लॉकडाउन के कारण निगम की आर्थिक स्थिति बिगड़ने का रोना रो रहे निगम के अफसर कुछ भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहे हैं। इसी कारण पहले से स्वीकृत महत्वपूर्ण कामों को रोक दिया है। इनमें से एक निगम कार्यालय का प्रस्तावित भवन भी है। 5.29 करोड़ रुपए लागत से इस भवन का निर्माण सिविल लाइंस क्षेत्र में प्रस्तावित है। इसका निर्माण संचित निधि से करने के लिए पूर्व महापौर सुभाष कोठारी के कार्यकाल में राज्य शासन से स्वीकृति ले ली थी। निगम के पास 5 करोड़ 51 लाख रुपए की संचित निधि की एफडी पहले से ही है। यानी निर्माण कार्य समय पर शुरू हो तो तय समय सीमा में निगम का संयुक्त कार्यालय भवन बन सकता है। लॉ कॉलेज के पास 30 हजार 704 वर्गफीट जमीन पर संयुक्त कार्यालय भवन बनाने के लिए ठेकेदार को कार्य आदेश भी निगम द्वारा दिया जा चुका है। बावजूद इसके काम शुरू नहीं कराया जा रहा है। जिस स्थान पर कार्यालय भवन बनना प्रस्तावित है, वहां फिलहाल पानी की जर्जर टंकी है, इसे तोड़ने के लिए भी टेंडर किए जा चुके हैं। टंकी तोड़ने से निगम को पांच लाख रुपए की आय भी होगी। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसर यह काम करने में रूचि नहीं ले रहे हैं। क्योंकि परिषद का कार्यकाल पूरा होने के बाद भाजपा के ही कुछ नेता सिविल लाइंस में निगम कार्यालय बनने के पक्ष में नहीं यह सुविधाएं रहेंगी नए भवन में नया कार्यालय भवन चार मंजिला रहेगा। इसकी डिजाइन इस तरह की गई है कि इसमें दिन के समय प्रकाश व्यवस्था के लिए सीमित बिजली का उपयोग किया जाएगा। कार्यालय के अधिकांश क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से प्रकाश रहेगा। पिछली परिषद में हुआ था स्वीकृत... नया भवन बनने के बाद तैयार होगा आमदनी का स्थायी स्रोत निगम को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए इस भवन का प्रस्ताव पिछली परिषद ने स्वीकृत किया था। इसके बनने के बाद वर्तमान कार्यालय वाले स्थान पर बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाकर निगम की आमदनी का बड़ा और स्थायी स्रोत बनाया जा सकता है। इसके लिए वर्तमान कार्यालय के पास निगम की लंबी चौड़ी जमीन है। एक तरफ शेर तिराहा तो दूसरी तरफ जलेबी चौक तक निगम की जमीन है। इसी में जर्जर हालत में पहुंच चुका पंजाब नेशनल बैंक सहित दुकानें बनी हैं। पुराने हो चुके इस मार्केट सहित निगम कार्यालय वाले स्थान पर बड़ा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जा सकता है। इससे दुकानों की नीलामी से करोड़ों रुपए लीज रेंट मिलने के साथ ही लाखों रुपए महीने किराया भी मिलने लगेगा। एक ही स्थान पर शहरवासियों को मिलेगी सुविधाएं संयुक्त कार्यालय भवन बनने पर एक ही स्थान पर लोगों के निगम संबंधी विभिन्न काम हो सकेंगे। यहां भवन निर्माण अनुमति, सफाई, प्रकाश, पानी के साथ ही विभिन्न योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं मिल सकेंगी। निगम को यह होगा फायदा नया भवन बनने के बाद जल विभाग, सिविल लाइंस स्थित जोन कार्यालय और मुख्य कार्यालय खाली हो जाएंगे। इन सभी स्थानों पर आने वाले समय में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जा सकते हैं। यह है संचित निधि नगर निगम को होने वाली आय से प्रतिदिन पांच प्रतिशत राशि अलग से जमा की जाती है। इसी राशि को संचित निधि कहते हैं। इसका उपयोग स्थापना संबंधी कार्यों में किया जा सकता है। कार्यालय भवन निर्माण भी इसी श्रेणी में आता है। इसलिए शासन से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। संचित निधि से निर्माण का प्लान था, अब शासन से करेंगे मांग नया कार्यालय भवन निर्माण पहले संचित निधि से करने का प्लान था, लेकिन भवन बनाने के लिए शासन से राशि की मांग की जा सकती है। इसलिए अब शासन से इसके लिए मांग की जाएगी। फिलहाल पानी की टंकी तोड़ना है। इसके लिए ठेकेदार से एग्रीमेंट कर लिया है। दिनेश मिश्रा, प्रभारी आयुक्त Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Rs 5 crore The new office of the corporation is to be built in; also gave the work order to the contractor; Did not start work on the pretext of a Bengali


