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कलेक्टर मनीष सिंह ने गुरुवार को कहा कि शहर में अभी कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या और बढ़ेगी। वर्तमान स्थितक का अनुमान हमने 7-8 दिन पहले ही लगा लिया था, हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है। कोरोना पीड़िताें के उपचार के लिए नए अस्पतालों को चिन्हित किया जा रहा है। लॉकडाउन की अवधि बढ़ने पर भी प्रशासन की तैयारी है। शहर में राशन की कमी ना हो इसकी व्यवस्था की जा रही है। कलेक्टर के अनुसार कोरोना पॉजिटिव लगभग 13 मरीज और ठीक हो गए हैं जिन्हें जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 213 हो गई है। उपचार के लिए नए अस्पतालों को किया जा रहा है चिन्हित कलेक्टर ने कहा कि कोरोनावायरस के मरीजों के उपचार के लिए शहर में नए अस्पतालों को चिन्हित किया जा रहा है। अरबिंदो अस्पताल में अभी 250 बेड खाली है। वहीं गांधी नगर स्थित मार्डन डेंटल कॉलेज में भी कोरोना का उपचार प्रारंभ करवा दिया गया है। इसके साथ ही चोइथराम अस्पातल अौर सेंट फ्रांसिस अस्पताल को भी लिया जा रहा है। वहीं जिन प्रायवेट अस्पतालों में डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ काम पर नहीं आ रहा है उन अस्पालों को नोटिस जारी कर स्टाफ को काम पर बुलाने का कहा जा रहा है। यदि इसके बाद भी कुछ डॉक्टर काम पर नहीं लौटते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। थोड़ी बहुत परेशानी तो होती है कलेक्टर ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव और संदिग्धों के उपचार की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों का भी बेहतर उपचार हो इसके निर्देश दिए गए हैं इसके बावजूद इस तरह की स्थिति में हल्की फुल्की परेशानी होती है। संक्रमण से बचने का दो ही उपाय है एक बेहतर उपचार और दूसरा लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। कोरोना संक्रमित क्षेत्रों में प्रशासन की टीम द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। यह सर्वे एप्प के माध्यम से किया जा रहा है जिसका डेटा रियल टाइम में प्राप्त हो रहा है। पर्याप्त राशन हो इसकी व्यवस्था की जा रही है शहर में लोगों के घरों तक राशन पहुंचाने के लिए ऑनलाइन सप्लायर के साथ ही स्थानीय किराना दुकानों को अनुमति प्रदान की गई है। इनके पास ऑर्डरका प्रेशर है इसलिए कुछ स्थानों पर राशन नहीं पहुंच सका है, लेकिन व्यवस्था को सुधारा जा रहा है। शहर में राशन की कमी ना हो इसके लिए 12-15 दाल-चावल की मिलें चालु करवा दी गई है। लॉकडाउन बढ़ता है तो शहर में राशन की कमी नहीं आने दी जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने गुुरुवार को कहा कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ने की स्थिति में प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।




कलेक्टर मनीष सिंह ने गुरुवार को कहा कि शहर में अभी कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या और बढ़ेगी। वर्तमान स्थितक का अनुमान हमने 7-8 दिन पहले ही लगा लिया था, हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है। कोरोना पीड़िताें के उपचार के लिए नए अस्पतालों को चिन्हित किया जा रहा है। लॉकडाउन की अवधि बढ़ने पर भी प्रशासन की तैयारी है। शहर में राशन की कमी ना हो इसकी व्यवस्था की जा रही है। कलेक्टर के अनुसार कोरोना पॉजिटिव लगभग 13 मरीज और ठीक हो गए हैं जिन्हें जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 213 हो गई है।

उपचार के लिए नए अस्पतालों को किया जा रहा है चिन्हित

कलेक्टर ने कहा कि कोरोनावायरस के मरीजों के उपचार के लिए शहर में नए अस्पतालों को चिन्हित किया जा रहा है। अरबिंदो अस्पताल में अभी 250 बेड खाली है। वहीं गांधी नगर स्थित मार्डन डेंटल कॉलेज में भी कोरोना का उपचार प्रारंभ करवा दिया गया है। इसके साथ ही चोइथराम अस्पातल अौर सेंट फ्रांसिस अस्पताल को भी लिया जा रहा है। वहीं जिन प्रायवेट अस्पतालों में डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ काम पर नहीं आ रहा है उन अस्पालों को नोटिस जारी कर स्टाफ को काम पर बुलाने का कहा जा रहा है। यदि इसके बाद भी कुछ डॉक्टर काम पर नहीं लौटते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

