प्रभातपट्‌टन मार्ग के किनारे स्थित सूर्यनारायण सरोवर पानी से लबालब हो चुका है। सरोवर में पानी संग्रहित होने के साथ पिचिंग से रिसाव भी शुरू हो चुका है। जिससे बारिश के बाद सरोवर का जलस्तर कम हो जाएगा। नगर के भूमिगत जलस्तर को बढ़ाने के लिए प्रभातपट्‌टन मार्ग के किनारे सूर्यनारायण सरोवर बनाया है। ताप्ती सरोवर के गहरीकरण के दौरान निकली मिट्‌टी से सूर्यनारायण सरोवर का निर्माण किया गया। उस समय ताप्ती सरोवर से निकली मिट्‌टी को डंप कर सूर्यनारायण सरोवर बनाया गया था। सूर्यनारायण सरोवर का निर्माण तकनीकी मापदंडों से नहीं हुआ है। जिससे हर साल बारिश में सूर्यनारायण सरोवर में पानी संग्रहित तो होता है, सरोवर की पिचिंग से लगातार पानी का रिसाव होने से बारिश के बाद पानी की आवक नहीं होने पर जलस्तर कम होने लगता है। तेजी से जल स्तर कम होने के चलते फरवरी-मार्च महीने में सूर्यनारायण सरोवर पूरी तरह से सूख जाता है। जिससे नगर पालिका और नगरवासियों ने जिस उद्देश्य को लेकर सूर्यनारायण सरोवर का निर्माण किया था, वह पूरा नहीं हो रहा है। हालांकि जब तक सूर्यनारायण सरोवर में पानी रहता है, तब तक आसपास के ट्यूबवेल और कुओं का जल स्तर बना रहता है। इसी प्रकार बिरुल बाजार रोड के किनारे स्थित तालाब का भी निर्माण तकनीकी मापदंड से नहीं होने से यह भी अनुपयोगी साबित हो रहा है। नगरवासियों ने सूर्यनारायण सरोवर और बिरुल बाजार रोड के किनारे स्थित तालाब को व्यवस्थित करने की मांग की है। सरोवर के सौंदर्यीकरण की लंबे समय से मांग उठ रही सूर्यनारायण सरोवर और बिरुल बाजार रोड के किनारे स्थित तालाब को व्यवस्थित कर इसके सौंदर्यीकरण की मांग लंबे समय से उठ रही है। सूर्यनारायण सरोवर और बिरुल बाजार रोड के किनारे स्थित तालाब पर घाटों का निर्माण होने से लोगों को कपड़े धोने सहित अन्य कार्यों के लिए पानी मिल जाएगा। सूर्यनारायण सरोवर और बिरुल बाजार रोड के किनारे स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण और घाट बनने पर यहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा सकता है। वर्तमान में प्रतिमाओं के विसर्जन 8 किमी दूर छिंदवाड़ा हाईवे के किनारे स्थित बुकाखेड़ी डैम पर किया जाता है। सूर्यनारायण सरोवर के आसपास दोबारा होने लगी गंदगी सूर्यनारायण सरोवर के सामने खाली जमीन पर लोग कचरा और गंदगी फैलाते थे। नगर पालिका ने सरोवर के सामने खाली जमीन की सफाई कर फेंसिंग कर दी है। जिससे सरोवर के सामने लोगों ने कचरा फेंकना बंद कर दिया है। नगर पालिका ने सूर्यनारायण सरोवर के सामने पौधरोपण कर सौंदर्यीकरण की योजना भी बनाई है। सरोवर के दोनों ओर लोग अब गंदगी और कचरा डालने लगे हैं। नगर पालिका ने लोगों को गंदगी और कचरा नहीं डालने की समझाइश भी दी है। इसके बाद भी लोग यहां कचरा फेंक रहे हैं। जिससे कचरा सरोवर में भी जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Suryanarayan lake from water becomes heavy, water level will be reduced due to leakage from pitching


