पूर्व मंत्री व विधायक जीतू पटवारी शुक्रवार को भेरूगढ़ जेल पहुंचे। उन्होंने जेल के टेलीफोन के माध्यम से दोनों विधायकों से चर्चा कर उन्हें समझाइश दी। उसके बाद दोनों विधायक मान गए और विधायक महेश परमार, मनोज चावला सहित 7 लोगों को मुचलके पर छोड़ दिया। कांग्रेस पार्षद बीनू कुशवाह ने उनकी जमानत दी। पटवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा- इंदौर और उज्जैन हॉटस्पॉट है लेकिन मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री अब तक इन दोनों जगह पर नहीं पहुंचे हैं। लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज तो ऐसा हो गया है कि जो भी मरीज जाता है उसके वापस ठीक होकर आने की संभावना कम रहती है। यह कॉलेज तो मौत का कुआं बन गया है। टेस्टिंग की व्यवस्था ठीक नहीं है। मुझे कमलनाथ जी ने दोनों विधायकों से बात करने के लिए भेजा था। मैंने विधायकों से कहा किसान और मजदूरों की लड़ाई हमें सामने रहकर लड़ना है इसलिए आपका बाहर आना जरूरी है। उसके बाद वे मान गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन परिवारों में मौत हुई है, उन्हें सरकार ने ऐसे ही छोड़ दिया है। सरकार का कोई मंत्री उनके घर सांत्वना देने तक नहीं पहुंचा है। दोनों विधायकों का उपवास आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाकर तुड़वा दिया है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से पूछा ऐसे हालातों में सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को एक बार उज्जैन आना था या नहीं? जेल से रिहा होने के बाद विधायक परमार ने कहा- भाजपा सरकार किसानों व मजदूरों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उज्जैन में लगातार मौतें हो रही है और सरकार का कोई जिम्मेदार मंत्री यहां आकर देखने तक को तैयार नहीं है। लोगों को यहां मरने के लिए छोड़ दिया। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता विवेक गुप्ता ने बताया कि बांड नहीं भरा गया है केवल मुचलके पर छोड़ा गया है। केवल तीन गाड़ियों की परमिशन, जेल पर 50-60 लोगों की भीड़ पटवारी सहित तीन वाहनों की परमिशन थी। उसके बाद भी जेल पर कांग्रेस नेताओं की भीड़ लग गई। जेल प्रशासन ने सभी को बाहर किया। पटवारी बोलते रहे सोशल डिस्टेंसिंग रखें फिर भी नहीं माने। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Former minister Patwari explained, if the MLA, a respected legislator released from jail, broke his fast by drinking Ayurvedic decoction.


पूर्व मंत्री व विधायक जीतू पटवारी शुक्रवार को भेरूगढ़ जेल पहुंचे। उन्होंने जेल के टेलीफोन के माध्यम से दोनों विधायकों से चर्चा कर उन्हें समझाइश दी। उसके बाद दोनों विधायक मान गए और विधायक महेश परमार, मनोज चावला सहित 7 लोगों को मुचलके पर छोड़ दिया। कांग्रेस पार्षद बीनू कुशवाह ने उनकी जमानत दी। पटवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा- इंदौर और उज्जैन हॉटस्पॉट है लेकिन मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री अब तक इन दोनों जगह पर नहीं पहुंचे हैं। लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज तो ऐसा हो गया है कि जो भी मरीज जाता है उसके वापस ठीक होकर आने की संभावना कम रहती है। यह कॉलेज तो मौत का कुआं बन गया है। टेस्टिंग की व्यवस्था ठीक नहीं है। मुझे कमलनाथ जी ने दोनों विधायकों से बात करने के लिए भेजा था। मैंने विधायकों से कहा किसान और मजदूरों की लड़ाई हमें सामने रहकर लड़ना है इसलिए आपका बाहर आना जरूरी है। उसके बाद वे मान गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन परिवारों में मौत हुई है, उन्हें सरकार ने ऐसे ही छोड़ दिया है। सरकार का कोई मंत्री उनके घर सांत्वना देने तक नहीं पहुंचा है। दोनों विधायकों का उपवास आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाकर तुड़वा दिया है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से पूछा ऐसे हालातों में सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को एक बार उज्जैन आना था या नहीं? जेल से रिहा होने के बाद विधायक परमार ने कहा- भाजपा सरकार किसानों व मजदूरों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उज्जैन में लगातार मौतें हो रही है और सरकार का कोई जिम्मेदार मंत्री यहां आकर देखने तक को तैयार नहीं है। लोगों को यहां मरने के लिए छोड़ दिया। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता विवेक गुप्ता ने बताया कि बांड नहीं भरा गया है केवल मुचलके पर छोड़ा गया है।
केवल तीन गाड़ियों की परमिशन, जेल पर 50-60 लोगों की भीड़
पटवारी सहित तीन वाहनों की परमिशन थी। उसके बाद भी जेल पर कांग्रेस नेताओं की भीड़ लग गई। जेल प्रशासन ने सभी को बाहर किया। पटवारी बोलते रहे सोशल डिस्टेंसिंग रखें फिर भी नहीं माने।



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Former minister Patwari explained, if the MLA, a respected legislator released from jail, broke his fast by drinking Ayurvedic decoction.


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