थोड़ी बहुत परेशानी तो होती है

कलेक्टर ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव और संदिग्धों के उपचार की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों का भी बेहतर उपचार हो इसके निर्देश दिए गए हैं इसके बावजूद इस तरह की स्थिति में हल्की फुल्की परेशानी होती है। संक्रमण से बचने का दो ही उपाय है एक बेहतर उपचार और दूसरा लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। कोरोना संक्रमित क्षेत्रों में प्रशासन की टीम द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। यह सर्वे एप्प के माध्यम से किया जा रहा है जिसका डेटा रियल टाइम में प्राप्त हो रहा है।

पर्याप्त राशन हो इसकी व्यवस्था की जा रही है

शहर में लोगों के घरों तक राशन पहुंचाने के लिए ऑनलाइन सप्लायर के साथ ही स्थानीय किराना दुकानों को अनुमति प्रदान की गई है। इनके पास ऑर्डरका प्रेशर है इसलिए कुछ स्थानों पर राशन नहीं पहुंच सका है, लेकिन व्यवस्था को सुधारा जा रहा है। शहर में राशन की कमी ना हो इसके लिए 12-15 दाल-चावल की मिलें चालु करवा दी गई है। लॉकडाउन बढ़ता है तो शहर में राशन की कमी नहीं आने दी जाएगी।

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इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने गुुरुवार को कहा कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ने की स्थिति में प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
कलेक्टर मनीष सिंह ने गुरुवार को कहा कि शहर में अभी कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या और बढ़ेगी। वर्तमान स्थितक का अनुमान हमने 7-8 दिन पहले ही लगा लिया था, …
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बैतूल में लॉकडाउन तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती के साथ साथ नरमी से भी पेश आ रही है। लोगो को लॉकडाउन का मतलब समझाते हुए गुरुवार को पुलिस नेबाहर निकले लोगों के साथ गांधीगिरी का रास्ता अपनाया। उन्होंनेतीन तरीके से लोगों को मनाने की कोशिश की। पहले उन्होंने फूल दिए, आरती उतारी, और आखिर में कान के पास घंटी बजाकर अहसास कराया कि उनका जीवन कोरोा की वजह से खतरे में पड़ सकता है। एसडीओपी विजय पुंज ने बताया कि सुबह-सुबह बड़ी संख्या में लोगपैदल और बाइक लेकर तफरीह करते पाए गए। कारगिल चौक पर ऐसे लोगों को समझाइश देने के साथ-साथउनकी आरती भी उतारी। कान के पास घंटी बजाकर यह अहसास कराया गया कि संकट के इस दौर में उनका बाहर निकलना उनके स्वयं के लिए कितना खतरनाक हो सकता है। समझाइश देने के बाद लोगों को गुलाब का फूल भेंट कर संकल्प दिलाया गया कि वे दोबारा बिना कारण सड़कपर नजर नही आएंगे। लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने घरों में ही रहेंगे। इस दौरान कोतवाली थाना प्रभारी राजेंद्र धुर्वे, एसआई गजेंद्र सिंह चौहान ने बेवजह घरों से निकलने वाला को गुलाब का फूल देकर आरती उतारी और घर मे रहने की समझाइश दी। पुलिस ने फ्लैगमार्च निकालकर लोगों से घर के अंदर रहने की अपील की है। फ्लैग मार्च निकाला, जो मिला, उसे उठक-बैठक कराई इस कार्यवाही के बाद एसडीओपी ने पुलिस टीम के साथशहर में फ्लैग मार्च निकाला गया। जैसे ही मार्च लल्ली चौक पहुंचा। कुछ लोग पुनः लॉकडाउन का उल्लंघन करते पाए गए। पुलिस ने करीब दर्जनभर लोगोंमामूली सजा देते हुए कान पकड़कर उठक लगवाई। वादा करवाया की दोबारा इस तरह सड़कपर घूमते नजर नही आएंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Coronavirus Madhya Pradesh Hoshangabad Betul Latest News Today Updates: Betul Police On COVID-19 Lockdown Violators




