संत सिंगाजी ताप परियोजना में दो दिन मेंे 8 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इन्हें जिला अस्पताल के आइसोशेलन वार्ड में भर्ती किरया गया था। इनमें से दो कर्मचारी स्वस्थ होकर शुक्रवार को लौट आए हैं। 6 का इलाज अब भी चल रहा है। इधर परियोजना के मेन गेट के सामने टेंपरेरी कॉलोनी में क्वारेंटाइन किए 40 कर्मचारियों की देखभाल की जा रही है। उन्हें रोज काढ़ा पिलाया जा रहा है। संक्रमण से सुरक्षा के सारे उपाय किए जा रहे हैं। एमपीपीजीसीएल ने सफाईकर्मी को पीपीई किट दी है। कोरोना को मात देकर लौटे दोनों कर्मचारी निजी कंपनी के हैं। इनमें से एक धारकवाड़ी तथा दूसरा देसला के बाजार में मिला था। 8 कर्मचारियों के बाद परियोजना में कोई पॉजीटिव मरीज नहीं मिला। जितने सेंपल भेजे गए थे उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। परियोजना अफसरों ने अब राहत की सांस ली है। स्वस्थ होकर लौटे दोनों कर्मचारियों को सुरक्षा बतौर एमपीपीजीसीएल के होस्टल में रखा गया है। शेष 6 मरीजोें में एक एमपीपीजीसीएल तथा 5 निजी कंपनी के कर्मचारी हैं। क्वारेंटाइन सेंटर के सभी कमरों के सामने कचरा डालने के लिए लोहे के ड्रम रखे गए हैं। कर्मचारी पीपीई किट पहनकर सफाई कर रहा है। आयुष विभाग द्वारा सभी को काढ़ा पिलाया जा रहा है। परियोजना टाउनशिप में भी सतर्कता बरती जा रही है। संक्रमण से बचाव के लिए मुहिम भी चलाई जा रही है। क्वारेंटाइन सेंटर इंचार्ज एके शर्मा लगातार व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


संत सिंगाजी ताप परियोजना में दो दिन मेंे 8 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इन्हें जिला अस्पताल के आइसोशेलन वार्ड में भर्ती किरया गया था। इनमें से दो कर्मचारी स्वस्थ होकर शुक्रवार को लौट आए हैं। 6 का इलाज अब भी चल रहा है। इधर परियोजना के मेन गेट के सामने टेंपरेरी कॉलोनी में क्वारेंटाइन किए 40 कर्मचारियों की देखभाल की जा रही है। उन्हें रोज काढ़ा पिलाया जा रहा है। संक्रमण से सुरक्षा के सारे उपाय किए जा रहे हैं। एमपीपीजीसीएल ने सफाईकर्मी को पीपीई किट दी है।
कोरोना को मात देकर लौटे दोनों कर्मचारी निजी कंपनी के हैं। इनमें से एक धारकवाड़ी तथा दूसरा देसला के बाजार में मिला था। 8 कर्मचारियों के बाद परियोजना में कोई पॉजीटिव मरीज नहीं मिला। जितने सेंपल भेजे गए थे उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। परियोजना अफसरों ने अब राहत की सांस ली है। स्वस्थ होकर लौटे दोनों कर्मचारियों को सुरक्षा बतौर एमपीपीजीसीएल के होस्टल में रखा गया है। शेष 6 मरीजोें में एक एमपीपीजीसीएल तथा 5 निजी कंपनी के कर्मचारी हैं। क्वारेंटाइन सेंटर के सभी कमरों के सामने कचरा डालने के लिए लोहे के ड्रम रखे गए हैं। कर्मचारी पीपीई किट पहनकर सफाई कर रहा है। आयुष विभाग द्वारा सभी को काढ़ा पिलाया जा रहा है। परियोजना टाउनशिप में भी सतर्कता बरती जा रही है। संक्रमण से बचाव के लिए मुहिम भी चलाई जा रही है। क्वारेंटाइन सेंटर इंचार्ज एके शर्मा लगातार व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।



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