आठवें साल भी जेएच कॉलेज की अधूरी ई-लाइब्रेरी का काम अधूरा है। भास्कर 22 नवंबर 2019 काे मुद्दा उठाने के बाद 14 दिसंबर 19 काे उच्च शिक्षा विभाग ने इसे पूरा करने के लिए 72 लाख रुपए का बजट आवंटित किया था। लेकिन बजट मिलने के 8 महीने बाद भी लाइब्रेरी भवन का काम शुरू नहीं हाे सका है। लाइब्रेरी भवन में खिड़की के पलों की जगह पॉलीथिन लगाकर काम चलाया जा रहा है, जिससे यहां रखी किताबों के बारिश में गीले होने का खतरा है। क्योंकि पिछले साल यहां रखी सैकड़ाें किताबों काे दीमक चट कर गई थी। जेएच काॅलेज प्रबंधन ने बारिश में किताबें खराब होने की आशंका जताते हुए पीडब्ल्यूडी काे कई बार काम शुरू करने के लिए कहा। लेकिन पीडब्ल्यूडी काम शुरू नहीं करा पाई। वहीं पीडब्ल्यूडी का कहना है कि मार्च में टेंडर आमंत्रित किए थे। फिर लॉकडाउन के कारण मामला अटका रहा। जुलाई में वर्क आर्डर हुए हैं। निर्माण एजेंसी काम शुरू नहीं किया है। लगता है इस साल भी विद्यार्थियों को हाईटेक ई-लाइब्रेरी की सौगात नहीं मिल पाएगी। जेएच कॉलेज जिले का सबसे बड़ा सरकारी कॉलेज है। इस कॉलेज में लगभग 4 हजार स्टूडेंट पढ़ते हैं। इस लाइब्रेरी को जिले की सबसे बड़ी 100 कंप्यूटर वाली की ई-लाइब्रेरी के रूप में बनाना था। लेकिन फिलहाल भवन का ही काम पूरा नहीं हाे पाया है। अभी यह काम होने हैं लाइब्रेरी में बिल्डिंग तो बन चुकी है, लेकिन इसमें खिड़की, दरवाजों में चौकटें लगी हुई हैं, पल्ले लगाने हैं, वहीं कलर किया जाना है। बाथरूम समेत सैनिटरी का इंतजाम अभी भी अधूरा है। इसी काम के लिए बजट आया है। आठ साल से लटक रहा लाइब्रेरी का काम 2012 में इस लाइब्रेरी का काम शुरू हुआ था। 2015 में बजट के अभाव में काम अटक गया। 72 लाख रुपए का बजट नहीं मिलने से काम नहीं हो पा रहा था। पिछले साल दैनिक भास्कर की पहल पर दिसंबर में 72 लाख का बजट स्वीकृत किया गया था, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। लाइब्रेरी भवन का काम पूरा करने के लिए पिछले साल दिसंबर में उच्च शिक्षा विभाग ने बजट स्वीकृत कर दिया था। पीडब्ल्यूडी से हम बार-बार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन काम शुरू नहीं किया जा रहा है। बारिश में किताबों को खतरा होने की बात भी हमने कही है, लेकिन ठेकेदार अब तक संपर्क करने नहीं आया है। - विजेता चौबे, प्राचार्य, जेएच कॉलेज, बैतूल एक-दाे दिन में निरीक्षण कर काम शुरू करा देंगे वर्क आर्डर किया जा चुका है, ठेकेदार को काम शुरू करना है। एक-दो दिन में निरीक्षण करके काम शुरू करवाया जाएगा। ठेकेदार ने एक-दो दिन में निरीक्षण करने की बात कही है। -अखिलेश कवडे, सब इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Delay in incomplete e-library work even after getting Rs 72 lakh, 8 months passed


आठवें साल भी जेएच कॉलेज की अधूरी ई-लाइब्रेरी का काम अधूरा है। भास्कर 22 नवंबर 2019 काे मुद्दा उठाने के बाद 14 दिसंबर 19 काे उच्च शिक्षा विभाग ने इसे पूरा करने के लिए 72 लाख रुपए का बजट आवंटित किया था। लेकिन बजट मिलने के 8 महीने बाद भी लाइब्रेरी भवन का काम शुरू नहीं हाे सका है। लाइब्रेरी भवन में खिड़की के पलों की जगह पॉलीथिन लगाकर काम चलाया जा रहा है, जिससे यहां रखी किताबों के बारिश में गीले होने का खतरा है। क्योंकि पिछले साल यहां रखी सैकड़ाें किताबों काे दीमक चट कर गई थी।
जेएच काॅलेज प्रबंधन ने बारिश में किताबें खराब होने की आशंका जताते हुए पीडब्ल्यूडी काे कई बार काम शुरू करने के लिए कहा। लेकिन पीडब्ल्यूडी काम शुरू नहीं करा पाई। वहीं पीडब्ल्यूडी का कहना है कि मार्च में टेंडर आमंत्रित किए थे। फिर लॉकडाउन के कारण मामला अटका रहा। जुलाई में वर्क आर्डर हुए हैं। निर्माण एजेंसी काम शुरू नहीं किया है। लगता है इस साल भी विद्यार्थियों को हाईटेक ई-लाइब्रेरी की सौगात नहीं मिल पाएगी।

जेएच कॉलेज जिले का सबसे बड़ा सरकारी कॉलेज है। इस कॉलेज में लगभग 4 हजार स्टूडेंट पढ़ते हैं। इस लाइब्रेरी को जिले की सबसे बड़ी 100 कंप्यूटर वाली की ई-लाइब्रेरी के रूप में बनाना था। लेकिन फिलहाल भवन का ही काम पूरा नहीं हाे पाया है।

अभी यह काम होने हैं लाइब्रेरी में
बिल्डिंग तो बन चुकी है, लेकिन इसमें खिड़की, दरवाजों में चौकटें लगी हुई हैं, पल्ले लगाने हैं, वहीं कलर किया जाना है। बाथरूम समेत सैनिटरी का इंतजाम अभी भी अधूरा है। इसी काम के लिए बजट आया है।

आठ साल से लटक रहा लाइब्रेरी का काम
2012 में इस लाइब्रेरी का काम शुरू हुआ था। 2015 में बजट के अभाव में काम अटक गया। 72 लाख रुपए का बजट नहीं मिलने से काम नहीं हो पा रहा था। पिछले साल दैनिक भास्कर की पहल पर दिसंबर में 72 लाख का बजट स्वीकृत किया गया था, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हुआ है।

लाइब्रेरी भवन का काम पूरा करने के लिए पिछले साल दिसंबर में उच्च शिक्षा विभाग ने बजट स्वीकृत कर दिया था। पीडब्ल्यूडी से हम बार-बार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन काम शुरू नहीं किया जा रहा है। बारिश में किताबों को खतरा होने की बात भी हमने कही है, लेकिन ठेकेदार अब तक संपर्क करने नहीं आया है।
- विजेता चौबे, प्राचार्य, जेएच कॉलेज, बैतूल

एक-दाे दिन में निरीक्षण कर काम शुरू करा देंगे
वर्क आर्डर किया जा चुका है, ठेकेदार को काम शुरू करना है। एक-दो दिन में निरीक्षण करके काम शुरू करवाया जाएगा। ठेकेदार ने एक-दो दिन में निरीक्षण करने की बात कही है।
-अखिलेश कवडे, सब इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी



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Delay in incomplete e-library work even after getting Rs 72 lakh, 8 months passed


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