मनोरमागंज में रहने वाले रिटायर्ड इंजीनियर अजय शाह आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं के करीबी थे। इनके पास आसाराम के ट्रस्ट की कई संपत्ति का पावर भी था। दुष्कर्म के मामले में आसाराम और नारायण साईं जब फरार थे तो गुजरात पुलिस पनाह देने के मामले में अजय शाह की भी तलाश कर रही थी। वहीं अजय की हत्या का पांचवां आरोपी हर्ष अभी भी फरार है। उसकी तलाश में पलासिया की एक टीम मंदसौर भेजी गई है। इसके अलावा पुलिस अब तक अजय को बंधक बनाकर मारने और उनसे कोरे स्टाम्प व कागज पर हस्ताक्षर कराने के सबूत नहीं जुटा पाई है।
पलासिया टीआई विनोद दीक्षित ने बताया कि आसाराम के अहमदाबाद आश्रम में अजय शाह का काफी दखल था। आसाराम उन पर अंधा विश्वास करते थे। इससे कई ट्रस्टी उनसे नाराज रहते थे। अरबों के ट्रस्ट की संपत्ति की पावर भी अजय के पास थी। कई संपत्ति में ट्रस्ट की ओर से अजय शाह ही मुख्य पावर लेकर बैठे थे। मालूम हो कि इस हत्याकांड में अब तक मुख्य आरोपी भय्यू उर्फ विवेक सोनकर, नीलेश बौरासी, प्रफुल्ल शर्मा और आशीष पकड़े जा चुके हैं। केयर टेकर शीतल व आरोपियों का मोबाइल भी ढूंढा जा रहा है।
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