देश-दुनिया और शहर कोविड -19 के संक्रमण में है। कोरोना के खिलाफ जंग में डॉक्टर, हैल्थ वर्कर, पुलिस तथा प्रशासन का अमला दिन-रात जुटा हुआ है। इस लड़ाई में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके लिए राष्ट्र धर्म और सामाजिक सेवा सर्वोपरि है। बेसहारों को छाँव, भूखों को रोटी और हर तरह की मदद पहुँचाना जिनके जीवन का मकसद बन गया है। हम साझा कर रहे हैं ऐसे ही कुछ कोरोना वॉरियर्स की कहानी और तजुर्बे…। समाज का वह आखिरी व्यक्ति, जिसकी दुनिया दो वक्त की रोटी जुगाड़ने में ही सिमटी हो। हम ऐसे ही लोगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यही हमारे संगठन का मकसद है और हमारा संकल्प भी। इसलिए हमने मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना जैसे सेवाभावी संगठन का सेवक बनना स्वीकार किया है। जब कोरोना का संक्रमण काल नहीं था, तब भी हम दीनों के लिए दीनदयाल रसोई जैसी व्यवस्था में जुटे हुए थे और अब इस नाजुक वक्त में हमारा दायरा और बढ़ गया है। लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही मैंने अपने साथियों बाबा श्रीवास्तव, लालू श्रीवास्तव, अश्विनी सोनकर, आशीष राव, शिवम तिवारी के साथ मिलकर ऐसी रणनीति तैयार की है कि शहर में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसके लिए दो टीमें बनाकर काम किया। पहली टीम का काम सुबह से ही भोजन व्यवस्था में जुटना और समय पर भोजन तैयार कराना है। दूसरी टीम भोजन के पैकेट तैयार कर जरूरतमंदों तक पहुँचाती है। हमने 34 दिनोंमें 70,000 हजार लोगों तक भोजन पहुँचाया। इसके अतिरिक्त सांसद राकेश सिंह और विधायक अशोक रोहाणी की हैल्प लाइन में जो भी रिक्वायरमेंट आती है, वहाँ 2000 अनाज के पैकेटों का वितरण अलग से किया जाता है। साथी बने हमारी ताकत- शहर के हर कोने तक समय पर भोजन पहुँचा पाना हमारे अकेले के बस की बात नहीं थी। साथियों के सहयोग के बिना मानव सेवा का यह संकल्प कर पाना संभव नहीं था। इस दौरान सिविल लाइन में राणा मैडम, सदर पेंटीनाका में आरती ठाकुर, रामपुर यादव मोहल्ला में रजनीश यादव, ग्वारीघाटमें अखिलेश तिवारी, ललपुर में मेहर यादव, लक्ष्मी काॅलोनी व इंद्रा बस्ती में शुभम अवस्थी, अधारताल में आकाश रजक, रोहित सेन, दशरथ पिल्ले, रेलवे में बाबाजी, गोकलपुर में वंदना सिंह, पुनीत यादव, आजाद नगर में मोहन कोरी, बैद्यनाथन नगर में विपिन नारौलिया, रांझी में पुष्पराज, सुनील रजक, राजेन्द्र सूर्यवंशी, उदयनगर में प्रेम लाल रैदास, व्हीएफजे सर्वेन्ट क्वार्टर में रंजीत चौरसिया, उदयनगर और शोभापुर में सोनू स्वामी, कंचनपुर में राहुल, सदर 1 नंबर वार्ड में विनेश राव, यादव कॉलोनी, देवरस बस्ती संजय नगर में आशीष सेन, गेट नंबर 4 में सूरज, अमखेरा में वाहिद सहित हाईकोर्ट क्षेत्र व श्रमिकों को भोजन वितरण की व्यवस्था अश्विनी सोनकर ने सँभाली। इस सेवा कार्य में हमारे युवा साथी आकाश लिंगम, राजू चौधरी, संजू अन्ना, सोनू स्वामी, विक्की, आशीष सेन, शुभम अवस्थी, अमित केवट, साहिल विश्वकर्मा, गोलू पटेल, राजा जैसवाल, अनिल विश्वकर्मा का भी विशेष सहयोग रहा। सोनू बचवानी, प्रदेश उपाध्यक्ष, मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना प्रकोष्ठ Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Things related to them, for which nationalism and social service are paramount


