संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए 15 से 19 जुलाई तक एसडीएम द्वारा किए गए 5 दिवसीय टोटल लाॅकडाउन के बाद आज सोमवार से शुजालपुर, कालापीपल, अकोदिया में व्यापारिक गतिविधियां सशर्त शुरू होगी। शाम 7 बजे से सुबह तक लाॅकडाउन जारी रहेगा। एसडीएम प्रकाश कस्बे ने बताया शाम 7 बजे तक बाजार खुल सकेगा व नियमों का उल्लंघन हुआ ताे फिर से सख्ती की जाएगी। उन्होंने कहा व्यापारियों को सामजिक दूरी का पालन करते हुए संक्रमण बचाव के साधन के साथ व्यापारिक गतिविधि करना होगी। मास्क न पहनने वालों के खिलाफ भी लगातार मुहिम चलाई जाएगी। उधर महामारी के चलते शुजालपुर शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से 63 मरीज सामने आने व तीन की मौत होने के बाद जिला प्रशासन ने शुजालपुर के आइसोलेशन व कोविड 19 सेंटर की व्यवस्था संचालन के लिए रेड क्रॉस मद से 3 लाख देने का निर्णय लिया है। सिविल अस्पताल सिटी में 13 मरीज तथा अकोदिया नाका के छात्रावास में 70 मरीज की क्षमता का आइसोलेशन वार्ड बनाकर रोगियों को रखा जा रहा है। भ्याना, अकोदिया, चाकरोद, शुजालपुर, अकोदिया, जामनेर से अब तक 63 संक्रमित रोगी सामने आने के बाद उनकी दैनिक दिनचर्या की जरूरतों के सामान से लेकर रहने की उचित व्यवस्था पर हो रहे खर्च का इंतजाम व सामग्री की व्यवस्था जनसहयोग से की जा रही है। खाने-पीने के लिए 150 प्रति दिन प्रति रोगी के हिसाब से निजी एजेंसी को ठेका दिया गया है जिसका भुगतान जिला मुख्यालय से होना है। सिविल अस्पताल सिटी में प्रत्येक संक्रमित को सिंगल यूज नई बाल्टी, मग, साबुनदानी, टूथपेस्ट, टूथब्रश व साबुन जैसी चीजें भी देने के लिए सिविल अस्पताल के पास कोई अतिरिक्त फंड नहीं है, हालांकि किसी भी मरीज को जरूरत के सामान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ा। जनसहयोग से सिविल अस्पताल के प्रबंधन ने यह सामग्री उपलब्ध कराई है। कोरोना के इंतजाम के लिए मिले फंड के सवाल पर सिविल अस्पताल सिटी के प्रभारी डॉ. राजेश तिवारी ने बताया जिला प्रशासन से कोरोना रोगियों को दी जाने वाली सेवाओं के लिए कोई फंड नहीं मिला है। अब तक करीब 1 लाख की राशि खर्च हुई है, जिसका वहन रोगी कल्याण समिति के मद से किया गया है। डॉक्टर तिवारी ने बताया कि रोगियों को उपचार के लिए दवाएं सरकारी अस्पताल से दी जा सकती है, लेकिन उन्हें 24 घंटे आइसोलेशन की देखरेख में रखने के दौरान कई जरूरतों की सामग्री उन्हें देना होती है जो वर्तमान में जनसहयोग से उपलब्ध कराई जा रही है। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. विष्णु प्रकाश फुलम्बीकर ने बताया डिजास्टर रिलीफ फंड से जिला मुख्यालय को मिली राशि से पीपीई किट, सैनिटाइजर, मास्क व अन्य उपकरणों पर 30 जून के पहले ही व्यय पूर्ण हो चुकी। शुजालपुर में व्यवस्थाओं के संचालन के लिए 3 लाख की राशि रेडक्रॉस मद से देने पर निर्णय हुआ है जो जल्द ही जारी कर दी जाएगी। इधर रविवार को शुजालपुर में पूर्व से भर्ती संक्रमितों के साथ सैंपल दोबारा जांच के लिए भेजे गए। रविवार को कोई नया पाॅजिटिव रोगी सामने नहीं आया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए 15 से 19 जुलाई तक एसडीएम द्वारा किए गए 5 दिवसीय टोटल लाॅकडाउन के बाद आज सोमवार से शुजालपुर, कालापीपल, अकोदिया में व्यापारिक गतिविधियां सशर्त शुरू होगी। शाम 7 बजे से सुबह तक लाॅकडाउन जारी रहेगा।
