Ads block

Banner 728x90px

साइसं कॉलेज की वुमन एंड जेंडर डेवलपमेंट सेल और आईक्यूएसी की ओर से गुरुवार शाम जेंडर इक्विटी और इक्विलिटी विषय पर वेबिनार रखा गया। इसमें नृत्यांगना, कोरियोग्राफर एवं राज्यसभा सदस्य पद्मविभूषण डॉ. सोनल मानसिंह ने ऑनलाइन सहभागिता की। वेबिनार के अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव थे। सारस्वत अतिथि में विक्रम विवि के कुलपति डॉ. बालकृष्ण शर्मा ने मंगलाचरण कर अपने विचार रखे। प्रभारी प्राचार्य डॉ. अर्पण भारद्वाज ने भी संबोधित किया। वेबिनार के प्रश्नोत्तर सत्र में कॉलेज की आईक्यूएसी कॉर्डिनेटर डॉ. कल्पना सिंह ने चुनिंदा प्रश्न किए, जिनके डॉ. सोनल ने जवाब दिए। संचालन हार्दिक दवे ने किया। प्रकृति ने स्त्री का चयन जन्म देने के अनोखे कार्य के लिए किया और इसी विषय पर बहस शुरू हो गई वेबिनार में डॉ. सोनल मानसिंह ने कहा प्रकृति ने स्त्री को जन्म देने के अनोखे कार्य के लिए चयनित किया और यहीं से इस विषय पर बहस शुरू हो गई कि स्त्री और पुरुष में बड़ा कौन? आज मात्र 10 प्रतिशत महिलाएं ही कृषि कार्य में संलग्न बताई जा रही है। जबकि इस आंकड़े के अतिरिक्त बात करें तो सभी जानते हैं कि अनाज बोने, काटने, पैक करने, संग्रहण आदि में उसकी कितनी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। किंतु सबसे बड़ा सच यही है कि उसे श्रेय नहीं दिया जाता। समानता पाने के लिए स्त्री को सर्वप्रथम शिक्षित होना होगा। कई अनपढ़ स्त्रियों को आज भी यह पता नहीं होता कि उनके लिए कौन सी योजनाएं चल रही हैं या वे उन योजनाओं से किस प्रकार लाभांवित हो सकती हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




साइसं कॉलेज की वुमन एंड जेंडर डेवलपमेंट सेल और आईक्यूएसी की ओर से गुरुवार शाम जेंडर इक्विटी और इक्विलिटी विषय पर वेबिनार रखा गया। इसमें नृत्यांगना, कोरियोग्राफर एवं राज्यसभा सदस्य पद्मविभूषण डॉ. सोनल मानसिंह ने ऑनलाइन सहभागिता की।
वेबिनार के अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव थे। सारस्वत अतिथि में विक्रम विवि के कुलपति डॉ. बालकृष्ण शर्मा ने मंगलाचरण कर अपने विचार रखे। प्रभारी प्राचार्य डॉ. अर्पण भारद्वाज ने भी संबोधित किया। वेबिनार के प्रश्नोत्तर सत्र में कॉलेज की आईक्यूएसी कॉर्डिनेटर डॉ. कल्पना सिंह ने चुनिंदा प्रश्न किए, जिनके डॉ. सोनल ने जवाब दिए। संचालन हार्दिक दवे ने किया।

प्रकृति ने स्त्री का चयन जन्म देने के अनोखे कार्य के लिए किया और इसी विषय पर बहस शुरू हो गई
वेबिनार में डॉ. सोनल मानसिंह ने कहा प्रकृति ने स्त्री को जन्म देने के अनोखे कार्य के लिए चयनित किया और यहीं से इस विषय पर बहस शुरू हो गई कि स्त्री और पुरुष में बड़ा कौन? आज मात्र 10 प्रतिशत महिलाएं ही कृषि कार्य में संलग्न बताई जा रही है। जबकि इस आंकड़े के अतिरिक्त बात करें तो सभी जानते हैं कि अनाज बोने, काटने, पैक करने, संग्रहण आदि में उसकी कितनी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। किंतु सबसे बड़ा सच यही है कि उसे श्रेय नहीं दिया जाता। समानता पाने के लिए स्त्री को सर्वप्रथम शिक्षित होना होगा। कई अनपढ़ स्त्रियों को आज भी यह पता नहीं होता कि उनके लिए कौन सी योजनाएं चल रही हैं या वे उन योजनाओं से किस प्रकार लाभांवित हो सकती हैं।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
साइसं कॉलेज की वुमन एंड जेंडर डेवलपमेंट सेल और आईक्यूएसी की ओर से गुरुवार शाम जेंडर इक्विटी और इक्विलिटी विषय पर वेबिनार रखा गया। इसमें नृत्यांगना, कोरियोग्रा…
Read more »

मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड आंचलिक कार्यालय की महिला कर्मचारियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को रक्षा सूत्र भेजे। मुख्यमंत्री के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए महिला कर्मचारियों ने पत्र भेजकर कहा कि सीएम भैया रक्षाबंधन पर हमें आपसे उपहार चाहिए कि हम बहनों की नौकरी पर संकट नहीं आए। कर्मचारियों का कहना है कि कृषि मंडियों में मॉडल एक्ट से हम सबकी नौकरी पर खतरा है। उनका कहना है कि इस एक्ट के आने से टैक्स के रूप में मंडियों को होने वाली आय रुक जाएगी और ऐसे में सरकार के लिए मंडी कर्मचारियों के वेतन भत्ते की व्यवस्था कर पाना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इन्हीं आशंकाओं को लेकर बुधवार को प्रदेशभर में कृषि उपज मंडियों की महिला कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर अपनी व्यथा बताई। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड आंचलिक कार्यालय की महिला कर्मचारियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को रक्षा सूत्र भेजे। मुख्यमंत्री के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए महिला कर्मचारियों ने पत्र भेजकर कहा कि सीएम भैया रक्षाबंधन पर हमें आपसे उपहार चाहिए कि हम बहनों की नौकरी पर संकट नहीं आए। कर्मचारियों का कहना है कि कृषि मंडियों में मॉडल एक्ट से हम सबकी नौकरी पर खतरा है। उनका कहना है कि इस एक्ट के आने से टैक्स के रूप में मंडियों को होने वाली आय रुक जाएगी और ऐसे में सरकार के लिए मंडी कर्मचारियों के वेतन भत्ते की व्यवस्था कर पाना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इन्हीं आशंकाओं को लेकर बुधवार को प्रदेशभर में कृषि उपज मंडियों की महिला कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर अपनी व्यथा बताई।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड आंचलिक कार्यालय की महिला कर्मचारियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को रक्षा सूत्र भेजे। मुख्यमंत्री के शीघ्र स्…
Read more »

