विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की गाइडलाइन 6 जुलाई को आने के बाद आरजीपीवी सहित अन्य परंपरागत विवि के छात्र परीक्षा को लेकर फिर असमंजस में हैं। उनका कहना है कि परीक्षा को लेेेकर मप्र में अभी तक कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है। दरअसल, अब टकराव यूजीसी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लिए गए निर्णय को लेकर है। यूजीसी ने परीक्षा कराने को कहा और सीएम ने फाइनल ईयर स्टूडेंट्स को दो ऑप्शन दिए हैं। या ताे वे पिछले एकेडमिक ईयर के सर्वाधिक अंक प्राप्त वाला रिजल्ट ले लें या परीक्षा दे दें। आयुक्त बोले...जल्द जारी हो जाएगी गाइडलाइन राज्य शासन की ओर से अभी तक स्टूडेंट्स के लिए अाधिकारिक रूप से सूचना जारी नहीं की गई है। विश्वविद्यालय सीधे तौर पर छात्रों से कह रहे हैं कि सीएम की बैठक के बाद परीक्षा नहीं कराने का जो निर्णय लिया गया है, उस बारे में भी शासन की ओर से कोई पत्र नहीं मिला है। उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त मुकेश शुक्ला का कहना है कि यूजीसी की गाइडलाइन को लेकर शासन स्तर निर्णय अपेक्षित है। यूजीसी की गाइडलाइन भेज दी गई है। जल्द ही गाइडलाइन जारी हो जाएगी। परीक्षा की वैधता को लेकर चल रही बहस परीक्षा कराने का काम विश्वविद्यालयों का है। कोरोना के कारण राज्य सरकार ने परीक्षा नहीं कराने का निर्णय लिया। लेकिन परीक्षा नहीं होने पर रिजल्ट की वैधता को लेकर बहस चल रही है। मेडिकल स्टूडेंट्स भी हो रहे हैं परेशान एमबीबीएस अहित अन्य कोर्स के स्टूडेंट्स भी परेशान हैं। सेकंड ईयर की परीक्षा मार्च में होनी थी। कोरोना के कारण आयोजन नहीं हो सका। आगे कब होगी। इसकी कोई गाइडलाइन मप्र मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी ने जारी नहीं की। कब, क्या हुआ 25 मई को सीएम ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की और निर्णय लिया कि जनरल प्रमोशन नहीं दिया जाएगा। 29 जून से 31 जुलाई के बीच परीक्षा कराने का निर्णय लिया। 29 मई को सीएम ने ट्वीट कर कहा कि जनरल प्रमोशन देकर छात्रों के भविष्य को बर्बाद नहीं किया जा सकता। इसके बाद आरजीपीवी ने 16 जून से यूजी अंतिम सेमेस्टर की प्रैक्टिकल वायवा ऑनलाइन माध्यम से और 23 जून से थ्योरी कराने का टाइम टेबल जारी कर दिया। बीयू ने 29 जून से यूजी अंतिम वर्ष और पीजी अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा कराने का टाइम टेबल जारी कर दिया। छात्रों ने सोशल मीडिया पर वर्तमान स्थिति में परीक्षाएं नहीं कराने के लिए अभियान जारी रखा। 15 जून को राज्य शासन ने आरजी पीवी समेत सभी विवि को पूर्व में निर्धारित किए गए टाइम टेबल के अनुसार होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित करने के निर्देश दिए गए। - 22 जून को सीएम ने उच्च शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में परीक्षा नहीं लेने का निर्णय लिया और कहा कि यू जी व पीजी अंतिम वर्ष/सेमेस्टर में स्टूडेंट्स को उनके अभी तक की वार्षिक परीक्षा/सेमेस्टर परीक्षाओं में जिनमें सर्वाधिक नंबर होंगे उसे इस परीक्षा का रिजल्ट माना जाएगा। यदि कोई इस रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होता है तो वह परीक्षा में शामिल होकर रिजल्ट सुधार सकता है। अन्य कक्षाओं और सेमेस्टर में पिछले रिकार्ड के आधार पर अगली कक्षा में बढ़ाया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की गाइडलाइन 6 जुलाई को आने के बाद आरजीपीवी सहित अन्य परंपरागत विवि के छात्र परीक्षा को लेकर फिर असमंजस में हैं। उनका कहना है कि परीक्षा को लेेेकर मप्र में अभी तक कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है। दरअसल, अब टकराव यूजीसी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लिए गए निर्णय को लेकर है। यूजीसी ने परीक्षा कराने को कहा और सीएम ने फाइनल ईयर स्टूडेंट्स को दो ऑप्शन दिए हैं। या ताे वे पिछले एकेडमिक ईयर के सर्वाधिक अंक प्राप्त वाला रिजल्ट ले लें या परीक्षा दे दें।

