बिजली की अघाेषित कटाैती का दर्द अब नासूर बन गया है। शुक्रवार का ही उदाहरण लीजिए। शाम 5.30 बजे से रात 2.30 बजे तक फूलबाग, सिटी सेंटर जाेन के पाॅश इलाकाें में बिजली कटाैती ने लाेगाें काे बेहाल कर दिया। जैसे-तैसे रात कटी ताे शनिवार काे भी दिन और शाम काे बार-बार बिजली गुल हाेने से लाेगाें की हालत खराब हाे गई। ये हाल तब है जब शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शहर में थे। बिजली कंपनी ने बारिश के दौरान ऐसी अघोषित कटौती से बचाने का दावा करते हुए गर्मी में 2 महीने तक रोज शहर के अलग-अलग इलाकाें में मेंटेनेंस के नाम पर तीन से चार घंटे की घोषित कटौती की थी, लेकिन ये मेंटेनेंस बेमानी और दिखावा साबित हाे रहा है। शहरवासी लाेग बिजली गुल हाेने के कारण परेशान हैं। लचर सिस्टम...3 घंटे फॉल्ट ढूंढ़ने में लगे और 2 घंटे में लोड दूसरी डीपी में शिफ्ट कर पाए बिजली कंपनी ने 33 करोड़ रुपए खर्च कर रोशनीघर मुख्यालय में स्काडा सेंटर स्थापित किया है ताकि फाॅल्ट की लोकेशन चंद मिनटों में पता लग सके लेकिन एेसा नहीं हाे रहा है। बीती शाम साढ़े पांच बजे जब फूलबाग जाेन पर सेवा नगर से अाने वाली लाइन में फाॅल्ट हुआ ताे लाइन स्टाफ 3 घंटे तक उसे टाॅर्च लेकर लाइन टू लाइन पेट्रोलिंग कर तलाश करता है। 3 घंटे बाद बिजली कंपनी काे यह पता चला कि लाइन में दो जगह पर ब्रेकर फॉल्ट हुए हैं। इन्हें बदलने में 20 मिनट लगे। जैसे ही बिजली लाइन चालू की गई तो इसी क्षेत्र में पांच एमवीए का वितरण ट्रांसफार्मर फेल हो गया। इस ट्रांसफार्मर को ठीक करने का प्रयास शुरू किया गया लेकिन जब इसमें सफलता नहीं मिली तो ट्रांसफार्मर का लोड दूसरे ट्रांसफार्मर पर शिफ्ट करने में दो घंटे लग गए। इस तरह फूलबाग जोन के लक्ष्मीबाई कॉलोनी, पड़ाव, सेवानगर, द्वारिकापुरी, प्रेमनगर व साईं नगर सहित कई काॅलोनियों में 6 घंटे बिजली कटौती लोगों को झेलना पड़ी। सिटी सेंटर जोन शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात 1 बजे कुछ टाउनशिप में बिजली गुल हो गई। स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी के कॉल सेंटर में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां से किसी को बताया गया कि उन्होंने बिल नहीं जमा किया है तो किसी से बोला गया- कहीं पर लाइन फॉल्ट हुई है। जब लोगों ने बताया कि उन्होंने बिल भी जमा किया है और कोई बकाया भी नहीं है तो फिर लाइन स्टाफ ने फॉल्ट तलाशना शुरू किया। रात 2:30 बजे तक यही कवायद चलती रहती है और लोग बिजली कटौती से परेशान हुए। तानसेन नगर जोन सुभाष नगर ,चार शहर का नाका... यहां कोरोना संक्रमित मरीजों की वजह से कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। इसी एरिया में बीते शुक्रवार को रात 9 बजे योगिता पाराशर और कुछ परिवारों की बिजली खंभे से गुल हाे गई। रातभर कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हुई। सुबह एक लाइनमैन आया, जिसने बोला कि जिस कमरे से बिजली गई है वह खंबा कंटेनमेंट जोन में है और यह कहकर वापस चला गया। लोगों ने इसकी शिकायत एई से की तब लाइन स्टाफ फिर से आया और खंभे पर फॉल्ट ठीक किया गया। बिजली फॉल्ट ठीक करने में समय लग जाता है कभी-कभी बिजली लाइनों में और ट्रांसफार्मरों में दिक्कत आ जाती है। इस वजह से बिजली फाॅल्ट ठीक करने में समय लग जाता है पर ऐसा रोज-रोज नहीं होता। -पीके हजेला, उप महाप्रबंधक, बिजली कंपनी Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today In many areas, blackout from evening to night due to tripping on second day, power failure