नई शिक्षा नीति की घोषणा के साथ ही उसके पक्ष व विपक्ष में सड़क से सोशल मीडिया तक बहस छिड़ गई है। विरोधियों का कहना है कि यह उच्च शिक्षा को विश्व बाजार के अनुकूल बनाने नीति है। इस नीति के लागू होते ही उच्च शिक्षा के 50000 संस्थान - मर्जर, क्लोजर और टेक ओवर की नीति के जरिये 15000 में सीमित किए जाएंगे यानी 3 हजार से कम नामांकन वाले लगभग 35 हजार संस्थान बंद कर दिए जाएंगे। दूसरी ओर समर्थकों का कहना है कि नई नीति में पाठ्यक्रम का बोझ कम करने के साथ ही शिक्षा पर जोर दिया गया है। विरोधी पक्ष : सड़कों पर उतरे छात्र डीएसओ के बैनर तले छात्रों ने नगर पालिका के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नई नीति की प्रतियां भी जलाई। संगठन के राज्य सचिव सचिन जैन ने कहा कि यह नीति शिक्षा के चौतरफा निजीकरण, व्यापारीकरण, व्यवसायीकरण व साम्प्रदायिकरण को बढ़ावा देगी। अजीत सिंह ने कहा कि 5 + 3 + 3 + 4 शिक्षा पद्धति से 3 से 6 साल की उम्र के बच्चों की शिक्षण प्रक्रिया उन आंगनबाड़ियों के हाथ में सौंप दी जाएगी जो पहले से ही वेंटिलेटर पर हैं। कक्षा 3,5,8 में ओपन लर्निंग को लागू कर ओर कक्षा 1 से 8 तक फेल न करने की नीति को जस की तस लागू रखना पूरी शिक्षा व्यवस्था को ही संकट में डाल देगा। ऑनलाइन गोष्ठी: सिर्फ डिग्रीधारी मजदूर बनेंगे : प्रगतिशील लेखक संघ ने इस मुद्दे पर ऑनलाइन गोष्ठी रखी। इसमें अध्यक्ष सत्येंद्र रघुवंशी ने कहा कि नई नीति के बाद शिक्षण संस्थान घटेंगे, ऑटोनॉमी से शिक्षा महंगी होगी। भाषा और सामाजिक विज्ञान के विषयों की बाजार मे मांग न होने से इन पर संकट बढ़ेगा। वरिष्ठ सदस्य अतुल लुंबा ने कहा कि प्रोफेशनल कोर्सेज के संस्थान बंद होंगे। समर्थन : व्यवहारिक ज्ञान पर जोर शिक्षक व कर्मचारी संघ से जुड़े अनिल भार्गव का तर्क है कि नई नीति में बोर्ड परीक्षा को सरल बनाने, पाठ्यक्रम का बोझ कम करने के साथ ही बचपन की देखभाल और शिक्षा पर जोर दिया गया है. नई नीति में विद्यार्थियों को कौशल या व्यावहारिक जानकारियां देने और पांचवी कक्षा तक मातृभाषा में शिक्षा पर जोर दिया गया है। साथ ही छठी कक्षा के बाद से ही वोकेशनल एजुकेशन की शुरुआत हो जाएगी। 8 वीं से 11 वीं तक के छात्र विषय चुन सकते हैं। सभी सरकारी और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक तरह के मानदंड होंगे। किसी कॉलेज के लिए मान्यता का स्तर समान रहेगा। रेटिंग पर कॉलेज को फंड मिलेगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today डीईओ ने नई शिक्षा नीति की प्रतियां जलाकर विरोध किया।




नई शिक्षा नीति की घोषणा के साथ ही उसके पक्ष व विपक्ष में सड़क से सोशल मीडिया तक बहस छिड़ गई है। विरोधियों का कहना है कि यह उच्च शिक्षा को विश्व बाजार के अनुकूल बनाने नीति है। इस नीति के लागू होते ही उच्च शिक्षा के 50000 संस्थान - मर्जर, क्लोजर और टेक ओवर की नीति के जरिये 15000 में सीमित किए जाएंगे यानी 3 हजार से कम नामांकन वाले लगभग 35 हजार संस्थान बंद कर दिए जाएंगे। दूसरी ओर समर्थकों का कहना है कि नई नीति में पाठ्यक्रम का बोझ कम करने के साथ ही शिक्षा पर जोर दिया गया है।

विरोधी पक्ष : सड़कों पर उतरे छात्र

डीएसओ के बैनर तले छात्रों ने नगर पालिका के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नई नीति की प्रतियां भी जलाई। संगठन के राज्य सचिव सचिन जैन ने कहा कि यह नीति शिक्षा के चौतरफा निजीकरण, व्यापारीकरण, व्यवसायीकरण व साम्प्रदायिकरण को बढ़ावा देगी। अजीत सिंह ने कहा कि 5 + 3 + 3 + 4 शिक्षा पद्धति से 3 से 6 साल की उम्र के बच्चों की शिक्षण प्रक्रिया उन आंगनबाड़ियों के हाथ में सौंप दी जाएगी जो पहले से ही वेंटिलेटर पर हैं। कक्षा 3,5,8 में ओपन लर्निंग को लागू कर ओर कक्षा 1 से 8 तक फेल न करने की नीति को जस की तस लागू रखना पूरी शिक्षा व्यवस्था को ही संकट में डाल देगा।

