आषाढ़ अमावस्या 21 जून रविवार को सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। ग्रहण सुबह करीब 10.18 बजे शुरू होगा, मध्यकाल 12.10 बजे होगा तथा समाप्ति दोपहर 2.02 तक रहेगी। पं. रोहित दुबे ने बताया कि सूर्य ग्रहण बुध की मिथुन राशि में पड़ रहा है। मृगशिरा नक्षत्र और आर्द्रा नक्षत्र इसमें संलग्न होंगे। आद्रा नक्षत्र भी मूल नक्षत्र का ही साथी है, रुद्र उसके देवता हैं। मृगशिरा नक्षत्र में सूर्य का होना थोड़ा राहत की बात तो नहीं कह सकते, लेकिन कम से कम ये दर्शाता है कि कोई नई बीमारी नहीं आने वाली है। मृगशिरा नक्षत्र के देवता सोम हैं। सोम यानी चंद्र, सोम को हमारे जीवन में एक ऐसा तत्व भी बताया जाता है जो हर बीमारी से बचाता है। मंत्र जाप का लाख गुना फल- पं. वासुदेव शास्त्री ने बताया कि ग्रहण के समय मंत्र जाप करने से उसका कई गुना ज्यादा फल मिलता है। अगर आप कोई मंत्र सिद्ध करना चाहते हैं तो ये बहुत ही अच्छा वक्त है। इस बार सूर्य ग्रहण सूर्य के दिन रविवार को पड़ रहा है। सूतक काल में क्या करें, क्या न करें पं. राजकुमार शर्मा शास्त्री ने बताया कि ग्रहण सूतक काल में कुछ खाना-पीना नहीं चाहिए। सूतक से पहले भोजन ग्रहण कर लें। सुबह उठकर ग्रहण से पहले स्नान कर लें। इसके बाद ध्यान-साधना आरंभ करें। सोते भी नहीं हैं। इस ग्रहण का असर आने वाले कुछ महीनों तक रहेगा। कम से कम छह-सात महीनों तक ग्रहण का असर बना रहेगा। मंदिरों के पट बंद सूर्य ग्रहण के चलते शनिवार की रात से ही मंदिरों के पट बंद हो गए हैं। अब पट रविवार को सूर्य ग्रहण के समाप्ति होने के बाद खुलेंगे तथा भक्त गण भगवान के दर्शन कर पाएँगे। किस राशि पर क्या प्रभाव मेष - लाभ मिलेगा, ग्रहणकाल के बाद गंगाजल पी लें। वृषभ - धन की हानि हो सकती है, एक नारियल दान कर दें। मिथुन - सावधान रहें, सूर्य के मंत्रों का जाप करें और तुलसी जी के समक्ष दीपक जलाएँ। कर्क - चिंता बढ़ेगी, गंगा जल से स्नान के बाद दही और हल्दी का तिलक लगा लें। सिंह - धन लाभ, कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है। जल में गुड़ डालकर सूर्य को चढ़ा दें। कन्या - रोग, कष्ट का भय, काम धंधे में रुकावट। लाल रंग के बीज डालकर सूर्य को जल चढ़ाएँ। तुला - संतान के प्रति सावधान रहें, ग्रहण के बाद संतान के सिर के ऊपर से गुड़ घुमाकर किसी को दान कर दें। वृश्चिक - नौकरी या व्यापार के अवसर मिलेंगे, परेशानियाँ दूर होंगी। नारंगी रंग के वस्त्र पहनें। धनु - वाहन सुख, यात्रा का योग, अधूरे काम बनेंगे, नारियल मंदिर में दान करें। मकर - चिंता बढ़ेगी, तांबे का एक कड़ा पहन लें और तांबे के लोटे से पानी पिएँ। कुंभ - खर्चों में बढ़ोत्तरी, परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। दही-हल्दी मिलाकर लाल टीका लगाएँ। मीन - काम बनेंगे, जो भी मेहनत करेंगे उसका फल मिलेगा, सूर्य के मंत्रों का जाप करें। पी-3 Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Mercury's Gemini eclipse will have 3.44 hours today


