नर्मदा जल योजना के चारखेड़ा स्थित फिल्टर प्लांट में अब इंटकवेल के तीसरे पोट से पानी आने लगा है। यहां दो दिन से बोरिंग मशीन द्वारा हवा के प्रेशर से तैराकों का दल कीचड़ की गाद हटाने का प्रयास कर रहा रहा था। पिछले साल अतिवृष्टि होने के कारण इंटकवेल के पास ऊपरी हिस्से मिट्टी खिसककर नदी में चली गई थी।
इस कारण समुद्र सतह से 241 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तीसरे पोट के आसपास कीचड़ की गाद और पत्थर एकत्र हो गए थे। इंदिरा सागर बांध इस बार पूरी क्षमता से भरने के कारण गर्मी के मौसम में भी यहां समुद्र सतह से 250 मीटर तक पानी रहा। इस कारण गर्मी में तीसरे पोट से पानी लेने की जरूरत नहीं पड़ी लेकिन पिछले दिनों एनएचडीसी ने अधिक मात्रा में बिजली का उत्पादन किया तो एक महीने में दो मीटर तक चारखेड़ा में नदी का जलस्तर कम हो गया। इस कारण बारिश के मौसम में विश्वा कंपनी को तीसरे पोट की सफाई करवाना पड़ी।
इंटकवेल में हर छह मीटर पर है एक पोट
चारखेड़ा के इंटकवेल में हर छह मीटर पर एक पोट है। पहला पोट 254 मीटर की ऊंचाई पर है। दूसरा 248 मीटर और तीसरा 241 मीटर की ऊंचाई पर है। बैक वाटर 250 मीटर तक रहने पर इंटकवेल में पर्याप्त मात्रा में पानी आ रहा था। 248 मीटर होने पर दूसरे पोट से पानी आना बंद हो गया। इसलिए तीसरे पोट से बारिश में पानी लेने की जरूरत पड़ी। इस पोट से सामान्य रूप से गर्मी में जलस्तर कम होने की स्थिति में पानी लिया जाता है।
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