बिजली की अघाेषित कटाैती का दर्द अब नासूर बन गया है। शुक्रवार का ही उदाहरण लीजिए। शाम 5.30 बजे से रात 2.30 बजे तक फूलबाग, सिटी सेंटर जाेन के पाॅश इलाकाें में बिजली कटाैती ने लाेगाें काे बेहाल कर दिया। जैसे-तैसे रात कटी ताे शनिवार काे भी दिन और शाम काे बार-बार बिजली गुल हाेने से लाेगाें की हालत खराब हाे गई। ये हाल तब है जब शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शहर में थे। बिजली कंपनी ने बारिश के दौरान ऐसी अघोषित कटौती से बचाने का दावा करते हुए गर्मी में 2 महीने तक रोज शहर के अलग-अलग इलाकाें में मेंटेनेंस के नाम पर तीन से चार घंटे की घोषित कटौती की थी, लेकिन ये मेंटेनेंस बेमानी और दिखावा साबित हाे रहा है। शहरवासी लाेग बिजली गुल हाेने के कारण परेशान हैं।

लचर सिस्टम...3 घंटे फॉल्ट ढूंढ़ने में लगे और 2 घंटे में लोड दूसरी डीपी में शिफ्ट कर पाए

बिजली कंपनी ने 33 करोड़ रुपए खर्च कर रोशनीघर मुख्यालय में स्काडा सेंटर स्थापित किया है ताकि फाॅल्ट की लोकेशन चंद मिनटों में पता लग सके लेकिन एेसा नहीं हाे रहा है। बीती शाम साढ़े पांच बजे जब फूलबाग जाेन पर सेवा नगर से अाने वाली लाइन में फाॅल्ट हुआ ताे लाइन स्टाफ 3 घंटे तक उसे टाॅर्च लेकर लाइन टू लाइन पेट्रोलिंग कर तलाश करता है। 3 घंटे बाद बिजली कंपनी काे यह पता चला कि लाइन में दो जगह पर ब्रेकर फॉल्ट हुए हैं। इन्हें बदलने में 20 मिनट लगे। जैसे ही बिजली लाइन चालू की गई तो इसी क्षेत्र में पांच एमवीए का वितरण ट्रांसफार्मर फेल हो गया। इस ट्रांसफार्मर को ठीक करने का प्रयास शुरू किया गया लेकिन जब इसमें सफलता नहीं मिली तो ट्रांसफार्मर का लोड दूसरे ट्रांसफार्मर पर शिफ्ट करने में दो घंटे लग गए। इस तरह फूलबाग जोन के लक्ष्मीबाई कॉलोनी, पड़ाव, सेवानगर, द्वारिकापुरी, प्रेमनगर व साईं नगर सहित कई काॅलोनियों में 6 घंटे बिजली कटौती लोगों को झेलना पड़ी।

सिटी सेंटर जोन
शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात 1 बजे कुछ टाउनशिप में बिजली गुल हो गई। स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी के कॉल सेंटर में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां से किसी को बताया गया कि उन्होंने बिल नहीं जमा किया है तो किसी से बोला गया- कहीं पर लाइन फॉल्ट हुई है। जब लोगों ने बताया कि उन्होंने बिल भी जमा किया है और कोई बकाया भी नहीं है तो फिर लाइन स्टाफ ने फॉल्ट तलाशना शुरू किया। रात 2:30 बजे तक यही कवायद चलती रहती है और लोग बिजली कटौती से परेशान हुए।
तानसेन नगर जोन
सुभाष नगर ,चार शहर का नाका... यहां कोरोना संक्रमित मरीजों की वजह से कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। इसी एरिया में बीते शुक्रवार को रात 9 बजे योगिता पाराशर और कुछ परिवारों की बिजली खंभे से गुल हाे गई। रातभर कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हुई। सुबह एक लाइनमैन आया, जिसने बोला कि जिस कमरे से बिजली गई है वह खंबा कंटेनमेंट जोन में है और यह कहकर वापस चला गया। लोगों ने इसकी शिकायत एई से की तब लाइन स्टाफ फिर से आया और खंभे पर फॉल्ट ठीक किया गया।

बिजली फॉल्ट ठीक करने में समय लग जाता है
कभी-कभी बिजली लाइनों में और ट्रांसफार्मरों में दिक्कत आ जाती है। इस वजह से बिजली फाॅल्ट ठीक करने में समय लग जाता है पर ऐसा रोज-रोज नहीं होता।
-पीके हजेला, उप महाप्रबंधक, बिजली कंपनी



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In many areas, blackout from evening to night due to tripping on second day, power failure


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