ऑनलाइन गोष्ठी: सिर्फ डिग्रीधारी मजदूर बनेंगे : प्रगतिशील लेखक संघ ने इस मुद्दे पर ऑनलाइन गोष्ठी रखी। इसमें अध्यक्ष सत्येंद्र रघुवंशी ने कहा कि नई नीति के बाद शिक्षण संस्थान घटेंगे, ऑटोनॉमी से शिक्षा महंगी होगी। भाषा और सामाजिक विज्ञान के विषयों की बाजार मे मांग न होने से इन पर संकट बढ़ेगा। वरिष्ठ सदस्य अतुल लुंबा ने कहा कि प्रोफेशनल कोर्सेज के संस्थान बंद होंगे।

समर्थन : व्यवहारिक ज्ञान पर जोर

शिक्षक व कर्मचारी संघ से जुड़े अनिल भार्गव का तर्क है कि नई नीति में बोर्ड परीक्षा को सरल बनाने, पाठ्यक्रम का बोझ कम करने के साथ ही बचपन की देखभाल और शिक्षा पर जोर दिया गया है. नई नीति में विद्यार्थियों को कौशल या व्यावहारिक जानकारियां देने और पांचवी कक्षा तक मातृभाषा में शिक्षा पर जोर दिया गया है। साथ ही छठी कक्षा के बाद से ही वोकेशनल एजुकेशन की शुरुआत हो जाएगी। 8 वीं से 11 वीं तक के छात्र विषय चुन सकते हैं। सभी सरकारी और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक तरह के मानदंड होंगे। किसी कॉलेज के लिए मान्यता का स्तर समान रहेगा। रेटिंग पर कॉलेज को फंड मिलेगा।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

डीईओ ने नई शिक्षा नीति की प्रतियां जलाकर विरोध किया।
नई शिक्षा नीति की घोषणा के साथ ही उसके पक्ष व विपक्ष में सड़क से सोशल मीडिया तक बहस छिड़ गई है। विरोधियों का कहना है कि यह उच्च शिक्षा को विश्व बाजार के अनुकूल …
Read more »

शाहगढ़ ब्लॉक के बरायठा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर द्वारा स्टाफ से अभद्रता करने का मामला सामने आया है। जिसमें संविदा कर्मचारी ने डॉक्टर द्वारा शराब के नशे में अन्य डॉक्टर व स्पोर्टिंग स्टाफ को गालियां देने के आरोप लगाए हैं। डॉक्टर व स्टाफ के बीच हुई बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ डॉ. एमएस सागर ने तत्काल प्रभाव से चिकित्सक डॉ. शशिकांत मनकेले को मालथौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अटैच कर दिया गया है। जानकारी अनुसार डीडीसी स्टाफ अंशुल शुक्ला ने मामले की शिकायत करते हुए बताया कि 28 जुलाई को सुबह 10.30 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरायठा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिकांत मनकेले ने उन्हें फोन कर मुझे, बीएमओ और बीसीएम समेत समस्त स्टाफ को गालियां दीं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




शाहगढ़ ब्लॉक के बरायठा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर द्वारा स्टाफ से अभद्रता करने का मामला सामने आया है। जिसमें संविदा कर्मचारी ने डॉक्टर द्वारा शराब के नशे में अन्य डॉक्टर व स्पोर्टिंग स्टाफ को गालियां देने के आरोप लगाए हैं। डॉक्टर व स्टाफ के बीच हुई बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुआ है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ डॉ. एमएस सागर ने तत्काल प्रभाव से चिकित्सक डॉ. शशिकांत मनकेले को मालथौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अटैच कर दिया गया है। जानकारी अनुसार डीडीसी स्टाफ अंशुल शुक्ला ने मामले की शिकायत करते हुए बताया कि 28 जुलाई को सुबह 10.30 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरायठा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिकांत मनकेले ने उन्हें फोन कर मुझे, बीएमओ और बीसीएम समेत समस्त स्टाफ को गालियां दीं।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
शाहगढ़ ब्लॉक के बरायठा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर द्वारा स्टाफ से अभद्रता करने का मामला सामने आया है। जिसमें संविदा कर्मचारी ने डॉक्टर द्वारा …
Read more »

