श्रीचिंतामन सिद्ध गणेश मंदिर पर इस बार भी विधि विधान से गणेशोत्सव मनाया जाएगा लेकिन भक्तों को दूर से दर्शन करने होंगे। मंदिर को विद्युत साज-सज्जा से सजाया गया है। पं. पृथ्वी बल्लभ दुबे और पं. हेमंत बल्लभ दुबे ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते उत्सव तथा दर्शन के लिए नियमों के अनुसार कई फेर बदल किए गए हैं। इस बार गणेश चतुर्थी 22 अगस्त को सुबह 4 बजे होने वाले सामूहिक अभिषेक में श्रद्धालु शामिल नहीं हो सकेंगे।नहीं लगेगा इस बार मेला : कोरोना के कारण इस बार दस दिवसीय मेला भी नहीं लग सकेगा। मेला, जुलूस सभा आदि पर शासन का प्रतिबंध होने से यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन के नियमानुसार ही भक्तों को दर्शन कराए जा सकेंगे। दर्शन की कतार में शारीरिक दूरी रखना होगी। सभा भवन का द्वार से ही दर्शन हो सकेंगे। सुबह 8 से रात 8 बजे तक ही गणेश जी के दर्शन किए जा सकेंगे।गोशालाओं में गायों के गोबर से बनेगी गणेश प्रतिमाएं : जिले में चल रही गोशालाओं के संचालन का जिम्मा शासन ने स्व सहायता समूहों को दे दिया गया है। स्व सहायता समूह की महिलाएं इन गोशालाओं की गायों के गोबर से गणेश प्रतिमाएं बना रही हैं।
ये भी रहेगा प्रतिबंधितमंदिर में घंटा बजाना, रेलिंग को छूना, प्रसाद, नारियल, फूलमाला चढ़ाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर से किसी प्रकार का प्रसाद वितरण किया जाएगा। सभी दर्शनार्थी मास्क लगाकर ही प्रवेश कर पाएंगे। जूते-चप्पल परिसर से दूर वाहनों में पार्किंग क्षेत्र में स्वयं ही रखने होंगे। मंदिर परिसर में दर्शन की कतार में शारीरिक दूरी बनाकर रखना होगी।
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