प्रभातपट्‌टन मार्ग के किनारे स्थित सूर्यनारायण सरोवर पानी से लबालब हो चुका है। सरोवर में पानी संग्रहित होने के साथ पिचिंग से रिसाव भी शुरू हो चुका है। जिससे बारिश के बाद सरोवर का जलस्तर कम हो जाएगा। नगर के भूमिगत जलस्तर को बढ़ाने के लिए प्रभातपट्‌टन मार्ग के किनारे सूर्यनारायण सरोवर बनाया है। ताप्ती सरोवर के गहरीकरण के दौरान निकली मिट्‌टी से सूर्यनारायण सरोवर का निर्माण किया गया। उस समय ताप्ती सरोवर से निकली मिट्‌टी को डंप कर सूर्यनारायण सरोवर बनाया गया था। सूर्यनारायण सरोवर का निर्माण तकनीकी मापदंडों से नहीं हुआ है।

जिससे हर साल बारिश में सूर्यनारायण सरोवर में पानी संग्रहित तो होता है, सरोवर की पिचिंग से लगातार पानी का रिसाव होने से बारिश के बाद पानी की आवक नहीं होने पर जलस्तर कम होने लगता है। तेजी से जल स्तर कम होने के चलते फरवरी-मार्च महीने में सूर्यनारायण सरोवर पूरी तरह से सूख जाता है। जिससे नगर पालिका और नगरवासियों ने जिस उद्देश्य को लेकर सूर्यनारायण सरोवर का निर्माण किया था, वह पूरा नहीं हो रहा है। हालांकि जब तक सूर्यनारायण सरोवर में पानी रहता है, तब तक आसपास के ट्यूबवेल और कुओं का जल स्तर बना रहता है। इसी प्रकार बिरुल बाजार रोड के किनारे स्थित तालाब का भी निर्माण तकनीकी मापदंड से नहीं होने से यह भी अनुपयोगी साबित हो रहा है। नगरवासियों ने सूर्यनारायण सरोवर और बिरुल बाजार रोड के किनारे स्थित तालाब को व्यवस्थित करने की मांग की है।

सरोवर के सौंदर्यीकरण की लंबे समय से मांग उठ रही
सूर्यनारायण सरोवर और बिरुल बाजार रोड के किनारे स्थित तालाब को व्यवस्थित कर इसके सौंदर्यीकरण की मांग लंबे समय से उठ रही है। सूर्यनारायण सरोवर और बिरुल बाजार रोड के किनारे स्थित तालाब पर घाटों का निर्माण होने से लोगों को कपड़े धोने सहित अन्य कार्यों के लिए पानी मिल जाएगा। सूर्यनारायण सरोवर और बिरुल बाजार रोड के किनारे स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण और घाट बनने पर यहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा सकता है। वर्तमान में प्रतिमाओं के विसर्जन 8 किमी दूर छिंदवाड़ा हाईवे के किनारे स्थित बुकाखेड़ी डैम पर किया जाता है।

सूर्यनारायण सरोवर के आसपास दोबारा होने लगी गंदगी
सूर्यनारायण सरोवर के सामने खाली जमीन पर लोग कचरा और गंदगी फैलाते थे। नगर पालिका ने सरोवर के सामने खाली जमीन की सफाई कर फेंसिंग कर दी है। जिससे सरोवर के सामने लोगों ने कचरा फेंकना बंद कर दिया है। नगर पालिका ने सूर्यनारायण सरोवर के सामने पौधरोपण कर सौंदर्यीकरण की योजना भी बनाई है। सरोवर के दोनों ओर लोग अब गंदगी और कचरा डालने लगे हैं। नगर पालिका ने लोगों को गंदगी और कचरा नहीं डालने की समझाइश भी दी है। इसके बाद भी लोग यहां कचरा फेंक रहे हैं। जिससे कचरा सरोवर में भी जा रहा है।



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Suryanarayan lake from water becomes heavy, water level will be reduced due to leakage from pitching


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