लॉकडाउन में स्मार्ट बीयर बार में शराब सर्व करने के मामले में अब कलेक्टर दीपक सिंह ने आबकारी आयुक्त ग्वालियर को पत्र लिखकर लाइसेंस रिन्यु नहीं करने को कहा है। 25 जुलाई को बार में एसडीएम संतोष चंदेल ने छापामार कार्रवाई की थी। कोतवाली पुलिस व आबकारी ने मौके से 71.8 लीटर शराब जब्त की थी। पुलिस व खाद्य विभाग ने तीन केस दर्ज किए थे। इधर, जिला प्रशासन की ओर से बार संचालक कमलेश साहू को नोटिस भी जारी किया है। इसमें कहा लॉकडाउन में बार संचालन व शराब भंडारण आबकारी एक्ट का उल्लंघन है। क्यों न मार्च 2021 में लाइसेंस मद में जमा की गई 50 प्रतिशत राशि 6.75 लाख रु. को राजसात कर लिया जाए। उन्हें 7 दिन में जवाब देना होगा। कांग्रेस नेता साहू से इस मामले में बात की तो बोले- मुझे कोई जानकारी नहीं है, कुछ नहीं बोल सकता। कलेक्टर सिंह ने बताया बार का लाइसेंस 31 मार्च 2020 को खत्म हो गया था। हालांकि रिन्युअल के लिए फीस देकर आवेदन किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




लॉकडाउन में स्मार्ट बीयर बार में शराब सर्व करने के मामले में अब कलेक्टर दीपक सिंह ने आबकारी आयुक्त ग्वालियर को पत्र लिखकर लाइसेंस रिन्यु नहीं करने को कहा है। 25 जुलाई को बार में एसडीएम संतोष चंदेल ने छापामार कार्रवाई की थी। कोतवाली पुलिस व आबकारी ने मौके से 71.8 लीटर शराब जब्त की थी। पुलिस व खाद्य विभाग ने तीन केस दर्ज किए थे।
इधर, जिला प्रशासन की ओर से बार संचालक कमलेश साहू को नोटिस भी जारी किया है। इसमें कहा लॉकडाउन में बार संचालन व शराब भंडारण आबकारी एक्ट का उल्लंघन है। क्यों न मार्च 2021 में लाइसेंस मद में जमा की गई 50 प्रतिशत राशि 6.75 लाख रु. को राजसात कर लिया जाए। उन्हें 7 दिन में जवाब देना होगा। कांग्रेस नेता साहू से इस मामले में बात की तो बोले- मुझे कोई जानकारी नहीं है, कुछ नहीं बोल सकता। कलेक्टर सिंह ने बताया बार का लाइसेंस 31 मार्च 2020 को खत्म हो गया था। हालांकि रिन्युअल के लिए फीस देकर आवेदन किया।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
लॉकडाउन में स्मार्ट बीयर बार में शराब सर्व करने के मामले में अब कलेक्टर दीपक सिंह ने आबकारी आयुक्त ग्वालियर को पत्र लिखकर लाइसेंस रिन्यु नहीं करने को कहा है। …
Read more »

