लॉक डाउन के असर से जिले के शासकीय स्कूलों में पहली बार विभागीय स्तर पर ऑनलाइन शिक्षा की शुरुआत की गई है। जिसमें मोबाइल पर विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए उन्हें वाट्सएप ग्रुप बनाकर जोड़ा गया है। जिले के सभी हाई स्कूल आैर हायर सेकंडरी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के ग्रुप तैयार कर विद्यार्थियों को अब पढ़ाई करवाई जा रही है। ताकि लॉक डाउन के बीच भी विद्यार्थी कक्षाओं से जुड़े रहें। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से पहली बार इस तरह की व्यवस्था की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी रमा नाहटे ने बताया जिले के 202 हाई स्कूल आैर हायर सेकंडरी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में से 60 फीसदी से अधिक विद्यार्थियों को वाट्सएप ग्रुप से जोड़ने का काम किया जा चुका है। अन्य विद्यार्थियों को भी उनके पालकों के मोबाइल के जरिए जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के एडीपीसी गिरीश तिवारी ने बताया राज्य स्तर पर डीईओ आैर एडीपीसी के ग्रुप पर अकादमिक सामग्री भेजी जा रही है। डीईओ आैर एडीपीसी इस अकादमिक सामग्री को अपने-अपने जिलों के कोर ग्रुप में भेज रहे हैं। एक कोर्स डायरेक्टर आैर प्रत्येक विषय में चार मास्टर ट्रेनर का कोर ग्रुप बनाया गया है। जिसमें कुल 85 मास्टर ट्रेनर हैं। उज्जैन जिले में हाई स्कूल के 6 विषयों आैर हायर सेकंडरी के 11 विषयों के ग्रुप बनाए गए हैं। जिनके माध्यम से अकादमिक सामग्री विषयवार आगे भेजी जा रही है। स्कूल स्तर पर उस स्कूल के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने कक्षावार वाट्सएप ग्रुप तैयार किए हैं, जिसमें वह यह अकादमिक सामग्री विद्यार्थियों को शेयर कर रहे हैं। किसी भी तरह की समस्या होने पर विद्यार्थी संबंधित विषय के शिक्षक से उसका समाधान भी प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा राज्य स्तर पर दो लिंक भी विद्यार्थियों को इन ग्रुप में शेयर की जा गई है। विद्यार्थी गूगल सर्च पर bit.ly/topparent टाइप करके टॉप पेरेंट एप भी डाउनलोड कर सकते हैं। जिसमें विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आैर रोचक शिक्षण सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही विद्यार्थी www.vimarsh.mp.gov.in पर जाकर भी शैक्षणिक सामग्री प्राप्त कर सकते हैं। विद्यार्थियों को गृह कार्य भी, स्कूल खुलने परइसे चेक किया जाएगा डीईओ नाहटे ने बताया सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि व्हाट्स एप ग्रुप पर प्रत्येक विषय में प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक (नियमित नहीं होने पर अतिथि शिक्षक भी) अनिवार्यत: जुड़े। किसी विषय के 2 शिक्षक हैं तो दोनों को जोड़ें। जो शिक्षक 9वीं से 12वीं तक पढ़ाता है तो अपने विषय के हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूल, दोनों ग्रुप में रहेगा। प्रत्येक प्राचार्य अपने शिक्षकों को प्रेरित करें कि वे जूम एप पर विद्यार्थियों को अध्यापन करवाएं या व्हाट्स एप ग्रुप पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाएं। शिक्षक विद्यार्थियों को गृह कार्य भी दें और जब स्कूल खुले तो इस गृह कार्य को चेक किया जाए। वे विद्यार्थी से व्यक्तिगत रूप से भी चर्चा करते हुए उसे ऑडियो या वीडियो कॉलिंग के जरिए विषय संबंधी निराकरण करते हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि शासकीय स्कूलों में एक साथ इतनी अधिक संख्या में विद्यार्थियों को जोड़कर ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है क्योंकि मई के दूसरे सप्ताह तक भी स्कूल खुलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। इसीलिए शासन स्तर पर इस तरह की पहल की गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 18 thousand students from 9th to 12th joined WhatsApp, online education started


