, कुशवाह नगर, खड़े गणपति, सिलिकॉन सिटी, धार रोड ग्रीन पार्क कॉलोनी व अन्य क्षेत्रों में चोरी-छिपे सब्जियों की बिक्री हो रही है। इन्हीं क्षेत्रों में निगम टीम छापे मारकर ठेले व सामान जब्त कर रही है। बड़ा गणपति चौराहा : पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रोकने की जहमत तक नहीं उठाई बड़ा गणपति चौराहे पर रात में पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। वहां पुलिसकर्मी बैठे थे, जबकि काली टी-शर्ट पहने दो युवक खड़े थे। इस दौरान एक लोडिंग वाहन वहां से निकला। उसमें खाली कैरेट थे। सब्जी व्यापारियों ने बताया कि ऐसे ही कैरेट में सब्जियां भरकर लाई जाती हैं। भास्कर प्रतिनिधि ने गाड़ी का पीछा किया। पीछे बैठे व्यक्ति से पूछा कि कैरेट में क्या है? वह बोला कि किराना सामान ले जा रहे हैं। जब पूछा कि किराना सामान कब से कैरेट में आने लगा तो युवक ने ड्राइवर को बताया और उसने गाड़ी तेजी से सुभाष मार्ग तरफ गाड़ी भगा ली। राजेंद्र नगर रोड : बिना चेकिंग शहर में आ गई बोलेरा, ड्राइवर बोला- दवाइयां हैं राजेंद्र नगर रोड पर रात करीब 11.30 बजे भास्कर संवाददाता ने तिरपाल से ढंकी बोलेरो का पीछा किया। सब्जी व्यापारियों ने बताया था कि बोलेरो पिकअप वाहन में ही सब्जियां लाई जाती हैं। इस गाड़ी को रोककर पूछा तो ड्राइवर गोपाल घबरा गया। उससे पूछा कि गाड़ी में क्या सामान है? उसने बताया कि दवाइयां हैं। इतनी रात में दवाइयां कहां से ला रहा है तो बोला मुझे पास मिला है। इसके बाद वह तेजी से गाड़ी चलाते हुए महू नाका की तरफ चला गया। फसल खराब होने का कहकर सब्जियां तुड़वाते हैं किसान, फिर सप्लाय फसल खराब होने का हवाला देकर निमाड़ के किसान सब्जियों को तुड़वाने की अनुमति संबंधित एसडीएम से ले लेते हैं और फिर इन्हें इंदौर पहुंचा देते हैं। यहां पहले ही रात के समय दूसरी गाड़ियों में माल ट्रांसफर हो जाता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Bringing vegetables to the city from 11 to 3 pm after setting up the police, not even checking


