शहर में शनिवार काे काेराेना के जाे 49 नए मरीज मिले हैं, उनमें बॉम्बे हॉस्पिटल के एक-एक डॉक्टर अाैर नर्स भी हैं। इनकी ड्यूटी आईसीयू में है, जहां पिछले दिनों हार्ट का मरीज आया था। इलाज के दौरान मरीज में कोरोना के लक्षण दिखे तो जांच करवाई। वह मरीज पॉजिटिव निकला और बाद में उसकी मृत्यु भी हो गई। इसके बाद डॉक्टर अाैर नर्स सहित 25 लोगों की जांच करवाई गई। पहली रिपोर्ट दोनों की निगेटिव थी, लेकिन तकलीफ बढ़ी तो फिर जांच करवाई। शनिवार को इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। शनिवार को मिले पॉजिटिव मरीजों में बैराठी कॉलोनी, गुमाश्ता नगर, नारायण बाग, अनूप नगर, नेहरू नगर, दौलतगंज, सिलावटपुरा, उषा फाटक, मूसाखेड़ी, मालवीय नगर, सोमनाथ की चाल, मोती तबेला, उदापुरा जैसे इलाकों के लोग हैं। इंदौर में तीन और मरीजों की मौत, अब तक 30 कोरोना पॉजिटिव मरीज नजीब खान (52) निवासी गोमती नगर, बेउद्दीन (66) निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी और 66 जवाहर मार्ग निवासी बिस्मिल्लाह बी (75) की शनिवार सुबह मृत्यु हो गई। शुक्रवार को चार मरीजों की मौत हुई थी। इन्हें मिलाकर 30 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि शुक्रवार को 14 मरीज की पहली पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद 39 और मरीजों की रिपोर्ट आई थी, पर वह जारी नहीं हो सकी। उस पेंडिंग सैंपल के आंकड़े आज जारी हुए। इससे कुल आंकड़ा 49 हो गया। इसमें 39 शुक्रवार के और 10 शनिवार के पॉजिटिव मरीज हैं। ऑपरेटर बना रहा था रिश्तेदारों के फर्जी आई कार्ड, उसी से कर्फ्यू में घूम रहे थे स्वच्छ भारत मिशन के एक अस्थायी ऑपरेटर ने बिना किसी अधिकारी की मंजूरी के रिश्तेदारों को नगर निगम के फर्जी आई कार्ड बना दिए। खुलासा होने पर उसे बर्खास्त कर दिया। निगम के अपर आयुक्त रजनीश कसेरा ने बताया निगमकर्मियों को पिछले दिनों कुछ ऐसे लोग निगम का आई कार्ड लेकर घूमते मिले, जिन्हें कोई पहचानता ही नहीं था। इस पर जांच शुरू हुई तो पता चला कि उन लोगों के पास स्वच्छ भारत मिशन का आईडी कार्ड था, जो एम्पलाई कोड लिखे थे, वह भी वैध नहीं थे। छानबीन के बाद खुलासा हुआ खजराना का रहने वाला ऑपरेटर नाजिम रिश्तेदारों को कर्फ्यू में घूमने के लिए फर्जी आई कार्ड बनाकर दे रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद नाजिम भाग निकला। उसने अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर कार्ड तैयार कर दिए थे। नाजिम ने कितने रिश्तेदारों को निगम के आई कार्ड बनाकर दिए, अभी इसका पता नहीं चला है। फर्जी आई कार्ड का इस्तेमाल करने वालों से भी पूछताछ होगी और उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Doctors become infected in the treatment of heart patients


शहर में शनिवार काे काेराेना के जाे 49 नए मरीज मिले हैं, उनमें बॉम्बे हॉस्पिटल के एक-एक डॉक्टर अाैर नर्स भी हैं। इनकी ड्यूटी आईसीयू में है, जहां पिछले दिनों हार्ट का मरीज आया था। इलाज के दौरान मरीज में कोरोना के लक्षण दिखे तो जांच करवाई। वह मरीज पॉजिटिव निकला और बाद में उसकी मृत्यु भी हो गई। इसके बाद डॉक्टर अाैर नर्स सहित 25 लोगों की जांच करवाई गई। पहली रिपोर्ट दोनों की निगेटिव थी, लेकिन तकलीफ बढ़ी तो फिर जांच करवाई। शनिवार को इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। शनिवार को मिले पॉजिटिव मरीजों में बैराठी कॉलोनी, गुमाश्ता नगर, नारायण बाग, अनूप नगर, नेहरू नगर, दौलतगंज, सिलावटपुरा, उषा फाटक, मूसाखेड़ी, मालवीय नगर, सोमनाथ की चाल, मोती तबेला, उदापुरा जैसे इलाकों के लोग हैं।

इंदौर में तीन और मरीजों की मौत, अब तक 30
कोरोना पॉजिटिव मरीज नजीब खान (52) निवासी गोमती नगर, बेउद्दीन (66) निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी और 66 जवाहर मार्ग निवासी बिस्मिल्लाह बी (75) की शनिवार सुबह मृत्यु हो गई। शुक्रवार को चार मरीजों की मौत हुई थी। इन्हें मिलाकर 30 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि शुक्रवार को 14 मरीज की पहली पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद 39 और मरीजों की रिपोर्ट आई थी, पर वह जारी नहीं हो सकी। उस पेंडिंग सैंपल के आंकड़े आज जारी हुए। इससे कुल आंकड़ा 49 हो गया। इसमें 39 शुक्रवार के और 10 शनिवार के पॉजिटिव मरीज हैं।

ऑपरेटर बना रहा था रिश्तेदारों के फर्जी आई कार्ड, उसी से कर्फ्यू में घूम रहे थे

स्वच्छ भारत मिशन के एक अस्थायी ऑपरेटर ने बिना किसी अधिकारी की मंजूरी के रिश्तेदारों को नगर निगम के फर्जी आई कार्ड बना दिए। खुलासा होने पर उसे बर्खास्त कर दिया। निगम के अपर आयुक्त रजनीश कसेरा ने बताया निगमकर्मियों को पिछले दिनों कुछ ऐसे लोग निगम का आई कार्ड लेकर घूमते मिले, जिन्हें कोई पहचानता ही नहीं था। इस पर जांच शुरू हुई तो पता चला कि उन लोगों के पास स्वच्छ भारत मिशन का आईडी कार्ड था, जो एम्पलाई कोड लिखे थे, वह भी वैध नहीं थे। छानबीन के बाद खुलासा हुआ खजराना का रहने वाला ऑपरेटर नाजिम रिश्तेदारों को कर्फ्यू में घूमने के लिए फर्जी आई कार्ड बनाकर दे रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद नाजिम भाग निकला। उसने अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर कार्ड तैयार कर दिए थे। नाजिम ने कितने रिश्तेदारों को निगम के आई कार्ड बनाकर दिए, अभी इसका पता नहीं चला है। फर्जी आई कार्ड का इस्तेमाल करने वालों से भी पूछताछ होगी और उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है।



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