माँ बगलामुखी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को बगलामुखी सिद्ध पीठ शंकराचार्य मठ, मढ़ाताल में ब्रह्मचारी चैतन्यानंद महाराज ने पराम्बा भगवती बगलामुखी का विशेष पूजन, शृंगार एवं बगलायंत्र का आवरण क्रम से पूजन किया। पूजन के बाद गुलाब तथा पीले सेवंती के फूलों से माँ बगलामुखी के हजार नामों से अर्चन किया गया। ज्ञातव्य हो कि वैशाख शुक्ल की अष्टमी बगलामुखी की जयंती सपर्यातिथि है। बगलामुखी के पूजन से सभी प्रकार के कार्य सिद्ध होते हैं। माता बगलामुखी का पूजन ऊर्ध्वाम्नाय व दक्षिणाम्नाय दो क्रम से होता है, दोनों क्रमों का ध्यान मंत्र भिन्न-भिन्न है। एक जगह माता बगलामुखी दो भुजा के स्वरूप में शत्रु का मुद्गर दलन कर रही हैं तथा दूसरे ध्यान में चतुर्भुज स्वरूप में सिंहासन पर विराजमान हैं। इस अवसर पर प्रकाश द्विवेदी, मनोज सेन, बृजेश दुबे आदि मौजूद थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Special worship on Mother Bagalamukhi Jayanti


माँ बगलामुखी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को बगलामुखी सिद्ध पीठ शंकराचार्य मठ, मढ़ाताल में ब्रह्मचारी चैतन्यानंद महाराज ने पराम्बा भगवती बगलामुखी का विशेष पूजन, शृंगार एवं बगलायंत्र का आवरण क्रम से पूजन किया। पूजन के बाद गुलाब तथा पीले सेवंती के फूलों से माँ बगलामुखी के हजार नामों से अर्चन किया गया। ज्ञातव्य हो कि वैशाख शुक्ल की अष्टमी बगलामुखी की जयंती सपर्यातिथि है। बगलामुखी के पूजन से सभी प्रकार के कार्य सिद्ध होते हैं। माता बगलामुखी का पूजन ऊर्ध्वाम्नाय व दक्षिणाम्नाय दो क्रम से होता है, दोनों क्रमों का ध्यान मंत्र भिन्न-भिन्न है। एक जगह माता बगलामुखी दो भुजा के स्वरूप में शत्रु का मुद्गर दलन कर रही हैं तथा दूसरे ध्यान में चतुर्भुज स्वरूप में सिंहासन पर विराजमान हैं। इस अवसर पर प्रकाश द्विवेदी, मनोज सेन, बृजेश दुबे आदि मौजूद थे।



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