आषाढ़ अमावस्या 21 जून रविवार को सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। ग्रहण सुबह करीब 10.18 बजे शुरू होगा, मध्यकाल 12.10 बजे होगा तथा समाप्ति दोपहर 2.02 तक रहेगी। पं. रोहित दुबे ने बताया कि सूर्य ग्रहण बुध की मिथुन राशि में पड़ रहा है। मृगशिरा नक्षत्र और आर्द्रा नक्षत्र इसमें संलग्न होंगे। आद्रा नक्षत्र भी मूल नक्षत्र का ही साथी है, रुद्र उसके देवता हैं। मृगशिरा नक्षत्र में सूर्य का होना थोड़ा राहत की बात तो नहीं कह सकते, लेकिन कम से कम ये दर्शाता है कि कोई नई बीमारी नहीं आने वाली है। मृगशिरा नक्षत्र के देवता सोम हैं। सोम यानी चंद्र, सोम को हमारे जीवन में एक ऐसा तत्व भी बताया जाता है जो हर बीमारी से बचाता है।
मंत्र जाप का लाख गुना फल- पं. वासुदेव शास्त्री ने बताया कि ग्रहण के समय मंत्र जाप करने से उसका कई गुना ज्यादा फल मिलता है। अगर आप कोई मंत्र सिद्ध करना चाहते हैं तो ये बहुत ही अच्छा वक्त है। इस बार सूर्य ग्रहण सूर्य के दिन रविवार को पड़ रहा है।
सूतक काल में क्या करें, क्या न करें
पं. राजकुमार शर्मा शास्त्री ने बताया कि ग्रहण सूतक काल में कुछ खाना-पीना नहीं चाहिए। सूतक से पहले भोजन ग्रहण कर लें। सुबह उठकर ग्रहण से पहले स्नान कर लें। इसके बाद ध्यान-साधना आरंभ करें। सोते भी नहीं हैं। इस ग्रहण का असर आने वाले कुछ महीनों तक रहेगा। कम से कम छह-सात महीनों तक ग्रहण का असर बना रहेगा।
मंदिरों के पट बंद
सूर्य ग्रहण के चलते शनिवार की रात से ही मंदिरों के पट बंद हो गए हैं। अब पट रविवार को सूर्य ग्रहण के समाप्ति होने के बाद खुलेंगे तथा भक्त गण भगवान के दर्शन कर पाएँगे।

किस राशि पर क्या प्रभाव

मेष - लाभ मिलेगा, ग्रहणकाल के बाद गंगाजल पी लें।
वृषभ - धन की हानि हो सकती है, एक नारियल दान कर दें।
मिथुन - सावधान रहें, सूर्य के मंत्रों का जाप करें और तुलसी जी के समक्ष दीपक जलाएँ।
कर्क - चिंता बढ़ेगी, गंगा जल से स्नान के बाद दही और हल्दी का तिलक लगा लें।
सिंह - धन लाभ, कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है। जल में गुड़ डालकर सूर्य को चढ़ा दें।
कन्या - रोग, कष्ट का भय, काम धंधे में रुकावट। लाल रंग के बीज डालकर सूर्य को जल चढ़ाएँ।
तुला - संतान के प्रति सावधान रहें, ग्रहण के बाद संतान के सिर के ऊपर से गुड़ घुमाकर किसी को दान कर दें।
वृश्चिक - नौकरी या व्यापार के अवसर मिलेंगे, परेशानियाँ दूर होंगी। नारंगी रंग के वस्त्र पहनें।
धनु - वाहन सुख, यात्रा का योग, अधूरे काम बनेंगे, नारियल मंदिर में दान करें।
मकर - चिंता बढ़ेगी, तांबे का एक कड़ा पहन लें और तांबे के लोटे से पानी पिएँ।
कुंभ - खर्चों में बढ़ोत्तरी, परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। दही-हल्दी मिलाकर लाल टीका लगाएँ।
मीन - काम बनेंगे, जो भी मेहनत करेंगे उसका फल मिलेगा, सूर्य के मंत्रों का जाप करें। पी-3



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Mercury's Gemini eclipse will have 3.44 hours today


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