आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज की कुल कितनी शिकायतें आई। इनकी जांच स्पष्ट की जाए। कॉलेज में कोरोना के कितने मरीजों का इलाज तथा अधिग्रहण से लेकर अब तक एवज में कितना भुगतान काॅलेज प्रबंधन को किया गया? यह सवाल कांग्रेस के तराना विधायक महेश परमार का है, जो उन्होंने 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे मप्र सरकार के मानसून विधानसभा सत्र में पूछा है। परमार ने स्वास्थ्य मंत्री से ये भी जानना चाहा है कि उज्जैन जिले में कोरोना के लिए कितनी संस्थाओं को अधिगृहीत कर उन्हें एवज में कितना भुगतान किया। परमार ने अपने तीसरे सवाल में किसान कल्याण मंत्री से पूछा है कि क्या हर साल प्रदेश में जानबूझकर बड़ी संख्या में लाखों टन गेहूं अनाज खुले में सड़ाया जाता है ताकि उसे ओने-पौने दामों में शराब कंपनियों को बेचा जा सके। क्या इस तरह के अनाज की सबसे बड़ी नीलामी वर्ष 2014-15 में हुई थी। यदि हां तो दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई? काेराेना की मीटिंगाें में हमें नहीं बुलाया- मालवीय घटि्टया विधायक रामलाल मालवीय ने अधिकारियों पर प्रोटोकाल का पालन नहीं करने और कांग्रेसी जनप्रतिनिधियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए सवाल पूछा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कोरोना से जुड़ी मीटिंग में अधिकारियों ने केवल भाजपा के जनप्रतिनिधियों को ही बुलाया, हमें नहीं। पंवासा में पुलिस थाने के शुभारंभ में भी कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की। उन्हें नहीं बुलाया, जबकि पंवासा का 60 फीसदी क्षेत्र घटि्टया में आता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज की कुल कितनी शिकायतें आई। इनकी जांच स्पष्ट की जाए। कॉलेज में कोरोना के कितने मरीजों का इलाज तथा अधिग्रहण से लेकर अब तक एवज में कितना भुगतान काॅलेज प्रबंधन को किया गया? यह सवाल कांग्रेस के तराना विधायक महेश परमार का है, जो उन्होंने 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे मप्र सरकार के मानसून विधानसभा सत्र में पूछा है।
परमार ने स्वास्थ्य मंत्री से ये भी जानना चाहा है कि उज्जैन जिले में कोरोना के लिए कितनी संस्थाओं को अधिगृहीत कर उन्हें एवज में कितना भुगतान किया। परमार ने अपने तीसरे सवाल में किसान कल्याण मंत्री से पूछा है कि क्या हर साल प्रदेश में जानबूझकर बड़ी संख्या में लाखों टन गेहूं अनाज खुले में सड़ाया जाता है ताकि उसे ओने-पौने दामों में शराब कंपनियों को बेचा जा सके। क्या इस तरह के अनाज की सबसे बड़ी नीलामी वर्ष 2014-15 में हुई थी। यदि हां तो दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई?
काेराेना की मीटिंगाें में हमें नहीं बुलाया- मालवीय
घटि्टया विधायक रामलाल मालवीय ने अधिकारियों पर प्रोटोकाल का पालन नहीं करने और कांग्रेसी जनप्रतिनिधियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए सवाल पूछा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कोरोना से जुड़ी मीटिंग में अधिकारियों ने केवल भाजपा के जनप्रतिनिधियों को ही बुलाया, हमें नहीं। पंवासा में पुलिस थाने के शुभारंभ में भी कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की। उन्हें नहीं बुलाया, जबकि पंवासा का 60 फीसदी क्षेत्र घटि्टया में आता है।



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