लॉक डाउन के असर से जिले के शासकीय स्कूलों में पहली बार विभागीय स्तर पर ऑनलाइन शिक्षा की शुरुआत की गई है। जिसमें मोबाइल पर विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए उन्हें वाट्सएप ग्रुप बनाकर जोड़ा गया है। जिले के सभी हाई स्कूल आैर हायर सेकंडरी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के ग्रुप तैयार कर विद्यार्थियों को अब पढ़ाई करवाई जा रही है। ताकि लॉक डाउन के बीच भी विद्यार्थी कक्षाओं से जुड़े रहें।
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से पहली बार इस तरह की व्यवस्था की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी रमा नाहटे ने बताया जिले के 202 हाई स्कूल आैर हायर सेकंडरी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में से 60 फीसदी से अधिक विद्यार्थियों को वाट्सएप ग्रुप से जोड़ने का काम किया जा चुका है। अन्य विद्यार्थियों को भी उनके पालकों के मोबाइल के जरिए जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के एडीपीसी गिरीश तिवारी ने बताया राज्य स्तर पर डीईओ आैर एडीपीसी के ग्रुप पर अकादमिक सामग्री भेजी जा रही है। डीईओ आैर एडीपीसी इस अकादमिक सामग्री को अपने-अपने जिलों के कोर ग्रुप में भेज रहे हैं। एक कोर्स डायरेक्टर आैर प्रत्येक विषय में चार मास्टर ट्रेनर का कोर ग्रुप बनाया गया है। जिसमें कुल 85 मास्टर ट्रेनर हैं। उज्जैन जिले में हाई स्कूल के 6 विषयों आैर हायर सेकंडरी के 11 विषयों के ग्रुप बनाए गए हैं। जिनके माध्यम से अकादमिक सामग्री विषयवार आगे भेजी जा रही है। स्कूल स्तर पर उस स्कूल के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने कक्षावार वाट्सएप ग्रुप तैयार किए हैं, जिसमें वह यह अकादमिक सामग्री विद्यार्थियों को शेयर कर रहे हैं। किसी भी तरह की समस्या होने पर विद्यार्थी संबंधित विषय के शिक्षक से उसका समाधान भी प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा राज्य स्तर पर दो लिंक भी विद्यार्थियों को इन ग्रुप में शेयर की जा गई है।
विद्यार्थी गूगल सर्च पर bit.ly/topparent टाइप करके टॉप पेरेंट एप भी डाउनलोड कर सकते हैं। जिसमें विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आैर रोचक शिक्षण सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही विद्यार्थी www.vimarsh.mp.gov.in पर जाकर भी शैक्षणिक सामग्री प्राप्त कर सकते हैं।

विद्यार्थियों को गृह कार्य भी, स्कूल खुलने परइसे चेक किया जाएगा
डीईओ नाहटे ने बताया सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि व्हाट्स एप ग्रुप पर प्रत्येक विषय में प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक (नियमित नहीं होने पर अतिथि शिक्षक भी) अनिवार्यत: जुड़े। किसी विषय के 2 शिक्षक हैं तो दोनों को जोड़ें। जो शिक्षक 9वीं से 12वीं तक पढ़ाता है तो अपने विषय के हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूल, दोनों ग्रुप में रहेगा। प्रत्येक प्राचार्य अपने शिक्षकों को प्रेरित करें कि वे जूम एप पर विद्यार्थियों को अध्यापन करवाएं या व्हाट्स एप ग्रुप पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाएं। शिक्षक विद्यार्थियों को गृह कार्य भी दें और जब स्कूल खुले तो इस गृह कार्य को चेक किया जाए। वे विद्यार्थी से व्यक्तिगत रूप से भी चर्चा करते हुए उसे ऑडियो या वीडियो कॉलिंग के जरिए विषय संबंधी निराकरण करते हैं। ऐसा पहली बार हुआ है
कि शासकीय स्कूलों में एक साथ इतनी अधिक संख्या में विद्यार्थियों को जोड़कर ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है क्योंकि मई के दूसरे सप्ताह तक भी स्कूल खुलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। इसीलिए शासन स्तर पर इस तरह की पहल की गई है।



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