दीनदयाल चलित अस्पताल में फर्जीवाड़ा सामने आया है। ड्राइवर, आयुष डाॅक्टर, टेक्नीशियन और एएनएम की मिलीभगत से कागजाें पर ही गर्भवती महिलाओं का परीक्षण कर दवाई देना बता दिया गया। मामला तब प्रकाश में आया जब कुक्षी बीएमओ टीकाकरण कार्य कर एक गांव से लाैट रहे थे, उन्हाेंने रास्ते में एंबुलेंस के खड़े हाेने का कारण पूछा और रिकाॅर्ड चेक किया तो पाया कि जिस गांव में गर्भवती महिलाओं के परीक्षण कर दवाई बांटने जाने की बात स्टाफ बता रहा है उसकी इंट्री ताे पहले ही हाे चुकी है।
तलवाड़ा की 15 महिलाओं के नाम रजिस्टर में दर्ज किए, जबकि गांव में जाकर महिलाओं का परीक्षण किया ही नहीं
कुक्षी के बीएमओ डाॅ. नरेंद्र पवैया शुक्रवार की दाेपहर तीन बजे तहसील के गांव टेकी से टीकाकरण कार्य कर लाैट रहे थे। इस दाैरान अंबाडा-तलवाड़ा के बीच में उन्हाेंने एक चलित अस्पताल की एंबुलेंस काे खड़ा देखा। उन्हाेंने एंबुलेंस काे चेक किया, स्टाॅफ से पूछा ताे जवाब मिला कि तलवाड़ा में गर्भवती महिलाओं के परीक्षण और दवाई वितरण के लिए जा रहे हैं। उन्हें आशंका हुई कि 3 बजे तक ताे स्टाफ लाैटने लगता है ऐसे में ये गांव जा रहे हैं। उन्हाेंने रजिस्टर चेक किया ताे पाया कि जिस गांव में जाने का कह रहे है वहां की 15 गर्भवती महिलाओं की जानकारी ताे रजिस्टर में पहले से दर्ज है। सख्ती से पूछा तो एएनएम ने बताया यह जानकारी आंगनवाड़ी से ली गई है। एंबुलेंस में डाॅक्टर माैजूद नहीं था, बताया कि वे बाइक से आते हैं, जबकि बिना डाॅक्टर के एंबुलेंस संचालित नहीं होती। बीएमओ ने पूरी कार्रवाई की वीडियाेग्राफी भी करवाई।
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