(दीपेश शर्मा)शहर में सब्जियों और फलों की बिक्री प्रतिबंधित है। इसके बावजूद बाहर से इन्हें बेचने के लिए लाया जा रहा है। निगम और पुलिस करीब 20 टन सब्जियां-फल जब्त कर चिड़ियाघर भेज चुके हैं। फिर भी सब्जियां लाना बंद नहीं हो रहा है। इससे सवाल उठ रहा है कि आखिर शहर की सीमाएं सील होने के बावजूद सब्जियां कैसे लाई जा रही हैं? यह जानने के लिए भास्कर ने स्टिंग किया। इसमें खुलासा हुआ कि रात 11 से तीन बजे के बीच सब्जियां लाई जा रही हैं। व्यापारी सीमाओं पर तैनात पुलिसकर्मियों से सेटिंग कर यह काम कर रहे हैं। दिखावे के लिए एक-दो दिन में एक गाड़ी पकड़वा दी जाती है। बाकी शहर में आपूर्ति के लिए भेज दी जाती है।भास्कर ने रविवार रात शहर के चेकिंग पाॅइंट देखे। यहां पुलिसकर्मी तो मिले और बैरिकेड्स भी थे, लेकिन लोडिंग वाहन बिना जांच आ-जा रहे थे।
निमाड़, सांवेर रोड, खंडवा रोड, मानपुर तरफ से सप्लाय
इसके अलावा राजेंद्र नगर, राऊ चौराहा, तेजाजी नगर चौराहे और अन्य जगह पुलिस दो पहिया वाहन चालकों से तो पूछताछ कर रही थी लेकिन लोडिंग वाहनों को नहीं रोका। पिछले दिनों निगम की टीम ने सब्जी व्यापारी कालू बजाज को सब्जी बेचते दो बार पकड़ा था। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि इसके बाद भी तेजपुर गड़बड़ी के पास दो गाड़ियों में अदरक की सप्लाय इसी व्यापारी के नाम से हुई। इसके अलावा कई व्यापारी निमाड़, सांवेर रोड, खंडवा रोड, मानपुर की तरफ से शहर में सब्जियां सप्लाय कर रहे हैं। व्यापारियों ने थानेके स्टाफ से सेटिंग की है।
बायपास पर अनलोडिंग, वहां से छोटी गाड़ियों में गोदाम भेजते हैं
व्यापारियों ने बताया कि बायपास पर रात में सब्जियों की अनलोडिंग होती है। यहां से छोटी गाड़ियों में माल शहर में जाता है। इसके बाद बड़े व्यापारी गोदाम से सब्जियों को स्थानीय विक्रेताओं तक पहुंचा देते हैं। सिल्वर स्प्रिंग, सिंधी कॉलोनी, हीरा नगर, कुशवाह नगर, खड़े गणपति, सिलिकॉन सिटी, धार रोड ग्रीन पार्क कॉलोनी व अन्य क्षेत्रों में चोरी-छिपे सब्जियों की बिक्री हो रही है। इन्हीं क्षेत्रों में निगम टीम छापे मारकर ठेले व सामान जब्त कर रही है।

बड़ा गणपति चौराहा : पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रोकने की जहमत तक नहीं उठाई

बड़ा गणपति चौराहे पर रात में पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। वहां पुलिसकर्मी बैठे थे, जबकि काली टी-शर्ट पहने दो युवक खड़े थे। इस दौरान एक लोडिंग वाहन वहां से निकला। उसमें खाली कैरेट थे। सब्जी व्यापारियों ने बताया कि ऐसे ही कैरेट में सब्जियां भरकर लाई जाती हैं। भास्कर प्रतिनिधि ने गाड़ी का पीछा किया। पीछे बैठे व्यक्ति से पूछा कि कैरेट में क्या है? वह बोला कि किराना सामान ले जा रहे हैं। जब पूछा कि किराना सामान कब से कैरेट में आने लगा तो युवक ने ड्राइवर को बताया और उसने गाड़ी तेजी से सुभाष मार्ग तरफ गाड़ी भगा ली।

राजेंद्र नगर रोड : बिना चेकिंग शहर में आ गई बोलेरा, ड्राइवर बोला- दवाइयां हैं

राजेंद्र नगर रोड पर रात करीब 11.30 बजे भास्कर संवाददाता ने तिरपाल से ढंकी बोलेरो का पीछा किया। सब्जी व्यापारियों ने बताया था कि बोलेरो पिकअप वाहन में ही सब्जियां लाई जाती हैं। इस गाड़ी को रोककर पूछा तो ड्राइवर गोपाल घबरा गया। उससे पूछा कि गाड़ी में क्या सामान है? उसने बताया कि दवाइयां हैं। इतनी रात में दवाइयां कहां से ला रहा है तो बोला मुझे पास मिला है। इसके बाद वह तेजी से गाड़ी चलाते हुए महू नाका की तरफ चला गया।

फसल खराब होने का कहकर सब्जियां तुड़वाते हैं किसान, फिर सप्लाय

फसल खराब होने का हवाला देकर निमाड़ के किसान सब्जियों को तुड़वाने की अनुमति संबंधित एसडीएम से ले लेते हैं और फिर इन्हें इंदौर पहुंचा देते हैं। यहां पहले ही रात के समय दूसरी गाड़ियों में माल ट्रांसफर हो जाता है।



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Bringing vegetables to the city from 11 to 3 pm after setting up the police, not even checking


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