लॉकडाउन के कारण निगम की आर्थिक स्थिति बिगड़ने का रोना रो रहे निगम के अफसर कुछ भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहे हैं। इसी कारण पहले से स्वीकृत महत्वपूर्ण कामों को रोक दिया है। इनमें से एक निगम कार्यालय का प्रस्तावित भवन भी है। 5.29 करोड़ रुपए लागत से इस भवन का निर्माण सिविल लाइंस क्षेत्र में प्रस्तावित है। इसका निर्माण संचित निधि से करने के लिए पूर्व महापौर सुभाष कोठारी के कार्यकाल में राज्य शासन से स्वीकृति ले ली थी। निगम के पास 5 करोड़ 51 लाख रुपए की संचित निधि की एफडी पहले से ही है। यानी निर्माण कार्य समय पर शुरू हो तो तय समय सीमा में निगम का संयुक्त कार्यालय भवन बन सकता है।
लॉ कॉलेज के पास 30 हजार 704 वर्गफीट जमीन पर संयुक्त कार्यालय भवन बनाने के लिए ठेकेदार को कार्य आदेश भी निगम द्वारा दिया जा चुका है। बावजूद इसके काम शुरू नहीं कराया जा रहा है। जिस स्थान पर कार्यालय भवन बनना प्रस्तावित है, वहां फिलहाल पानी की जर्जर टंकी है, इसे तोड़ने के लिए भी टेंडर किए जा चुके हैं। टंकी तोड़ने से निगम को पांच लाख रुपए की आय भी होगी। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसर यह काम करने में रूचि नहीं ले रहे हैं।

क्योंकि परिषद का कार्यकाल पूरा होने के बाद भाजपा के ही कुछ नेता सिविल लाइंस में निगम कार्यालय बनने के पक्ष में नहीं

यह सुविधाएं रहेंगी नए भवन में
नया कार्यालय भवन चार मंजिला रहेगा। इसकी डिजाइन इस तरह की गई है कि इसमें दिन के समय प्रकाश व्यवस्था के लिए सीमित बिजली का उपयोग किया जाएगा। कार्यालय के अधिकांश क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से प्रकाश रहेगा।

पिछली परिषद में हुआ था स्वीकृत... नया भवन बनने के बाद तैयार होगा आमदनी का स्थायी स्रोत
निगम को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए इस भवन का प्रस्ताव पिछली परिषद ने स्वीकृत किया था। इसके बनने के बाद वर्तमान कार्यालय वाले स्थान पर बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाकर निगम की आमदनी का बड़ा और स्थायी स्रोत बनाया जा सकता है। इसके लिए वर्तमान कार्यालय के पास निगम की लंबी चौड़ी जमीन है। एक तरफ शेर तिराहा तो दूसरी तरफ जलेबी चौक तक निगम की जमीन है। इसी में जर्जर हालत में पहुंच चुका पंजाब नेशनल बैंक सहित दुकानें बनी हैं। पुराने हो चुके इस मार्केट सहित निगम कार्यालय वाले स्थान पर बड़ा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जा सकता है। इससे दुकानों की नीलामी से करोड़ों रुपए लीज रेंट मिलने के साथ ही लाखों रुपए महीने किराया भी मिलने लगेगा।

एक ही स्थान पर शहरवासियों को मिलेगी सुविधाएं
संयुक्त कार्यालय भवन बनने पर एक ही स्थान पर लोगों के निगम संबंधी विभिन्न काम हो सकेंगे। यहां भवन निर्माण अनुमति, सफाई, प्रकाश, पानी के साथ ही विभिन्न योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं मिल सकेंगी।

निगम को यह होगा फायदा
नया भवन बनने के बाद जल विभाग, सिविल लाइंस स्थित जोन कार्यालय और मुख्य कार्यालय खाली हो जाएंगे। इन सभी स्थानों पर आने वाले समय में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जा सकते हैं।
यह है संचित निधि
नगर निगम को होने वाली आय से प्रतिदिन पांच प्रतिशत राशि अलग से जमा की जाती है। इसी राशि को संचित निधि कहते हैं। इसका उपयोग स्थापना संबंधी कार्यों में किया जा सकता है। कार्यालय भवन निर्माण भी इसी श्रेणी में आता है। इसलिए शासन से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है।
संचित निधि से निर्माण का प्लान था, अब शासन से करेंगे मांग
नया कार्यालय भवन निर्माण पहले संचित निधि से करने का प्लान था, लेकिन भवन बनाने के लिए शासन से राशि की मांग की जा सकती है। इसलिए अब शासन से इसके लिए मांग की जाएगी। फिलहाल पानी की टंकी तोड़ना है। इसके लिए ठेकेदार से एग्रीमेंट कर लिया है।
दिनेश मिश्रा, प्रभारी आयुक्त



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Rs 5 crore The new office of the corporation is to be built in; also gave the work order to the contractor; Did not start work on the pretext of a Bengali


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