जितना बड़ा रुतबा, उतनी बड़ी शादी और लाखाें-कराेड़ाें रुपए की फिजूलखर्ची। इन सबके विपरीत खंडवा में गुरुवार काे एेसा निकाह हुआ, जिसमें 0 प्रतिशत फिजूलखर्ची हुई।
बुरहानपुर शाही जामा मस्जिद के पेश इमाम सैय्यद इकराम उल्लाह बुखारी ने गुरुवार काे खंडवा में अपने बेटे का निकाह इमरान काजी, खंडवा की बेटी के साथ किया। परदेशीपुरा स्थित मदरसा काज़ीयान में हुए इस निकाह की खासियत यह रही कि दूल्हे वालों ने अपनी ओर से दिए सिर्फ एक जोड़े में दुल्हन को कुबूल किया। न तो लड़की वालों को बारातियों के लिए चाय, ठंडे का कोई इंतजाम करने दिया, न निकाह के बाद खाने की कोई व्यवस्था थी।
इकराम उल्लाह ने तकरीर में दुल्हन के पिता से बार-बार कहा कि अगर आपका इस शादी में पांच पैसा भी खर्च हुआ हो तो हमें बता दें, ताकि हम निकाह के पहले अदा कर दें। उन्हाेंने कहा उनकी इच्छा थी कि अपने बेटे की शादी में सैयदना हजरत अली करम अल्लाहु की सुन्नत को अदा करूं, जिसमें मैं कामयाब हो गया। निकाह होते ही आधे घंटे में दुल्हन विदा हो गई। सभी बाराती भी बुरहानपुर के लिए रवाना हो गए।
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