कोरोना वायरस के बचाव के लिए लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में विश्व विद्यालय के छात्र-छात्राआें की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिसे देखते हुए एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने राज्यपाल को ई मेल और ट्वीट के माध्यम से जनरल प्रमाेशन दिए जान की मांग की। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सचिन त्यागी ने बताया कि ग्वालियर चंबल संभाग में जीवाजी विश्विद्यालय से सम्बद्ध लगभग 250 से 300 महाविद्यालय है जिनमें लगभग 2-3 लाख छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। वर्तमान समय में भीषण महामारी कोरोना के कारण प्रदेश के सभी महाविद्यालय बंद हो चुके है। जिससे सारे छात्र-छात्राओं के अध्ययन,अध्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह बंद पड़ी है और ना ही छात्र-छात्राओं को निजी काॅलेज समय पर ऑनलाइन स्टडी करवाई जा रही है। न ही उनको ऑनलाइन स्टडी के बारे में निर्देश दिए गए जो कि छात्र-छात्राओं के अध्य्यन प्रगति में सहायक होती। महाविद्यालयों के लिए भी ऑनलाइन अध्यापन करवाना संभव नहीं लग रहा है। क्योंकि कई छात्र ऐसी जगह पर है जहां ना तो उनके पास कोई इंटरनेट की व्यवस्था है और ना ही कोई ऑनलाइन क्लासेस लेने की सुविधा ऐसे में उन छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इन विकट परिस्थितियों और छात्र हितों को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान सत्र में विद्यार्थियों को सामान्य कक्षोन्नत किए जाने का निर्णय उचित हो सकता है जिससे छात्र-छात्राओं का समय बर्बाद होने से बचेगा और एकेडमिक कैलेंडर भी नहीं बिगड़ेगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today General promotion sought for students studying in 250 colleges from Governor, tweeted


कोरोना वायरस के बचाव के लिए लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में विश्व विद्यालय के छात्र-छात्राआें की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिसे देखते हुए एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने राज्यपाल को ई मेल और ट्वीट के माध्यम से जनरल प्रमाेशन दिए जान की मांग की।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सचिन त्यागी ने बताया कि ग्वालियर चंबल संभाग में जीवाजी विश्विद्यालय से सम्बद्ध लगभग 250 से 300 महाविद्यालय है जिनमें लगभग 2-3 लाख छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। वर्तमान समय में भीषण महामारी कोरोना के कारण प्रदेश के सभी महाविद्यालय बंद हो चुके है। जिससे सारे छात्र-छात्राओं के अध्ययन,अध्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह बंद पड़ी है और ना ही छात्र-छात्राओं को निजी काॅलेज समय पर ऑनलाइन स्टडी करवाई जा रही है। न ही उनको ऑनलाइन स्टडी के बारे में निर्देश दिए गए जो कि छात्र-छात्राओं के अध्य्यन प्रगति में सहायक होती। महाविद्यालयों के लिए भी ऑनलाइन अध्यापन करवाना संभव नहीं लग रहा है। क्योंकि कई छात्र ऐसी जगह पर है जहां ना तो उनके पास कोई इंटरनेट की व्यवस्था है और ना ही कोई ऑनलाइन क्लासेस लेने की सुविधा ऐसे में उन छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इन विकट परिस्थितियों और छात्र हितों को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान सत्र में विद्यार्थियों को सामान्य कक्षोन्नत किए जाने का निर्णय उचित हो सकता है जिससे छात्र-छात्राओं का समय बर्बाद होने से बचेगा और एकेडमिक कैलेंडर भी नहीं बिगड़ेगा।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
General promotion sought for students studying in 250 colleges from Governor, tweeted


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Rw1hAo
via IFTTT

No comments:

Post a Comment