भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच विभाग बंटवारेको लेकर अभी भी सहमति नहीं बनी। प्रदेश भाजपा को संकेत थे कि गुरुवार सुबह तक स्थिति साफ हो जाएगी। इसीलिए सुबह 10.30 बजे की कैबिनेट बैठक शाम 5 बजे कर दी गई थी, लेकिन दोपहर बाद पता चला कि दिल्ली में सहमति नहीं बनी। लिहाजा कैबिनेट बैठक फिर निरस्त कर दी गई। इससे पहले मंगलवार को भी इसी कारण कैबिनेट की बैठक निरस्त हुई थी। मंत्रियों को शपथ लिए 8 दिन हो चुके हैं। प्रदेश भाजपा की सियासत में यह पहला अवसर है, जब मंत्रियों को विभाग बांटने में सहमति नहीं बन पा रही। दिल्ली में गुरुवार को सिंधिया के नड्‌डा से इस विषय को लेकर बात हुई। ऐसे संकेत हैं कि शुक्रवार को स्थिति साफ हो सकती है। हालांकि भाजपा के सूत्र इसकी भी पुष्टि नहीं कर रहे। उनका कहना है कि 72 घंटे से ज्यादा समय कभी नहीं लगा। इधर, सिंधिया के विभागों के लिए अड़ने के बाद भाजपा के भीतर उनका विरोध बढ़ रहा है। मंत्री, पूर्व मंत्री के बाद अब सागर के सुरखी की पूर्व विधायक पारुल साहू ने सिंधिया पर तंज कसा कि ये राजनीतिक दहेज प्रताड़ना कहीं राजनीतिक तलाक का कारण न बन जाए। शीर्ष नेतृत्व से आग्रह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सम्मान को इस तरह धूमिल न किया जाए। उन्हें निर्णय लेने की आजादी दी जाए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today फाइल फोटो।


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच विभाग बंटवारेको लेकर अभी भी सहमति नहीं बनी। प्रदेश भाजपा को संकेत थे कि गुरुवार सुबह तक स्थिति साफ हो जाएगी। इसीलिए सुबह 10.30 बजे की कैबिनेट बैठक शाम 5 बजे कर दी गई थी, लेकिन दोपहर बाद पता चला कि दिल्ली में सहमति नहीं बनी। लिहाजा कैबिनेट बैठक फिर निरस्त कर दी गई।
इससे पहले मंगलवार को भी इसी कारण कैबिनेट की बैठक निरस्त हुई थी। मंत्रियों को शपथ लिए 8 दिन हो चुके हैं। प्रदेश भाजपा की सियासत में यह पहला अवसर है, जब मंत्रियों को विभाग बांटने में सहमति नहीं बन पा रही। दिल्ली में गुरुवार को सिंधिया के नड्‌डा से इस विषय को लेकर बात हुई। ऐसे संकेत हैं कि शुक्रवार को स्थिति साफ हो सकती है। हालांकि भाजपा के सूत्र इसकी भी पुष्टि नहीं कर रहे। उनका कहना है कि 72 घंटे से ज्यादा समय कभी नहीं लगा। इधर, सिंधिया के विभागों के लिए अड़ने के बाद भाजपा के भीतर उनका विरोध बढ़ रहा है। मंत्री, पूर्व मंत्री के बाद अब सागर के सुरखी की पूर्व विधायक पारुल साहू ने सिंधिया पर तंज कसा कि ये राजनीतिक दहेज प्रताड़ना कहीं राजनीतिक तलाक का कारण न बन जाए। शीर्ष नेतृत्व से आग्रह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सम्मान को इस तरह धूमिल न किया जाए। उन्हें निर्णय लेने की आजादी दी जाए।



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