कानून की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। उन्हें अब नए शिक्षा सत्र में नए भवन में पढ़ाई मिलने लगेगी। इसके लिए सनकोटा व भैरव डूंगरी के बीच बायपास के साइड में 545.22 लाख यानी साढ़े 5 करोड़ रुपए से दो मंजिला बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है। प्लास्टर व फिनिशिंग का शेष बचा काम भी अगले चार माह में खत्म हो जाएगा। इधर, भवन मिलते ही विभाग यहां नया फर्नीचर उपलब्ध कराकर कक्षाएं शुरू करा देगा। बिल्डिंग 30 जून 2020 तक ही बनकर तैयार हो जाती, लेकिन लॉकडाउन के कारण मार्च से बिल्डिंग का काम बंद हो गया। तीन माह तक काम बंद होने के कारण 10-15 प्रतिशत काम अभी रह गया। इसमें प्लास्टर से लेकर फ्लोरिंग का काम बचा है। लॉकडाउन के बाद अब सामान्य हालात होते ही ठेकेदार दुर्गेश गर्ग ने काम शुरू करा दिया है। अगले चार माह में यह बिल्डिंग बनाकर वे विभाग के हैंडओवर भी कर दंेगे। इसके लिए बाहर से बुलाए मजदूरों के जाते ही उन्होंने बाहर से पलायन कर लौटे मजदूरों से संपर्क कर उन्हें बुलाना शुरू कर दिया है। निर्माण के दौरान मजदूरों को रहने तक की व्यवस्था वे निर्माण स्थल पर ही कर दंेगे। ठेकेदार गर्ग ने बताया कि वैसे तो बचा हुआ काम ढाई से 3 माह का ही है, लेकिन बारिश के सीजन में प्लास्टर आदि का काम अवरुद्ध होगा। इस कारण कई बार काम रोकना पड़ेगा। वैसे 4 माह में बिल्डिंग बनाकर विभाग के हैंडओवर कर दंेगे। फिलहाल 60 सीट ^नए भवन में कॉलेज शिफ्ट होने से जिले के ज्यादा विद्यार्थियों को कानून की पढ़ाई का मौका मिलेगा। अभी फर्स्ट सेमेस्टर में सिर्फ 60 सीटें ही है। नए भवन के बाद इन सीटांे में भी बढ़ोतरी होगी। 12वीं के बाद से कानूनी पढ़ाई की व्यवस्था के लिए कॉलेज से सिर्फ प्रस्ताव जाता है। इसकी स्वीकृति से लेकर संचालित कराने तक के निर्णय विश्वविद्यालय व बार कौंसिल स्तर से ही लिए जाएंगे। एम.के. कनेरिया, प्राचार्य लॉ कॉलेज प्रैक्ट्रिस के लिए कोर्ट रूम कानून की किताबी शिक्षा के साथ ही नई बिल्डिंग में बच्चों को प्रैक्टिकल की सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए फ़र्स्ट फ्लोर पर स्पेशल कक्ष बनाया गया है। इसे बाद में कोर्ट जैसा लुक दिया जाएगा। फरियादी से लेकर गवाह व न्यायाधीश के बैठने के लिए बोर्ड सभी अगल अलग बनाया जाएगा। जहां फाइनल ईयर के बच्चे प्रेक्टिस कर सकेंगे। ताकि डिग्री मिलने के बाद वे सीधे न्यायालय में जाकर बगैर झिझक काम शुरू कर सके। यह होगा फायदा - नई बिल्डिंग बनने के बाद कानूनी पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए तीन गुना ज्यादा सीटें बढ़ जाएगी। अभी शासकीय बीकेएसएन कॉलेज की बिल्डिंग में संचालित हो रहे कॉलेज में 250 बच्चे ही पढ़ाई कर पाते हैं। नई बिल्डिंग में सिर्फ क्लास रूम के लिए ही 12 कमरे बनाए है। प्रत्येक में 60 बच्चों के बैठने की क्षमता है। इस हिसाब से कॉलेज में 720 बच्चे एक साथ पढ़ाई कर सकेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Law college building ready, finishing work will be completed in 4 months


