पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया इंदौर में थे। ऐसे में चर्चा चली कि सिंधिया से पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल की मुलाकात हो सकती है। वे कांग्रेस छोड़ भाजपा में जा सकते हैं। इसके तत्काल बाद कांग्रेस नेताओं ने उनको निगरानी में रखा और रघु परमार उन्हें इंदौर से बाहर ले गए। हालांकि कांग्रेस और खुद पटेल ने इससे साफ इनकार किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा- 15 अगस्त को गांधी भवन में हुए आयोजन में भी पटेल शामिल हुए। वे मांधाता के प्रभारी हैं, वहां पर पहले से ही बैठक तय थी। उन्हें वहां जाना था। मान्धाता के लिए बनाई कमेटी में परमार भी शामिल हैं, इसलिए वे दोनों साथ गए। वहीं, पटेल ने साफ किया कि वे जहां हैं, वहीं रहेंगे। कोई भी शख्सियत आ जाए, वे पार्टी कभी नहीं छोड़ेंगे। मैं मांधाता का प्रभारी हूं, वहां बैठक में शामिल होने गया था।
कोरोना प्रोटोकॉल तोड़ने पर जेल हुई, रिहा होते ही निकाली रैली फिर दोहराई वही गलती
भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को काले झंडे दिखाने जा रहे कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे, राजू भदौरिया सहित अन्य समर्थकों की सोमवार को हुई गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को रिहा किया गया। इस दौरान सेंट्रल जेल से मिल क्षेत्र तक उनके समर्थक जुलूस के रूप में ले आए। गाड़ियों में भी भारी भीड़ रही, वहीं सोशल डिस्टेंस की धज्जियां भी उड़ाई। रास्ते में इस वजह से लोग भी परेशान हुए। जेल के बाहर भी जमा हुई भीड़।
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