बदले हुए मानसून चक्र के साथ मानसून ने ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून ने बुधवार को समय पर दस्तक दी है। मानसून की आमद के साथ जहां अंचल तरबतर हो गया है, वहीं ग्वालियर में सिर्फ बूंदाबांदी हुई है। सबसे ज्यादा बारिश शिवपुरी जिले में 45 मिलीमीटर दर्ज की गई है। मुरैना में 23, श्योपुर 18, भिंड में 8 और ग्वालियर में 0.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अरब सागर में बना चक्रवाती घेरा और ग्वालियर के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन के चलते मानसून के आने की घोषणा मौसम विभाग ने बुधवार को कर दी। हालांकि यह ट्रफ लाइन अब ग्वालियर से जयपुर, लखनऊ की ओर शिफ्ट हो रही है। साथ ही चक्रवाती घेरा भी थोड़ा कमजोर पड़ गया है। इससे अभी आने वाले तीन-चार दिन तक ज्यादा बारिश की उम्मीद नहीं है।
मौसम वैज्ञानिक डीपी दुबे ने कहा कि ग्वालियर से गुजरने वाली ट्रफ लाइन उप्र की ओर मुड़ने से बारिश नहीं हुई। हालांकि अंचल के कुछ हिस्सों में बारिश हुई है।
58 साल के आंकड़ाें का किया अध्ययन फिर मानसून के दस्तक देने की तारीख में हुआ बदलाव
मौसम के बदलते चक्र के आधार पर मौसम विभाग ने ग्वालियर में मानसून के दस्तक देने की तारीख में अप्रैल में बदलाव किया था। मौसम विभाग ने 58 वर्ष (1961 से लेकर 2019 तक) के मानसून के आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद 18 की बजाय 24 जून मानसून आने की तारीख तय की थी। यानी मानसून आने की तारीख 6 दिन आगे बढ़ा दी थी। बदले हुए चक्र के अनुसार मानसून ने ग्वालियर में समय पर दस्तक दी है।
ऐसे जानें... मानसून आया
- हवा का रुख दक्षिणी-पश्चिमी हो।
- वातावरण में नमी की मात्रा 80 फीसदी से ऊपर हो।
- इलाके के 75 फीसदी क्षेत्र में बारिश हो चुकी हो।
- क्षेत्र में कम से कम दो दिन 5 मिमी तक बारिश हुई हो।
आगे क्या: बूंदबांदी के आसार
ट्रफ लाइन उप्र की ओर मुड़ने के कारण गुरुवार को बूंदाबांदी होने के आसार हैं। अब तीन से चार दिन बाद बंगाल की खाड़ी में नया मानसून सिस्टम बनने के बाद बारिश का दौर फिर से आएगा।
-वेद प्रकाश सिंह, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक
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