एसडीएम प्रकाश कस्बे ने बताया शाम 7 बजे तक बाजार खुल सकेगा व नियमों का उल्लंघन हुआ ताे फिर से सख्ती की जाएगी। उन्होंने कहा व्यापारियों को सामजिक दूरी का पालन करते हुए संक्रमण बचाव के साधन के साथ व्यापारिक गतिविधि करना होगी। मास्क न पहनने वालों के खिलाफ भी लगातार मुहिम चलाई जाएगी। उधर महामारी के चलते शुजालपुर शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से 63 मरीज सामने आने व तीन की मौत होने के बाद जिला प्रशासन ने शुजालपुर के आइसोलेशन व कोविड 19 सेंटर की व्यवस्था संचालन के लिए रेड क्रॉस मद से 3 लाख देने का निर्णय लिया है।
सिविल अस्पताल सिटी में 13 मरीज तथा अकोदिया नाका के छात्रावास में 70 मरीज की क्षमता का आइसोलेशन वार्ड बनाकर रोगियों को रखा जा रहा है। भ्याना, अकोदिया, चाकरोद, शुजालपुर, अकोदिया, जामनेर से अब तक 63 संक्रमित रोगी सामने आने के बाद उनकी दैनिक दिनचर्या की जरूरतों के सामान से लेकर रहने की उचित व्यवस्था पर हो रहे खर्च का इंतजाम व सामग्री की व्यवस्था जनसहयोग से की जा रही है। खाने-पीने के लिए 150 प्रति दिन प्रति रोगी के हिसाब से निजी एजेंसी को ठेका दिया गया है जिसका भुगतान जिला मुख्यालय से होना है। सिविल अस्पताल सिटी में प्रत्येक संक्रमित को सिंगल यूज नई बाल्टी, मग, साबुनदानी, टूथपेस्ट, टूथब्रश व साबुन जैसी चीजें भी देने के लिए सिविल अस्पताल के पास कोई अतिरिक्त फंड नहीं है, हालांकि किसी भी मरीज को जरूरत के सामान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ा। जनसहयोग से सिविल अस्पताल के प्रबंधन ने यह सामग्री उपलब्ध कराई है। कोरोना के इंतजाम के लिए मिले फंड के सवाल पर सिविल अस्पताल सिटी के प्रभारी डॉ. राजेश तिवारी ने बताया जिला प्रशासन से कोरोना रोगियों को दी जाने वाली सेवाओं के लिए कोई फंड नहीं मिला है। अब तक करीब 1 लाख की राशि खर्च हुई है, जिसका वहन रोगी कल्याण समिति के मद से किया गया है। डॉक्टर तिवारी ने बताया कि रोगियों को उपचार के लिए दवाएं सरकारी अस्पताल से दी जा सकती है, लेकिन उन्हें 24 घंटे आइसोलेशन की देखरेख में रखने के दौरान कई जरूरतों की सामग्री उन्हें देना होती है जो वर्तमान में जनसहयोग से उपलब्ध कराई जा रही है। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. विष्णु प्रकाश फुलम्बीकर ने बताया डिजास्टर रिलीफ फंड से जिला मुख्यालय को मिली राशि से पीपीई किट, सैनिटाइजर, मास्क व अन्य उपकरणों पर 30 जून के पहले ही व्यय पूर्ण हो चुकी। शुजालपुर में व्यवस्थाओं के संचालन के लिए 3 लाख की राशि रेडक्रॉस मद से देने पर निर्णय हुआ है जो जल्द ही जारी कर दी जाएगी। इधर रविवार को शुजालपुर में पूर्व से भर्ती संक्रमितों के साथ सैंपल दोबारा जांच के लिए भेजे गए। रविवार को कोई नया पाॅजिटिव रोगी सामने नहीं आया।



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