पिछले कुछ दिनों से थमी बारिश के कारण किसान चिंता में थे। लेकिन दो दिनों से रुक-रुककर हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। फसलों की बढ़वार शुरू हो गई है तो किसानों को भी अब नुकसान का अंदेशा नहीं है। गुरुवार को 8.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह भी पानी बरसा। यह बारिश फसलों के लिए अमृत बनकर बरसी है। हालांकि अब भी जैसी बारिश की जरूरत है वैसी नहीं हो रही है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके त्रिपाठी ने बताया अब तक शहर में 233.8 मिमी बारिश हो चुकी है। आने वाले दिनों में मध्यम बारिश की संभावना है। तेज बारिश के लिए अभी इंतजार करना होगा। ग्राम मोजीपाड़ा के किसान मुनसिंह ने बताया उसने 4 बीघा में मक्का और सोयाबीन की बोवनी की है। लेकिन वर्ष नहीं होने से फसल सूखने की स्थिति में आ गई थी। समय रहते बारिश होने से फसल को जीवनदान मिल गया है। ग्राम चारोलीपाड़ा के कृषक मन्नू भूरिया ने अपने घर के आगे के हिस्से में ही मक्का लगाई थी। लेकिन बारिश के अलावा सिंचाई के लिए कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण फसल की वृद्धि रुक गई थी। बारिश नहीं होती तो नुकसान उठाना पड़ता। लेकिन अब बारिश के बाद राहत मिली है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


पिछले कुछ दिनों से थमी बारिश के कारण किसान चिंता में थे। लेकिन दो दिनों से रुक-रुककर हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। फसलों की बढ़वार शुरू हो गई है तो किसानों को भी अब नुकसान का अंदेशा नहीं है।

गुरुवार को 8.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह भी पानी बरसा। यह बारिश फसलों के लिए अमृत बनकर बरसी है। हालांकि अब भी जैसी बारिश की जरूरत है वैसी नहीं हो रही है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके त्रिपाठी ने बताया अब तक शहर में 233.8 मिमी बारिश हो चुकी है। आने वाले दिनों में मध्यम बारिश की संभावना है। तेज बारिश के लिए अभी इंतजार करना होगा।

ग्राम मोजीपाड़ा के किसान मुनसिंह ने बताया उसने 4 बीघा में मक्का और सोयाबीन की बोवनी की है। लेकिन वर्ष नहीं होने से फसल सूखने की स्थिति में आ गई थी। समय रहते बारिश होने से फसल को जीवनदान मिल गया है। ग्राम चारोलीपाड़ा के कृषक मन्नू भूरिया ने अपने घर के आगे के हिस्से में ही मक्का लगाई थी। लेकिन बारिश के अलावा सिंचाई के लिए कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण फसल की वृद्धि रुक गई थी। बारिश नहीं होती तो नुकसान उठाना पड़ता। लेकिन अब बारिश के बाद राहत मिली है।



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