कानपुर में 8 पुलिसवालाें की हत्या का आराेपी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे गुरुवार सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर में पकड़ा गया। उसे मंदिर के गार्ड ने पकड़ा। थाने ले जाते वक्त उसने चिल्लाकर कहा- ‘मैं विकास दुबे हूं... कानपुर वाला’। 6 दिन से फरार विकास की तलाश में यूपी पुलिस की 40 टीमें लगी थीं। अपराध करते वक्त दरिंदगी की सारी हदें पार करने वाले विकास की इतनी आसान गिरफ्तारी का अंदाजा किसी को भी नहीं था। बुधवार को दिन में फरीदाबाद में ऑटो में बैठता दिखा विकास बुधवार की रात को ही कोटा होते हुए उज्जैन पहुंचा था। लेकिन, एक ‘संयोग’ यह भी रहा कि बुधवार दोपहर को उज्जैन के महाकाल थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी का तबादला हुआ था। रात को कलेक्टर आशीष सिंह और एसपी मनोज सिंह महाकाल मंदिर पहुंचे थे। दाेनाें का दावा है कि वे एक बैठक के सिलसिले में गए थे। गुरुवार सुबह 7:30 बजे विकास दुबे मंदिर में दिखा। 8:13 बजे उसने महाकाल के दर्शन किए। 8:30 बजे उसे पुलिस ले गई। शाम को उसकी पत्नी, बेटा और नाैकर भी लखनऊ में पकड़े गए। इधर, विकास पर घोषित 5 लाख के इनाम पर विवाद शुरू हो गया है। मंदिर प्रशासन, गार्ड, पुलिसकर्मी और फूल वाले तक ने इस पर दावा ठोका है।
दिल्ली से दोस्तों के साथ आया था विकास, तिवारी
ने नागझिरी क्षेत्र में रुकवाया - पढ़ें इनसाइड पेज
मंदिर में टहलकर फाेटाे खिंचवाता रहा दुबे
सुबह 8 बजे मंदिर पहुंचा। टहलता रहा। अपने नाम से पर्ची भी बनवाई। ये फोटो किसने वायरल किए, इसका पता नहीं चला है।
खुद ही बाहर आया, पुलिसवाले पीछे चलते रहे
पुलिस और गार्ड के साथ परिसर में घूमता रहा। उसे किसी ने नहीं पकड़ रखा था। वह आराम से घूमते हुए ही बाहर तक आया।
सीन3: बाहर मीडिया के कैमरों के सामने गर्दन तक पहुंचे कानून के हाथ
बाहर आते ही पुलिस ने सख्ती का दिखावा किया। पुलिस जब गाड़ी में बैठा रही थी ताे विकास जोर से बोला- मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला। तब एक पुलिस वाले ने पीछे से एक हल्का सा चांटा मारा।
- विकास को गाड़ी में बैठाने के दौरान एक पुलिस कर्मी पीछे से बोल रहा था- शर्मा जी, मरवाओगे... इतना कहकर वह किसी दूसरे पुलिसकर्मी को दूर ले गया। इस दौरान विकास बार-बार पीछे देखता रहा, जैसे उसका कोई साथी वहां मौजूद हो। संभवत: उसी शख्स ने तस्वीरें भी खींची हैं।
सियासी द्वंद्व... विकास की गिरफ्तारी को भाजपा ने बताया सफलता, कांग्रेस ने साजिश
जिन्हें लगता है महाकाल की शरण में जाने से पाप धुल जाएंगे, उन्होंने महाकाल को जाना ही नहीं
भोपाल | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिनको लगता है कि महाकाल की शरण में जाने से उनके पाप धुल जाएंगे, ऐसे लोगों ने महाकाल को जाना ही नहीं है। किसी भी अपराधी को मप्र सरकार नहीं छोड़ेगी। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमारे एक कांस्टेबल को शक हुआ। उसने अपने एक साथी को बताया। इसके बाद ही विकास दुबे को गिरफ्तार किया गया। क्रूरता की हदें पार करने वाले दुबे को जिंदा रहने का कोई हक नहीं। मिश्रा ने बताया कि जैसे ही दुबे की वारदात का पता चला था, तभी से प्रदेश को अलर्ट पर रखा गया था। इसीलिए बड़ी कामयाबी मिली।
सियासी साजिश की बू; महाकाल इन्हें माफ नहीं करेंगे, इनको पापों की सजा हर हाल में मिलेगी
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि इतने बड़े अपराधी का कानपुर से उज्जैन तक आना, महाकाल मंदिर में चिल्ला-चिल्लाकर खुद को गिरफ्तार करवाना, बड़ी साजिश को जन्म दे रहा है। जिन्होंने अपने भ्रष्टाचार से महाकाल की नगरी को भी नहीं छोड़ा, महाकाल उन्हें पापों की सजा जरूर देंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी जीतू पटवारी ने कहा है कि गजब का संयोग है कानपुर का अपराधी और हमारे गृह मंत्री भी कानपुर के प्रभारी रहे। प्रदेश अपराधियों की राजधानी बन गया है। सुरक्षा गार्ड एक ऐसे अपराधी को पकड़ते हैं जिसने 8 पुलिस कर्मियों की हत्या की है। शेष
ऐसे नाटकीय कहानियों पर अपनी वाह-वाही करने वालों को शर्म आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश की पुलिस जिस विकास दुबे को ढूंढ रही है वह प्रदेश की सीमा पार कर उज्जैन में दो दिनों से अपने साथियों के साथ रह रहा था। क्या यह प्रदेश सरकार की विफलता नहीं है। इसके बाद भी प्रदेश सरकार वाहवाही लूट रही है।
इन सवालों के जवाब नहीं
1. अलर्ट के बावजूद आरोपी
उज्जैन कैसे पहुंचा?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पूछा कि विकास का उज्जैन पहुंचना न सिर्फ सुरक्षा दावों की पोल खोलता है, बल्कि मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है। इस पूरे घटनाक्रम की जांच सीबीआई से कराई जाए।
2. गिरफ्तारी हुई या आत्मसमर्पण
का ड्रामा रचा?
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सरकार से पूछा कि यह सरेंडर था या गिरफ्तारी? मोबाइल की सीडीअार सार्वजनिक की जाए, ताकि मिलीभगत का भंडाफोड़ हो।
3. गिरफ्तारी के लिए मीडिया
को क्यों बुलाया?
शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा के रिश्तेदार कमलकांत ने पूछा- ‘12 घंटे पहले विकास फरीदाबाद में था, तुरंत उज्जैन कैसे पहुंच गया? उससे सुनियोजित सरेंडर करवाया गया। पुलिस मीडिया को लेकर क्याें गई थी?’
4. मप्र के गृह मंत्री की भूमिका
पर उठे सवाल
कांग्रेस ने कहा कि मप्र के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा यूपी चुनाव में कानपुर के प्रभारी थे और अभी उज्जैन के प्रभारी हैं। विकास की गिरफ्तारी से सिर्फ एक दिन पहले महाकाल थाना प्रभारी का तबादला संयोग है या षड्यंत्र?
विकास का कबूलनामा- डीएसपी मुझे लंगड़ा कहता था, इसलिए सोच रखा था उसे निपटाऊंगा |
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