मास्टर प्लान - 2031 के जीआईएस मैप ऑनलाइन ओपन नहीं हो रहे हैं। इसलिए यह समझना मुश्किल है कि ड्राफ्ट में सीवेज लाइन, बिजली लाइन, पानी की पाइप लाइन आदि के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं। इस वजह से ड्राफ्ट पर दावे, आपत्ति और सुझाव देना मुश्किल हो रहा है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने दस जुलाई से मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर दावे, आपत्ति और सुझाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अरेरा कॉलोनी ई-2 रहवासी समिति के सचिव कमल राठी ने कहा कि वे पिछले कई दिनों से कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मैप ओपन नहीं हो रहे। स्ट्रक्चर इंजीनियर राजेश चौरसिया ने कहा कि आम आदमी के लिए ऑनलाइन नक्शे समझना मुश्किल है। कोराेना के कारणनहीं हुई कार्यशाला मार्च में ड्राफ्ट जारी करते समय कहा गया था कि कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए अब यह संभव नहीं हो रहा है। ऐसे में इस बार दावे, आपत्ति कम ही रहेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


मास्टर प्लान - 2031 के जीआईएस मैप ऑनलाइन ओपन नहीं हो रहे हैं। इसलिए यह समझना मुश्किल है कि ड्राफ्ट में सीवेज लाइन, बिजली लाइन, पानी की पाइप लाइन आदि के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं। इस वजह से ड्राफ्ट पर दावे, आपत्ति और सुझाव देना मुश्किल हो रहा है।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने दस जुलाई से मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर दावे, आपत्ति और सुझाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अरेरा कॉलोनी ई-2 रहवासी समिति के सचिव कमल राठी ने कहा कि वे पिछले कई दिनों से कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मैप ओपन नहीं हो रहे। स्ट्रक्चर इंजीनियर राजेश चौरसिया ने कहा कि आम आदमी के लिए ऑनलाइन नक्शे समझना मुश्किल है।

कोराेना के कारणनहीं हुई कार्यशाला
मार्च में ड्राफ्ट जारी करते समय कहा गया था कि कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए अब यह संभव नहीं हो रहा है। ऐसे में इस बार दावे, आपत्ति कम ही रहेंगे।



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