देश-दुनिया और शहर कोविड -19 के संक्रमण में है। कोरोना के खिलाफ जंग में डॉक्टर, हैल्थ वर्कर, पुलिस तथा प्रशासन का अमला दिन-रात जुटा हुआ है। इस लड़ाई में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके लिए राष्ट्र धर्म और सामाजिक सेवा सर्वोपरि है। बेसहारों को छाँव, भूखों को रोटी और हर तरह की मदद पहुँचाना जिनके जीवन का मकसद बन गया है। हम साझा कर रहे हैं ऐसे ही कुछ कोरोना वॉरियर्स की कहानी और तजुर्बे…।

समाज का वह आखिरी व्यक्ति, जिसकी दुनिया दो वक्त की रोटी जुगाड़ने में ही सिमटी हो। हम ऐसे ही लोगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यही हमारे संगठन का मकसद है और हमारा संकल्प भी। इसलिए हमने मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना जैसे सेवाभावी संगठन का सेवक बनना स्वीकार किया है। जब कोरोना का संक्रमण काल नहीं था, तब भी हम दीनों के लिए दीनदयाल रसोई जैसी व्यवस्था में जुटे हुए थे और अब इस नाजुक वक्त में हमारा दायरा और बढ़ गया है। लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही मैंने अपने साथियों बाबा श्रीवास्तव, लालू श्रीवास्तव, अश्विनी सोनकर, आशीष राव, शिवम तिवारी के साथ मिलकर ऐसी रणनीति तैयार की है कि शहर में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसके लिए दो टीमें बनाकर काम किया। पहली टीम का काम सुबह से ही भोजन व्यवस्था में जुटना और समय पर भोजन तैयार कराना है। दूसरी टीम भोजन के पैकेट तैयार कर जरूरतमंदों तक पहुँचाती है। हमने 34 दिनोंमें 70,000 हजार लोगों तक भोजन पहुँचाया। इसके अतिरिक्त सांसद राकेश सिंह और विधायक अशोक रोहाणी की हैल्प लाइन में जो भी रिक्वायरमेंट आती है, वहाँ 2000 अनाज के पैकेटों का वितरण अलग से किया जाता है।
साथी बने हमारी ताकत- शहर के हर कोने तक समय पर भोजन पहुँचा पाना हमारे अकेले के बस की बात नहीं थी। साथियों के सहयोग के बिना मानव सेवा का यह संकल्प कर पाना संभव नहीं था। इस दौरान सिविल लाइन में राणा मैडम, सदर पेंटीनाका में आरती ठाकुर, रामपुर यादव मोहल्ला में रजनीश यादव, ग्वारीघाटमें अखिलेश तिवारी, ललपुर में मेहर यादव, लक्ष्मी काॅलोनी व इंद्रा बस्ती में शुभम अवस्थी, अधारताल में आकाश रजक, रोहित सेन, दशरथ पिल्ले, रेलवे में बाबाजी, गोकलपुर में वंदना सिंह, पुनीत यादव, आजाद नगर में मोहन कोरी, बैद्यनाथन नगर में विपिन नारौलिया, रांझी में पुष्पराज, सुनील रजक, राजेन्द्र सूर्यवंशी, उदयनगर में प्रेम लाल रैदास, व्हीएफजे सर्वेन्ट क्वार्टर में रंजीत चौरसिया, उदयनगर और शोभापुर में सोनू स्वामी, कंचनपुर में राहुल, सदर 1 नंबर वार्ड में विनेश राव, यादव कॉलोनी, देवरस बस्ती संजय नगर में आशीष सेन, गेट नंबर 4 में सूरज, अमखेरा में वाहिद सहित हाईकोर्ट क्षेत्र व श्रमिकों को भोजन वितरण की व्यवस्था अश्विनी सोनकर ने सँभाली। इस सेवा कार्य में हमारे युवा साथी आकाश लिंगम, राजू चौधरी, संजू अन्ना, सोनू स्वामी, विक्की, आशीष सेन, शुभम अवस्थी, अमित केवट, साहिल विश्वकर्मा, गोलू पटेल, राजा जैसवाल, अनिल विश्वकर्मा का भी विशेष सहयोग रहा।
सोनू बचवानी, प्रदेश उपाध्यक्ष,
मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना प्रकोष्ठ



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Things related to them, for which nationalism and social service are paramount


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3bWKtuz
via IFTTT

No comments:

Post a Comment