इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं की परीक्षा का रिजल्ट पिछले साल से कमजोर रहा। पिछले साल 2019 में जिले का रिजल्ट 70.90 फीसदी रहा था। जबकि इस बार 65.26 रहा। जिन सरकारी स्कूलों का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में कमजोर रहा उन स्कूलों के रिजल्ट की समीक्षा मंगलवार को डीईओ केसी शर्मा ने की। एक-एक प्राचार्य को बुलाकर रिजल्ट पूछा और रिजल्ट कमजोर रहने का कारण पूछा तो प्राचार्य जवाब नहीं दे पाए। अब इन सभी स्कूलों के प्राचार्यों को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए भोपाल लिखा जाएगा। सागोद रोड स्थित उत्कृष्ट स्कूल में प्राचार्यों की बैठक दोपहर 12 बजे से शुरू हुई। डीईओ ने एक-एक प्राचार्य को रिजल्ट के साथ बुलाया और रिजल्ट देखकर समीक्षा की। अधिकतर स्कूलों का नौवीं का रिजल्ट अच्छा रहा व दसवीं का कमजोर रहा। इस पर डीईओ ने प्राचार्यों को फटकार लगाते हुए कहा आपके स्कूल का नौवीं क्लास का रिजल्ट अच्छा आया है तो दसवीं का क्यों नहीं। यानी कहीं ना कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तभी तो नौवीं का रिजल्ट दसवीं से अच्छा रहा। स्कूल के फंड से खरीदना थी एलईडी, आपने क्यों नहीं ली डीईओ ने कहा शिक्षक क्या कर रहे थे जो बच्चे फेल हो गए। आपसे अच्छे तो जिले के शिक्षकविहीन स्कूल रहे। जहां बगैर शिक्षक के एलईडी से पढ़ाई हुई और रिजल्ट पिछले साल से अच्छा आया। आप भी एलईडी से पढ़ाई करवा सकते थे। आपने क्यों नहीं कराई। स्कूल के पास फंड भी है चाहे तो आप स्कूल के फंड से खरीदी कर सकते थे। आपके मन में ये विचार क्यों नहीं आया। आपको छह महीने का रिजल्ट देखने के बाद तो कम से कम संभलना था। इसके बाद डी और ई श्रेणी के बच्चों को छांटना था और उस पर ध्यान देते तो यह नौबत नहीं आती।अब संबंधितों पर एक्शन होगा। छह माही रिजल्ट के बाद क्यों नहीं संभले डीईओ ने समीक्षा में कहा कि स्कूलों का छह माही रिजल्ट कमजोर रहा उन स्कूलों ने भी आगे रिजल्ट सुधार के लिए प्रयास क्यों नहीं किए। इस पर प्राचार्य जवाब नहीं दे पाए। डीईओ ने बताया सभी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए जाएंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए भोपाल लिखा जाएगा। जिले के 35 प्राचार्य शामिल हुए। सहायक संचालक लक्ष्मण देवड़ा, रासमेक के सीएल सालित्रा, उत्कृष्ट स्कूल प्राचार्य सुभाष कुमावत, राजेंद्र पांडेय मौजूद थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं की परीक्षा का रिजल्ट पिछले साल से कमजोर रहा। पिछले साल 2019 में जिले का रिजल्ट 70.90 फीसदी रहा था। जबकि इस बार 65.26 रहा। जिन सरकारी स्कूलों का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में कमजोर रहा उन स्कूलों के रिजल्ट की समीक्षा मंगलवार को डीईओ केसी शर्मा ने की। एक-एक प्राचार्य को बुलाकर रिजल्ट पूछा और रिजल्ट कमजोर रहने का कारण पूछा तो प्राचार्य जवाब नहीं दे पाए। अब इन सभी स्कूलों के प्राचार्यों को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए भोपाल लिखा जाएगा।
सागोद रोड स्थित उत्कृष्ट स्कूल में प्राचार्यों की बैठक दोपहर 12 बजे से शुरू हुई। डीईओ ने एक-एक प्राचार्य को रिजल्ट के साथ बुलाया और रिजल्ट देखकर समीक्षा की। अधिकतर स्कूलों का नौवीं का रिजल्ट अच्छा रहा व दसवीं का कमजोर रहा। इस पर डीईओ ने प्राचार्यों को फटकार लगाते हुए कहा आपके स्कूल का नौवीं क्लास का रिजल्ट अच्छा आया है तो दसवीं का क्यों नहीं। यानी कहीं ना कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तभी तो नौवीं का रिजल्ट दसवीं से अच्छा रहा।

स्कूल के फंड से खरीदना थी एलईडी, आपने क्यों नहीं ली
डीईओ ने कहा शिक्षक क्या कर रहे थे जो बच्चे फेल हो गए। आपसे अच्छे तो जिले के शिक्षकविहीन स्कूल रहे। जहां बगैर शिक्षक के एलईडी से पढ़ाई हुई और रिजल्ट पिछले साल से अच्छा आया। आप भी एलईडी से पढ़ाई करवा सकते थे। आपने क्यों नहीं कराई। स्कूल के पास फंड भी है चाहे तो आप स्कूल के फंड से खरीदी कर सकते थे। आपके मन में ये विचार क्यों नहीं आया। आपको छह महीने का रिजल्ट देखने के बाद तो कम से कम संभलना था। इसके बाद डी और ई श्रेणी के बच्चों को छांटना था और उस पर ध्यान देते तो यह नौबत नहीं आती।अब संबंधितों पर एक्शन होगा।

छह माही रिजल्ट के बाद क्यों नहीं संभले
डीईओ ने समीक्षा में कहा कि स्कूलों का छह माही रिजल्ट कमजोर रहा उन स्कूलों ने भी आगे रिजल्ट सुधार के लिए प्रयास क्यों नहीं किए। इस पर प्राचार्य जवाब नहीं दे पाए। डीईओ ने बताया सभी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए जाएंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए भोपाल लिखा जाएगा। जिले के 35 प्राचार्य शामिल हुए। सहायक संचालक लक्ष्मण देवड़ा, रासमेक के सीएल सालित्रा, उत्कृष्ट स्कूल प्राचार्य सुभाष कुमावत, राजेंद्र पांडेय मौजूद थे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/32gXwF9
via IFTTT

No comments:

Post a Comment