बैतूल में लॉकडाउन तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती के साथ साथ नरमी से भी पेश आ रही है। लोगो को लॉकडाउन का मतलब समझाते हुए गुरुवार को पुलिस नेबाहर निकले लोगों के साथ गांधीगिरी का रास्ता अपनाया। उन्होंनेतीन तरीके से लोगों को मनाने की कोशिश की। पहले उन्होंने फूल दिए, आरती उतारी, और आखिर में कान के पास घंटी बजाकर अहसास कराया कि उनका जीवन कोरोा की वजह से खतरे में पड़ सकता है।

एसडीओपी विजय पुंज ने बताया कि सुबह-सुबह बड़ी संख्या में लोगपैदल और बाइक लेकर तफरीह करते पाए गए। कारगिल चौक पर ऐसे लोगों को समझाइश देने के साथ-साथउनकी आरती भी उतारी। कान के पास घंटी बजाकर यह अहसास कराया गया कि संकट के इस दौर में उनका बाहर निकलना उनके स्वयं के लिए कितना खतरनाक हो सकता है। समझाइश देने के बाद लोगों को गुलाब का फूल भेंट कर संकल्प दिलाया गया कि वे दोबारा बिना कारण सड़कपर नजर नही आएंगे। लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने घरों में ही रहेंगे। इस दौरान कोतवाली थाना प्रभारी राजेंद्र धुर्वे, एसआई गजेंद्र सिंह चौहान ने बेवजह घरों से निकलने वाला को गुलाब का फूल देकर आरती उतारी और घर मे रहने की समझाइश दी।

पुलिस ने फ्लैगमार्च निकालकर लोगों से घर के अंदर रहने की अपील की है।

फ्लैग मार्च निकाला, जो मिला, उसे उठक-बैठक कराई

इस कार्यवाही के बाद एसडीओपी ने पुलिस टीम के साथशहर में फ्लैग मार्च निकाला गया। जैसे ही मार्च लल्ली चौक पहुंचा। कुछ लोग पुनः लॉकडाउन का उल्लंघन करते पाए गए। पुलिस ने करीब दर्जनभर लोगोंमामूली सजा देते हुए कान पकड़कर उठक लगवाई। वादा करवाया की दोबारा इस तरह सड़कपर घूमते नजर नही आएंगे।

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Coronavirus Madhya Pradesh Hoshangabad Betul Latest News Today Updates: Betul Police On COVID-19 Lockdown Violators
बैतूल में लॉकडाउन तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती के साथ साथ नरमी से भी पेश आ रही है। लोगो को लॉकडाउन का मतलब समझाते हुए गुरुवार को पुलिस नेबाहर निकले लोगों …
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस बाहर से आई जमातों के कारण फैला है। प्रदेश में एकाएक संक्रमण के मामले सामने आने पर जब सरकार ने जमातियों की जांच करने स्वास्थ्य विभाग और पुलिसकर्मियों को लगाया तो वे संक्रमित हो गए। अब भी कुछ तब्लीगी जमाती इधर-उधर छिपे हुए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। हम जमातियों और उनके संपर्क में आए लोगों से अपील करते हैं वे खुद जिए और दूसरों को जीने दें। अपना परीक्षण और इलाज कराएं। अगर फिर भी वे सामने नहीं आते तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री नेये भी कहा कि अभी प्रदेश के हालत ऐसे नजर नहीं आ रहे हैं कि लॉक डाउन को समाप्त कर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमें दिल्ली से प्रदेश में जमातियों के आने की जानकारी मिली तो तलाश शुरू हुई और इस दौरान संक्रमित जमातियों की बढ़ी संख्या तेजी से सामने आई, लेकिन उनसे हमारे अधिकारी भी संक्रमित हो गए। जमातियों के आने और उनके यहां ठहरने की जानकारी छिपाने समेत अन्य बिंदुओं की जांच की जा रही है। इंदौर, भोपाल सिरोंज, इटारसी सहित संक्रमित लोगों की जो हिस्ट्री मिल रही है वे लोग बाहर से आए जमातियों के संपर्क में आए हैं। कई जमातियों को भी संक्रमण हुआ है। जमातियों के कारण तेजी से फैला संक्रमण मुख्यमंत्री ने कहा कि हमे उनकी सेहत की चिंता है और उनका बेहतर इलाज करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शुरू से लोगों से अपनी जानकारी देने के लिए आग्रह कर रहे हैं। इसके बाद भी लोग सामने नहीं आए। इसके बाद हमने उन्हें तलाशने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और पुलिकर्मियों को लगाया। इसी कवायद के दौरान हमारे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के कई अधिकारी और कर्मचारी संक्रमित हो गए। सिरोंज में जमात का एक व्यक्ति चला गया और नागदा में भी इंदौर के एक संक्रमित व्यक्ति के कारण लोग कोरोना के संपर्क में आ गए। विदिशा में एक बच्ची महिला जमातियों के संपर्क में आने से संक्रमित हो गई। जमात के लोगों ने संक्रमित होने के बाद भी खुद को छिपाए रखा और वे जहां-जहां रहे उस दौरान अन्य लोगों को भी संक्रमित करते रहे। ऐसे हालात में लॉक डाउन हटाना नामुमकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और भोपाल और अन्य जिलों में जो हालात बीते दो दिन में सामने आए हैं उसे देखते हुए लॉकडाउन हटाना मुश्किल लग रहा है। यदि एकदम लॉकडाउन खोला गया तो कोरोना का खतरा और बढ़ सकता है, तब उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाएगा। हमारे लिए सबसे जरूरी लोगों की जान बचाना है। कोरोना वायरस को अमेरिका की तरह हंसी-खेल में नहीं ले सकते। अमेरिका ने शुरू में इसकी गंभीरता नहीं समझी, इसलिए अब वह ज्यादा परेशानी में है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान




मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस बाहर से आई जमातों के कारण फैला है। प्रदेश में एकाएक संक्रमण के मामले सामने आने पर जब सरकार ने जमातियों की जांच करने स्वास्थ्य विभाग और पुलिसकर्मियों को लगाया तो वे संक्रमित हो गए। अब भी कुछ तब्लीगी जमाती इधर-उधर छिपे हुए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। हम जमातियों और उनके संपर्क में आए लोगों से अपील करते हैं वे खुद जिए और दूसरों को जीने दें। अपना परीक्षण और इलाज कराएं। अगर फिर भी वे सामने नहीं आते तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री नेये भी कहा कि अभी प्रदेश के हालत ऐसे नजर नहीं आ रहे हैं कि लॉक डाउन को समाप्त कर दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमें दिल्ली से प्रदेश में जमातियों के आने की जानकारी मिली तो तलाश शुरू हुई और इस दौरान संक्रमित जमातियों की बढ़ी संख्या तेजी से सामने आई, लेकिन उनसे हमारे अधिकारी भी संक्रमित हो गए। जमातियों के आने और उनके यहां ठहरने की जानकारी छिपाने समेत अन्य बिंदुओं की जांच की जा रही है। इंदौर, भोपाल सिरोंज, इटारसी सहित संक्रमित लोगों की जो हिस्ट्री मिल रही है वे लोग बाहर से आए जमातियों के संपर्क में आए हैं। कई जमातियों को भी संक्रमण हुआ है।

जमातियों के कारण तेजी से फैला संक्रमण

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमे उनकी सेहत की चिंता है और उनका बेहतर इलाज करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शुरू से लोगों से अपनी जानकारी देने के लिए आग्रह कर रहे हैं। इसके बाद भी लोग सामने नहीं आए। इसके बाद हमने उन्हें तलाशने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और पुलिकर्मियों को लगाया। इसी कवायद के दौरान हमारे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के कई अधिकारी और कर्मचारी संक्रमित हो गए। सिरोंज में जमात का एक व्यक्ति चला गया और नागदा में भी इंदौर के एक संक्रमित व्यक्ति के कारण लोग कोरोना के संपर्क में आ गए। विदिशा में एक बच्ची महिला जमातियों के संपर्क में आने से संक्रमित हो गई। जमात के लोगों ने संक्रमित होने के बाद भी खुद को छिपाए रखा और वे जहां-जहां रहे उस दौरान अन्य लोगों को भी संक्रमित करते रहे।

ऐसे हालात में लॉक डाउन हटाना नामुमकिन

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और भोपाल और अन्य जिलों में जो हालात बीते दो दिन में सामने आए हैं उसे देखते हुए लॉकडाउन हटाना मुश्किल लग रहा है। यदि एकदम लॉकडाउन खोला गया तो कोरोना का खतरा और बढ़ सकता है, तब उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाएगा। हमारे लिए सबसे जरूरी लोगों की जान बचाना है। कोरोना वायरस को अमेरिका की तरह हंसी-खेल में नहीं ले सकते। अमेरिका ने शुरू में इसकी गंभीरता नहीं समझी, इसलिए अब वह ज्यादा परेशानी में है।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस बाहर से आई जमातों के कारण फैला है। प्रदेश में एकाएक संक्रमण के मामले सामने आने पर जब सर…
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