एक साल पहले घर से निकला 15 वर्षीय बालक पुलिस की मदद से दोबारा अपने घर पहुंच गया। मामला रायपुरिया का है।शांतिलाल भूरिया का 15 साल का पुत्र अम्बाराम भूरिया 10 अगस्त 2019 को घर छोड़ बिना बताए चला गया था। पिता की सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी। पिता ने बेटे की खूब तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। हालांकि इस एक साल में वह अक्सर पिता से अलग-अलग नंबर से बात करता था, लेकिन घर नहीं आना चाहता था। 10 दिन पहले कोटा से किसी व्यक्ति की मदद लेकर अम्बाराम ने फिर अपने पिता को फोन किया। इस बार शांतिलाल ने बेटे द्वारा लगाए गए फोन नंबर की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने उस नंबर पर बात की और बालक के पूनम काॅलोनी कोटा (राजस्थान) में होने की जानकारी मिली। फोन पर बात कर रहा लड़का अम्बाराम ही है इस बात की पुष्टि के लिए टीआई कैलाश चौहान और सहायक उपनिरीक्षक प्रहलादसिंह चुंडावत ने वॉट्सएप के जरिए अम्बाराम का फोटो फोन करने वाले व्यक्ति को भेजा और पूछा कि क्या यही वो बालक है जिसने फोन पर बात की थी। पुलिस ने उधर से बालक का भी फोटो वॉट्सएप पर मंगवाया दोनों फोटो के मिलान के बाद पुलिस ने पुख्ता जानकारी एकत्रित की। मामले की विवेचना पेटलावद एसडीओपी बबिता बामनिया कर रही थी। उन्हीं के निर्देश पर थाना प्रभारी कैलाश चौहान के मार्गदर्शन में पुलिस टीम के सहायक उपनिरीक्षक प्रहलादसिंह चुंडावत आरक्षक रीछुसिंह शांतिलाल को साथ लेकर कोटा गए और बेटे से मिलवाया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


एक साल पहले घर से निकला 15 वर्षीय बालक पुलिस की मदद से दोबारा अपने घर पहुंच गया। मामला रायपुरिया का है।शांतिलाल भूरिया का 15 साल का पुत्र अम्बाराम भूरिया 10 अगस्त 2019 को घर छोड़ बिना बताए चला गया था। पिता की सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी।

पिता ने बेटे की खूब तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। हालांकि इस एक साल में वह अक्सर पिता से अलग-अलग नंबर से बात करता था, लेकिन घर नहीं आना चाहता था। 10 दिन पहले कोटा से किसी व्यक्ति की मदद लेकर अम्बाराम ने फिर अपने पिता को फोन किया। इस बार शांतिलाल ने बेटे द्वारा लगाए गए फोन नंबर की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने उस नंबर पर बात की और बालक के पूनम काॅलोनी कोटा (राजस्थान) में होने की जानकारी मिली।

फोन पर बात कर रहा लड़का अम्बाराम ही है इस बात की पुष्टि के लिए टीआई कैलाश चौहान और सहायक उपनिरीक्षक प्रहलादसिंह चुंडावत ने वॉट्सएप के जरिए अम्बाराम का फोटो फोन करने वाले व्यक्ति को भेजा और पूछा कि क्या यही वो बालक है जिसने फोन पर बात की थी। पुलिस ने उधर से बालक का भी फोटो वॉट्सएप पर मंगवाया दोनों फोटो के मिलान के बाद पुलिस ने पुख्ता जानकारी एकत्रित की। मामले की विवेचना पेटलावद एसडीओपी बबिता बामनिया कर रही थी। उन्हीं के निर्देश पर थाना प्रभारी कैलाश चौहान के मार्गदर्शन में पुलिस टीम के सहायक उपनिरीक्षक प्रहलादसिंह चुंडावत आरक्षक रीछुसिंह शांतिलाल को साथ लेकर कोटा गए और बेटे से मिलवाया।



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