भास्कर संवाददाता | सागर राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसई) इस साल के बजाय 2021 में आयोजित करेगा। दो चरणों में होने वाली इस परीक्षा का पहला चरण जनवरी में होगा। हर साल नवंबर में होने वाली इस परीक्षा में दसवीं के हजारों छात्र शामिल होते हैं। इसी परीक्षा के आधार पर चयनित छात्रों को स्नातक की पढ़ाई तक हर माह स्कॉलरशिप दी जाती है। कोरोना के कारण न सिर्फ 2020 का पहला चरण बल्कि 2019 का दूसरा चरण भी नहीं हो पाया है। इस कारण दो हजार छात्रों की छात्रवृत्ति प्रभावित होगी। एक्सीलेंस स्कूल प्राचार्य आरके वैद्य बताते हैं कि परीक्षा में पिछले साल जिले से करीब 4000 छात्र बैठे थे। शहर से सर्वाधिक 700 छात्र शामिल हुए थे। अब यह परीक्षा जनवरी में कराई जाएगी। शैक्षणिक सत्र के अनुसार जनवरी में छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं होती हैं। चूंकि एनटीएसई प्रतिष्ठित और अत्यंत कठिन परीक्षा है। इसलिए छात्रों को बहुत मेहनत करनी होती है। इस परीक्षा में सफलता का लाभ छात्रवृत्ति ही नहीं बल्कि आईआईटी जैसे संस्थानों में प्रवेश के दौरान वरीयता के रूप में भी मिलता है। दो हजार विद्यार्थी होंगे प्रभावित दूसरे चरण में चयन के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर दो हजार विद्यार्थियों को एनटीएसई की ओर से 1150 रुपए प्रतिमाह और कॉलेज में यूजीसी ने नियमों के मुताबिक छात्रवृत्ति दी जाती है। इस बार कोरोना के कारण हो रही लेटलतीफी से इन विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप प्रभावित होगी। हालांकि इस स्तर पर जिले से 1-2 विद्यार्थी ही चयनित हो पाते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


भास्कर संवाददाता | सागर
राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसई) इस साल के बजाय 2021 में आयोजित करेगा। दो चरणों में होने वाली इस परीक्षा का पहला चरण जनवरी में होगा। हर साल नवंबर में होने वाली इस परीक्षा में दसवीं के हजारों छात्र शामिल होते हैं। इसी परीक्षा के आधार पर चयनित छात्रों को स्नातक की पढ़ाई तक हर माह स्कॉलरशिप दी जाती है। कोरोना के कारण न सिर्फ 2020 का पहला चरण बल्कि 2019 का दूसरा चरण भी नहीं हो पाया है। इस कारण दो हजार छात्रों की छात्रवृत्ति प्रभावित होगी। एक्सीलेंस स्कूल प्राचार्य आरके वैद्य बताते हैं कि परीक्षा में पिछले साल जिले से करीब 4000 छात्र बैठे थे। शहर से सर्वाधिक 700 छात्र शामिल हुए थे। अब यह परीक्षा जनवरी में कराई जाएगी। शैक्षणिक सत्र के अनुसार जनवरी में छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं होती हैं। चूंकि एनटीएसई प्रतिष्ठित और अत्यंत कठिन परीक्षा है। इसलिए छात्रों को बहुत मेहनत करनी होती है। इस परीक्षा में सफलता का लाभ छात्रवृत्ति ही नहीं बल्कि आईआईटी जैसे संस्थानों में प्रवेश के दौरान वरीयता के रूप में भी मिलता है।

दो हजार विद्यार्थी होंगे प्रभावित
दूसरे चरण में चयन के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर दो हजार विद्यार्थियों को एनटीएसई की ओर से 1150 रुपए प्रतिमाह और कॉलेज में यूजीसी ने नियमों के मुताबिक छात्रवृत्ति दी जाती है। इस बार कोरोना के कारण हो रही लेटलतीफी से इन विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप प्रभावित होगी। हालांकि इस स्तर पर जिले से 1-2 विद्यार्थी ही चयनित हो पाते हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2C2ZbUj
via IFTTT

No comments:

Post a Comment