आयुक्त बोले...जल्द जारी हो जाएगी गाइडलाइन

राज्य शासन की ओर से अभी तक स्टूडेंट्स के लिए अाधिकारिक रूप से सूचना जारी नहीं की गई है। विश्वविद्यालय सीधे तौर पर छात्रों से कह रहे हैं कि सीएम की बैठक के बाद परीक्षा नहीं कराने का जो निर्णय लिया गया है, उस बारे में भी शासन की ओर से कोई पत्र नहीं मिला है। उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त मुकेश शुक्ला का कहना है कि यूजीसी की गाइडलाइन को लेकर शासन स्तर निर्णय अपेक्षित है। यूजीसी की गाइडलाइन भेज दी गई है। जल्द ही गाइडलाइन जारी हो जाएगी।

परीक्षा की वैधता को लेकर चल रही बहस
परीक्षा कराने का काम विश्वविद्यालयों का है। कोरोना के कारण राज्य सरकार ने परीक्षा नहीं कराने का निर्णय लिया। लेकिन परीक्षा नहीं होने पर रिजल्ट की वैधता को लेकर बहस चल रही है।

मेडिकल स्टूडेंट्स भी हो रहे हैं परेशान
एमबीबीएस अहित अन्य कोर्स के स्टूडेंट्स भी परेशान हैं। सेकंड ईयर की परीक्षा मार्च में होनी थी। कोरोना के कारण आयोजन नहीं हो सका। आगे कब होगी। इसकी कोई गाइडलाइन मप्र मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी ने जारी नहीं की।

कब, क्या हुआ

  • 25 मई को सीएम ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की और निर्णय लिया कि जनरल प्रमोशन नहीं दिया जाएगा। 29 जून से 31 जुलाई के बीच परीक्षा कराने का निर्णय लिया।
  • 29 मई को सीएम ने ट्वीट कर कहा कि जनरल प्रमोशन देकर छात्रों के भविष्य को बर्बाद नहीं किया जा सकता।
  • इसके बाद आरजीपीवी ने 16 जून से यूजी अंतिम सेमेस्टर की प्रैक्टिकल वायवा ऑनलाइन माध्यम से और 23 जून से थ्योरी कराने का टाइम टेबल जारी कर दिया। बीयू ने 29 जून से यूजी अंतिम वर्ष और पीजी अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा कराने का टाइम टेबल जारी कर दिया।
  • छात्रों ने सोशल मीडिया पर वर्तमान स्थिति में परीक्षाएं नहीं कराने के लिए अभियान जारी रखा।
  • 15 जून को राज्य शासन ने आरजी पीवी समेत सभी विवि को पूर्व में निर्धारित किए गए टाइम टेबल के अनुसार होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित करने के निर्देश दिए गए।
  • - 22 जून को सीएम ने उच्च शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में परीक्षा नहीं लेने का निर्णय लिया और कहा कि यू जी व पीजी अंतिम वर्ष/सेमेस्टर में स्टूडेंट्स को उनके अभी तक की वार्षिक परीक्षा/सेमेस्टर परीक्षाओं में जिनमें सर्वाधिक नंबर होंगे उसे इस परीक्षा का रिजल्ट माना जाएगा। यदि कोई इस रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होता है तो वह परीक्षा में शामिल होकर रिजल्ट सुधार सकता है। अन्य कक्षाओं और सेमेस्टर में पिछले रिकार्ड के आधार पर अगली कक्षा में बढ़ाया जाएगा।


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