महाराष्ट्र के जालना से उत्तर प्रदेश के इलाहबाद तक 1345 किलाेमीटर दूर अपने घर तक जाने के लिए 16 मजदूर पांच दिन पहले पैदल निकले। दाे दिन पैदल चलने के बाद तकलीफ हुई ताे सभी ने रास्तें में साइकिल खरीदी। इसकी के सहारे बुधवार काे ये मजदूर खंडवा आए। निगम द्वारा संचालित दीनदयाल रसाेई में भाेजन करने के बाद मजदूर पास ही स्थित पं.माखनलाल चतुर्वेदी बस स्टैंड पहुंच गए। यहां उन्हाेंने कहा कि किसी तरह रीवा तक जाने का साधन मिल जाए ताे आगे की यात्रा हम पैदल या साइकिल से ही पूरी कर लेंगे। संताेष कुमार, माेनु कुमार, संजय कुमार सहित अन्य लाेगाें ने कहा कि बहुत लंबा सफर है। पहली बार राेज 75 से 100 किलाेमीटर तक साइकिल चला रहे हैं। तेज धूप में साइकिल चलना बहुत मुश्किलभरा काम है इसके बावजूद घर जाने के लिए तमाम चुनाैतियाें का सामना कर रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1345 km from Jalna, set foot on foot for Allahabad, bought a bicycle.


महाराष्ट्र के जालना से उत्तर प्रदेश के इलाहबाद तक 1345 किलाेमीटर दूर अपने घर तक जाने के लिए 16 मजदूर पांच दिन पहले पैदल निकले। दाे दिन पैदल चलने के बाद तकलीफ हुई ताे सभी ने रास्तें में साइकिल खरीदी। इसकी के सहारे बुधवार काे ये मजदूर खंडवा आए। निगम द्वारा संचालित दीनदयाल रसाेई में भाेजन करने के बाद मजदूर पास ही स्थित पं.माखनलाल चतुर्वेदी बस स्टैंड पहुंच गए। यहां उन्हाेंने कहा कि किसी तरह रीवा तक जाने का साधन मिल जाए ताे आगे की यात्रा हम पैदल या साइकिल से ही पूरी कर लेंगे। संताेष कुमार, माेनु कुमार, संजय कुमार सहित अन्य लाेगाें ने कहा कि बहुत लंबा सफर है। पहली बार राेज 75 से 100 किलाेमीटर तक साइकिल चला रहे हैं। तेज धूप में साइकिल चलना बहुत मुश्किलभरा काम है इसके बावजूद घर जाने के लिए तमाम चुनाैतियाें का सामना कर रहे हैं।



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