कानून की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। उन्हें अब नए शिक्षा सत्र में नए भवन में पढ़ाई मिलने लगेगी। इसके लिए सनकोटा व भैरव डूंगरी के बीच बायपास के साइड में 545.22 लाख यानी साढ़े 5 करोड़ रुपए से दो मंजिला बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है। प्लास्टर व फिनिशिंग का शेष बचा काम भी अगले चार माह में खत्म हो जाएगा। इधर, भवन मिलते ही विभाग यहां नया फर्नीचर उपलब्ध कराकर कक्षाएं शुरू करा देगा।
बिल्डिंग 30 जून 2020 तक ही बनकर तैयार हो जाती, लेकिन लॉकडाउन के कारण मार्च से बिल्डिंग का काम बंद हो गया। तीन माह तक काम बंद होने के कारण 10-15 प्रतिशत काम अभी रह गया। इसमें प्लास्टर से लेकर फ्लोरिंग का काम बचा है। लॉकडाउन के बाद अब सामान्य हालात होते ही ठेकेदार दुर्गेश गर्ग ने काम शुरू करा दिया है। अगले चार माह में यह बिल्डिंग बनाकर वे विभाग के हैंडओवर भी कर दंेगे। इसके लिए बाहर से बुलाए मजदूरों के जाते ही उन्होंने बाहर से पलायन कर लौटे मजदूरों से संपर्क कर उन्हें बुलाना शुरू कर दिया है। निर्माण के दौरान मजदूरों को रहने तक की व्यवस्था वे निर्माण स्थल पर ही कर दंेगे। ठेकेदार गर्ग ने बताया कि वैसे तो बचा हुआ काम ढाई से 3 माह का ही है, लेकिन बारिश के सीजन में प्लास्टर आदि का काम अवरुद्ध होगा। इस कारण कई बार काम रोकना पड़ेगा। वैसे 4 माह में बिल्डिंग बनाकर विभाग के हैंडओवर कर दंेगे।
फिलहाल 60 सीट
^नए भवन में कॉलेज शिफ्ट होने से जिले के ज्यादा विद्यार्थियों को कानून की पढ़ाई का मौका मिलेगा। अभी फर्स्ट सेमेस्टर में सिर्फ 60 सीटें ही है। नए भवन के बाद इन सीटांे में भी बढ़ोतरी होगी। 12वीं के बाद से कानूनी पढ़ाई की व्यवस्था के लिए कॉलेज से सिर्फ प्रस्ताव जाता है। इसकी स्वीकृति से लेकर संचालित कराने तक के निर्णय विश्वविद्यालय व बार कौंसिल स्तर से ही लिए जाएंगे।
एम.के. कनेरिया, प्राचार्य लॉ कॉलेज

प्रैक्ट्रिस के लिए कोर्ट रूम
कानून की किताबी शिक्षा के साथ ही नई बिल्डिंग में बच्चों को प्रैक्टिकल की सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए फ़र्स्ट फ्लोर पर स्पेशल कक्ष बनाया गया है। इसे बाद में कोर्ट जैसा लुक दिया जाएगा। फरियादी से लेकर गवाह व न्यायाधीश के बैठने के लिए बोर्ड सभी अगल अलग बनाया जाएगा। जहां फाइनल ईयर के बच्चे प्रेक्टिस कर सकेंगे। ताकि डिग्री मिलने के बाद वे सीधे न्यायालय में जाकर बगैर झिझक काम शुरू कर सके।
यह होगा फायदा - नई बिल्डिंग बनने के बाद कानूनी पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए तीन गुना ज्यादा सीटें बढ़ जाएगी। अभी शासकीय बीकेएसएन कॉलेज की बिल्डिंग में संचालित हो रहे कॉलेज में 250 बच्चे ही पढ़ाई कर पाते हैं। नई बिल्डिंग में सिर्फ क्लास रूम के लिए ही 12 कमरे बनाए है। प्रत्येक में 60 बच्चों के बैठने की क्षमता है। इस हिसाब से कॉलेज में 720 बच्चे एक साथ पढ़ाई कर सकेंगे।



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