बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में गुुरुवार को कार्यपरिषद की बैठक में कुलपति प्रो. आरजे राव और रजिस्ट्रार डॉ.बी.भारती के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुलपति प्रो. राव ने 2014 में नियुक्त 12 फैकल्टी का प्रोबेशन पीरियड खत्म हो जाने के बाद स्थाई करने का प्रस्ताव रखा। लेकिन रजिस्ट्रार डाॅ.भारती ने इससे साफ इनकार कर दिया और कहा कि यह विषय एजेंडा में ही शामिल नहीं है। इन्हें स्थाई नहीं किया जा सकता और ऐसा कहकर वह बीच मीटिंग से उठकर बाहर चले गए।
कुलपति..फैकल्टी अच्छा काम कर रही, नियमित करें
बैठक में कुलपति ने 2014 में नियुक्त फैकल्टी का पक्ष लिया और कहा कि इनकी नियुक्ति में कोई दोष नहीं है। यह फैकल्टी बहुत अच्छा काम कर रही है। बहुत अनुशासित हैं। अपना काम ईमानदारी से करती है। इन्हें स्थाई किया जाना चाहिए।
रजिस्ट्रार...राज्य शासन के नियमों से ही होगा काम
रजिस्ट्रार ने कहा कि जस्टिस गोहिल ने रिपोर्ट में इन्हें स्थाई करने के लिए नहीं कहा है। यदि आप इन्हें स्थाई करने का निर्णय ले भी लेते हैं तो मैं आदेश निकालने के लिए बाध्य नहीं हूं। मैं शासन का प्रतिनिधि हूं। शासन के नियम से काम होगा और मार्गदर्शन मागूंगा।
राजभवन वापस भेजी जाएगी जांच रिपोर्ट
बैठक पूर्व कुलपति डॉ. एमडी तिवारी के कार्यकाल में वर्ष 2014 में हुई नियुक्ति के मामले में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अभय गोहिल की जांच रिपोर्ट को लेकर बुलाई गई। कार्यपरिषद सदस्यों के बीच तीन घंटे से ज्यादा चली चर्चा के बाद यह सहमति बनी है कि रिपोर्ट में विभिन्न प्रकरणों में विरोधाभाषी तथ्य हैं। इसलिए यह रिपोर्ट वापस राजभवन भेजी जाएगी।
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