श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बुधवार को मनाई जाएगी। कर्मयोगी श्रीकृष्ण का 5247वां जन्मोत्सव है, जिसे लोग घरों में ही उत्सव के रूप में मनाएंगे। महामारी के चलते ऐसा पहली बार होगा, जब मंदिरों में पूजा-आरती के समय श्रद्धालु सोशल मीडिया पर ऑनलाइन रहकर भगवान के दर्शन करेंगेे। सीमित संख्या में पुजारी व पंडित ही भगवान का अभिषेक, पूजा करेंगे। रात 12 बजे जन्मोत्सव आरती होगी और इसके साथ जयकारों व बधाई गीत गूंजने लगेंगे। माखन-मिश्री व पंजीरी का प्रसाद बांटा जाएगा। पटेल नगर स्थित इस्काॅन मंदिर समेत कई मंदिर समितियों द्वारा पूजा-आरती के भक्तों को आॅनलाइन दर्शन कराए जाने की व्यवस्था की गई है। मंगलवार रात अष्टमी तिथि प्रारंभ होने पर स्मार्त व शैव संप्रदाय के लोगों ने भगवान का जन्मोत्सव मनाया।
लड्डू गोपाल की प्रतिमाएं और शृंगार सामग्री खरीदी...
बुधवार को उदया तिथि में अष्टमी रहने पर लोग जन्माष्टमी मनाएंगे। पूर्व संध्या पर बाजारों में भीड़ दिखाई दी। लोगों ने लड्डू गोपाल की प्रतिमाएं, मोरपंख व बांसुरी, मुकुट, वस्त्रों व पूजन सामग्री की खरीदी की।
धनु राशि में बृहस्पति के होने का शुभ संयोग...
जन्माष्टमी पर कृतिका व अष्टमी के साथ धनु राशि में बृहस्पति के होने का शुभ संयोग रहेगा। वहीं, शहर के बिड़ला मंदिर, श्रीजी मंदिर लखेरापुरा, बरखेड़ी राधाकृष्ण मंदिर समेत कई मंदिरों में लाइटिंग कर सज्जा की गई है।
पीतल की गो प्रतिमा की स्थापना आज
चौबदारपुरा स्थित बांके बिहारी मार्कण्डेय महाराज मंदिर में भक्तों द्वारा भेंट की गई 21 किलो 500 ग्राम पीतल से निर्मित गो प्रतिमा की स्थापना मंदिर में भगवान के दरबार के पास की जाएगी।
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