नगर में नई-नई गाड़ियों को मॉडिफाई करने वाले अरशद ने बताया कि जब सभी कोरोना वायरस से लड़ने और उसे हराने के लिए लगे हुए हैं तो मैं क्यों पीछे रहूं। यही साेचकर ऑटोमैटिक सैनिटाइजर मशीन बनाने का निर्णय लिया। इसके निर्माण में वसीम खान (गोनिया), सलाम भाई (बैटरीवाले), इरफान मिस्त्री एवं फिरोज गोरी ने सहयोग दिया हैं। सय्यद ने बताया कि यह सैनिटाइजर मशीन लाइट नहीं होने पर इनवर्टर द्वारा संचालित की जा सकती हैं। इनवर्टर एवं बैटरी सैनिटाइजर मशीन के अंदर लगाए गए है इसलिए मशीन की लागत करीब 50 हजार रुपए आई है। यह मंदसौर में निर्मित सैनिटाइजर मशीन की लागत के मुकाबले बहुत कम है। यह मशीन मरहूम मां मेराज बी की याद में बनाकर शासकीय अस्पताल रामपुरा को देने का मन बनाया था। जहां रोगियों एवं अस्पताल स्टाफ के काम आ सके।
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