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ऐसी सभी तरह के जलसे, सम्मेलन व बैठकों पर रोक लगा दी है, जिनमें माइक का उपयोग किया जा रहा है। यह जानकारी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने दी। वे राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंदसिंह राजपूत के कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे। वे मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग में शामिल होने कलेक्टोरेट पहुंचे। चौधरी ने बताया लोगों में मास्क उपयोग करने की अादत को विकसित करना होगी। कोविड का उपचार प्राइवेट अस्पताल में मोटी फीस लेकर करने के सवाल पर कहा- वैकल्पिक व्यवस्था है। लोग सरकारी अस्पताल में यही इलाज करा सकते हैं। प्रदेश में उपचुनाव पर कहा- तारीख तय करने का काम निर्वाचन आयोग का है। चर्चा के बाद मंत्री चौधरी, भाजपा नेता सुधीर यादव के साथ स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर गए। जहां उन्होंने टेली मेडिसिन व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ऐसी सभी तरह के जलसे, सम्मेलन व बैठकों पर रोक लगा दी है, जिनमें माइक का उपयोग किया जा रहा है। यह जानकारी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने दी। वे राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंदसिंह राजपूत के कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे। वे मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग में शामिल होने कलेक्टोरेट पहुंचे। चौधरी ने बताया लोगों में मास्क उपयोग करने की अादत को विकसित करना होगी। कोविड का उपचार प्राइवेट अस्पताल में मोटी फीस लेकर करने के सवाल पर कहा- वैकल्पिक व्यवस्था है। लोग सरकारी अस्पताल में यही इलाज करा सकते हैं। प्रदेश में उपचुनाव पर कहा- तारीख तय करने का काम निर्वाचन आयोग का है। चर्चा के बाद मंत्री चौधरी, भाजपा नेता सुधीर यादव के साथ स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर गए। जहां उन्होंने टेली मेडिसिन व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ऐसी सभी तरह के जलसे, सम्मेलन व बैठकों पर रोक लगा दी है, जिनमें माइक का उपयोग किया जा रहा है। यह जानकारी प्रदेश के स्वास्थ्य मं…
Read more »

लॉकडाउन में मेडिकल स्टोर व दूध डेयरी सहित अत्यावश्यक सेवाओं को संचालित करने की छूट रहने के बावजूद कुछ पुलिसकर्मी दूध डेरी को बंद करवा देते हैं और गांव से आने वाले दूध के वाहनों को रोक दिया जाता है। दूध व्यापारियों तथा दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहन वासवानी ने कहा है कि दूध के वाहन रोके जाने से लोगों को दूध की उपलब्धता पर्याप्त नहीं हो पा रही है। किसानों को भी नुकसान हो रहा है और डेयरी संचालकों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। दूध की दुकानें खोलने के बारे में स्पष्ट आदेश दिया जाए। डेयरी खोलने के बारे में स्पष्ट निर्देश नहीं होने से कुछ पुलिसकर्मी दुकानें बंद करवा देते हैं। गांव से आने वाली दूध की गाड़ियां भी रोक देते हैं, इस वजह से किसानों के भी दूध का काफी नुकसान हो रहा है क्योंकि दूध को ज्यादा समय तक नहीं रख सकते। इससे किसानों का एवं व्यापारियों का नुकसान हो रहा है। इसलिए लॉकडाउन के समय दूध डेयरी खुली रखने के अादेश दिए जाएं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




लॉकडाउन में मेडिकल स्टोर व दूध डेयरी सहित अत्यावश्यक सेवाओं को संचालित करने की छूट रहने के बावजूद कुछ पुलिसकर्मी दूध डेरी को बंद करवा देते हैं और गांव से आने वाले दूध के वाहनों को रोक दिया जाता है।
दूध व्यापारियों तथा दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहन वासवानी ने कहा है कि दूध के वाहन रोके जाने से लोगों को दूध की उपलब्धता पर्याप्त नहीं हो पा रही है। किसानों को भी नुकसान हो रहा है और डेयरी संचालकों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। दूध की दुकानें खोलने के बारे में स्पष्ट आदेश दिया जाए। डेयरी खोलने के बारे में स्पष्ट निर्देश नहीं होने से कुछ पुलिसकर्मी दुकानें बंद करवा देते हैं। गांव से आने वाली दूध की गाड़ियां भी रोक देते हैं, इस वजह से किसानों के भी दूध का काफी नुकसान हो रहा है क्योंकि दूध को ज्यादा समय तक नहीं रख सकते। इससे किसानों का एवं व्यापारियों का नुकसान हो रहा है। इसलिए लॉकडाउन के समय दूध डेयरी खुली रखने के अादेश दिए जाएं।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
लॉकडाउन में मेडिकल स्टोर व दूध डेयरी सहित अत्यावश्यक सेवाओं को संचालित करने की छूट रहने के बावजूद कुछ पुलिसकर्मी दूध डेरी को बंद करवा देते हैं और गांव से आने …
Read more »