सुबह हो, दोपहर या फिर रात वार्ड क्रमांक 2 के तालाब फलिया के रहवासी सार्वजनिक नल पर पानी के लिए कतार लगाए दिख जाते हैं। नगर परिषद कार्यालय के एकदम नजदीक होना भी उनकी पानी की समस्या दूर नहीं कर पा रहा। इतना ही नहीं यहां स्थित हैंडपंप का पानी भी प्रदूषित है।
तालाब फलिया में करीब 40 परिवार रहते हैं। अधिकांश अनुसूचित जनजाति के हैं। वर्षों से यहां पानी का स्रोत सार्वजनिक नल ही है। मुख्य लाइन से जुड़ा यह नल दिनभर चलता रहता है। हालांकि प्रेशर कम रहता है। नई जलावर्धन योजना में फलिये में करीब साढ़े 4 साल पहले पाइप लाइन डाली गई थी। तब रहवासियों को उम्मीद जगी थी कि उन्हें अब पानी बिना कतार में लगे घर पर ही मिल जाया करेगा। यह सपना पूरा नहीं हुआ। योजना में बरती गई लापरवाही के चलते अब तक नल कनेक्शन नहीं दिए जा सके हैं। आगे कनेक्शन मिल जाएंगे इसकी संभावना भी बहुत कम है। फिलहाल लोग अपनी सहूलियत के हिसाब से कतार में बर्तन रख देते हैं। नंबर आने पर आकर बर्तन भरने का इंतजार करते हैं। इस नल के आसपास गंदगी व कीचड़ भी हो रहा है। रहवासी अब्दुल रहमान ने बताया कि रमजान के चलते उनके व पत्नी के रोजे हैं। बावजूद इसके रात साढ़े दस बजे नंबर आने पर पानी भर रहे हैं। उधर इसी वार्ड की रोहित काॅलोनी की भी यही स्थिति है।
हैंडपम्प से आ रहा प्रदूषित पानी
तालाब फलिया के सार्वजनिक नल के पास एक हैंडपंप है। परंतु इसका पानी कोई काम का नहीं। इसका पानी बेहद प्रदूषित है। नगर परिषद ने अब तक इसके पानी की जांच नहीं करवाई। न ही इस हैंडपंप को सील करवाया है। ऐसे में गलती से कोई व्यक्ति इसका पानी उपयोग में ले लेगा तो उसका स्वास्थ्य बिगड़ना तय है।
बना रहे वैकल्पिक व्यवस्था
नगर में कहीं भी जल संकट की स्थिति नहीं बनने देंगे। जरूरत पर वार्ड में टैंकर से पानी भेज रहे हैं। डाली गई नई लाइन का उपयोग नहीं हो सकेगा। नगर परिषद से पानी की एक लाइन फलिये में डलवाने की योजना बना रहे हैं।
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