नगर की मार्केटिंग साेसायटी के माध्यम से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी कृषि उपज मंडी में फ्लैट कांटे पर की जा रही है। परिवहन की गति धीमी हाेने से करीब 18 हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। साेमवार काे बारिश का माैसम हाेने से गेहूं काे बरसाती से ढंक दिया गया था, लेकिन जहां बरसाती नहीं ढंकी थी वहां का गेहूं मंगलवार सुबह 5 बजे से करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश से भीग गया। इसी तरह मंडी परिसर में ही समर्थन मूल्य पर खरीदा गया चना भी पानी की बाैछार से करीब 25 प्रतिशत गीला हाे गया। वैसे ताे चने टीनशेड के नीचे रखे हैं, लेकिन अासपास से पानी की बाैछार के कारण भीग गया। इधर मार्केटिंग साेसायटी के प्रबंधक अशाेक जैन का कहना है कि बरसाती से कवर कर दिया गया था। इसके चलते गेहूं गीला नहीं हुआ है। इधर, बाेरियाें के नीचे घुसा पानी, 40 क्विंटल गेहूं भीगा इधर उन्नत साेसायटी द्वारा खरीदा गया गेहूं भी मंडी परिसर में टीनशेड के नीचे बाेरियाें में भरकर रखा गया है। इसमें बाेरियाें के नीचे पानी घुसने से गेहूं भीग गया है। उन्नत साेसायटी के प्रभारी प्रबंधक संजय पाटीदार ने बताया कि करीब 750 क्विंटल गेहूं टीनशेड के नीचे मंडी में रखा हुअा है। इसमें से करीब 40 क्विंटल गेहूं बाेरियाें के नीचे पानी घुसने से भीग गया है। अव्यवस्था... साेनकच्छ मंडी में खुले में पड़े 15 हजार क्विंटल गेहूं में मुंह मार रहे मवेशी यह तस्वीर साेनकच्छ कृषि उपज मंडी परिसर में खुले में पड़े गेहूं की है। यह गेहूं साेनकच्छ साेसायटी ने मंडी में बने समर्थन मूल्य के केंद्र पर किसानाें से खरीदा है। बारदान की कमी से गेहूं काे बाेरियाें में नहीं भरते हुए परिसर में ही पटक रखा है। मवेशी मुंह मार रहे हैं। परिवहन की गति धीमी हाेने के कारण 15 हजार क्विंटल से ज्यादा गेहूं खुले में पड़ा है। इसका समर्थन मूल्य करीब 2 कराेड़ 88 लाख 75 हजार रुपए है। लगातार दो दिनों से बारिश का मौसम बन रहा है। फिर भी कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। एेसे में यदि तेज बारिश हाेती है ताे यह हजाराें क्विंटल गेहूं खराब हाे सकता है। इधर एसडीएम अंकिता जैन का कहना है कि जिला विपणन अधिकारी को इस मामले को लेकर बता दिया है। मैं व अन्य अधिकारी सभी वेयरहाउस तलाशने में लगे हुए हैं। जल्द ही व्यवस्था हो जाएगी व संबंधितों को तिरपाल की व्यवस्था रखने के लिए भी कहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Wheat kept in the open in Hatpipalya was drenched by the rain, the manager was covered - not wet


नगर की मार्केटिंग साेसायटी के माध्यम से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी कृषि उपज मंडी में फ्लैट कांटे पर की जा रही है। परिवहन की गति धीमी हाेने से करीब 18 हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। साेमवार काे बारिश का माैसम हाेने से गेहूं काे बरसाती से ढंक दिया गया था, लेकिन जहां बरसाती नहीं ढंकी थी वहां का गेहूं मंगलवार सुबह 5 बजे से करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश से भीग गया। इसी तरह मंडी परिसर में ही समर्थन मूल्य पर खरीदा गया चना भी पानी की बाैछार से करीब 25 प्रतिशत गीला हाे गया। वैसे ताे चने टीनशेड के नीचे रखे हैं, लेकिन अासपास से पानी की बाैछार के कारण भीग गया। इधर मार्केटिंग साेसायटी के प्रबंधक अशाेक जैन का कहना है कि बरसाती से कवर कर दिया गया था। इसके चलते गेहूं गीला नहीं हुआ है।
इधर, बाेरियाें के नीचे घुसा पानी, 40 क्विंटल गेहूं भीगा
इधर उन्नत साेसायटी द्वारा खरीदा गया गेहूं भी मंडी परिसर में टीनशेड के नीचे बाेरियाें में भरकर रखा गया है। इसमें बाेरियाें के नीचे पानी घुसने से गेहूं भीग गया है। उन्नत साेसायटी के प्रभारी प्रबंधक संजय पाटीदार ने बताया कि करीब 750 क्विंटल गेहूं टीनशेड के नीचे मंडी में रखा हुअा है। इसमें से करीब 40 क्विंटल गेहूं बाेरियाें के नीचे पानी घुसने से भीग गया है।

अव्यवस्था... साेनकच्छ मंडी में खुले में पड़े 15 हजार क्विंटल गेहूं में मुंह मार रहे मवेशी

यह तस्वीर साेनकच्छ कृषि उपज मंडी परिसर में खुले में पड़े गेहूं की है। यह गेहूं साेनकच्छ साेसायटी ने मंडी में बने समर्थन मूल्य के केंद्र पर किसानाें से खरीदा है। बारदान की कमी से गेहूं काे बाेरियाें में नहीं भरते हुए परिसर में ही पटक रखा है।
मवेशी मुंह मार रहे हैं। परिवहन की गति धीमी हाेने के कारण 15 हजार क्विंटल से ज्यादा गेहूं खुले में पड़ा है। इसका समर्थन मूल्य करीब 2 कराेड़ 88 लाख 75 हजार रुपए है। लगातार दो दिनों से बारिश का मौसम बन रहा है। फिर भी कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। एेसे में यदि तेज बारिश हाेती है ताे यह हजाराें क्विंटल गेहूं खराब हाे सकता है। इधर एसडीएम अंकिता जैन का कहना है कि जिला विपणन अधिकारी को इस मामले को लेकर बता दिया है। मैं व अन्य अधिकारी सभी वेयरहाउस तलाशने में लगे हुए हैं। जल्द ही व्यवस्था हो जाएगी व संबंधितों को तिरपाल की व्यवस्था रखने के लिए भी कहा है।



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