जिले से चलने वाली 250 बसों का संचालन 10 अगस्त से शुरू होने अटकलों को विराम लग गया है। दरअसल बस एसोसिएशन ने बिना टैक्स माफी बस चलाने से मना कर दिया है। हालांकि बसों के खड़े रहने से भी पार्ट्स खराब होने जैसे नुकसान बस मालिकों काे हो रहे हैं, लेकिन यह नुकसान बस चलाने से होने वाले नुकसान से कम है। इस कारण छोटे नुकसान सहकर ऑपरेटरों ने बसाें के संचालन नहीं करने का निर्णय लिया है। इधर बारिश में सैकड़ों बसें बस स्टैंड सहित अन्य स्थानाें पर खुले आसमान के नीचे पानी की मार के बीच खड़ी हैं। इनके बैटरी, ब्रेक, टायर जैसे पार्ट्स खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
खड़े रहने की अवधि का भी टैक्स लिया जाना उचित नहीं : हेमंत वागद्रे ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर तक का टैक्स माफ कर दिया है। मप्र में भी टैक्स माफ किया जाना चाहिए। बसें जिस टाइम पीरियड में नहीं चली उसमें टैक्स क्यों लिया जा रहा है। कम यात्रियों के साथ बस चलाना चुनौती और घाटे का सौदा है।
मांग : बस एसोसिएशन फिर अड़ा, कहा- बिना टैक्स माफ किए नहीं करेंगे संचालन
किराया सूची भी चार साल से न हीं बदली
बस एसोसिएशन के विकास आर्य ने बताया कि चार साल पहले जब डीजल 55 रुपए लीटर था उस समय किराया सूची लागू की थी। आज डीजल 81 रुपए से 82 रुपए लीटर तक पहुंच गया है, इसके बावजूद अब तक पुरानी सूची लागू है। किराया सूची नई नहीं लागू की गई है। इससे बसों का संचालन पहले ही घाटे का कारण बन रहा था, अब टैक्स माफी भी नहीं हो रही है। यात्री भी बेहद कम मिलेंगे इस कारण बसों का संचालन घाटे में नहीं किया जा सकता।
कुछ बसें चलीं, लेकिन घाटे के कारण बंद कर दी
इंदौर की ओर इक्का-दुक्का बसें चलाने का प्रयास बस ऑपरेटरों ने किया। दो बसें कुछ दिन चली भी, लेकिन यात्री नहीं मिलने और हर दिन घाटा होने के कारण बस मालिकों ने बसों का संचालन बंद कर दिया। दरअसल हर दिन इन बसों का संचालन घाटे में हो रहा था।
इधर, यात्री उम्मीदों के साथ आज भी आ रहे बस स्टैंड
शुक्रवार दोपहर जब भास्कर ने बस स्टैंड पर पड़ताल की तो बड़ी संख्या में यात्री यहां बैठे मिले। रोंढा को जाने वाली एक महिला और उसकी बेटी ने बताया कि सोचा था बस चालू होगी इसीलिए यहां अा गए थे। अब दूसरा साधन तलाश कर गांव तक जाना पड़ेगा।
मांग पूरी हाेने पर ही संचालन किया जाएगा
टैक्स माफी के बिना बसों का संचालन करना संभव नहीं है। वैसे खड़े-खड़े बसों को नुकसान हो रहा है, लेकिन यदि बस चलाते हैं तो अधिक नुकसान होगा। नए सिरे से किराया लागू किया जाना चाहिए। डीजल के दाम ज्यादा बढ़ गए हैं।
-विकास आर्य, अध्यक्ष, एसोसिएशन
नियमानुसार दस्तावेजों के साथ बस चला सकते हैं
बसों का संचालन शुरू किए जाने संबंधी कोई सूचना हमारे पास नहीं है। वैसे बस मालिक नियमानुसार, पूरे दस्तावेजों के साथ बस का संचालन कर सकते हैं।
- रंजना भदौरिया, डीटीओ, बैतूल
ये परेशानियां आ रही बसों के खड़े रहने पर
बसों को हर तीन से चार दिन में एक बार स्टार्ट करके कुछ देर रखना पड़ रहा है। जिससे ये चालू हालत में रहें।
एक बस में दो बैटरियां होती हैं। लगभग 14-14 हजार की ये बैटरियां होती हैं। ये बैटरियां खराब हो रही हैं।
बस के पहिए एक ही जगह रुके रहने से टायर खराब होने लगते हैं।
टायरों के तार भी बारिश में खड़े रहने से खराब हो रहे हैं। ब्रेक अाैर रबर के पार्ट्स भी खराब हो रहे हैं।
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