जच्चाखाना मुरार में शुक्रवार की दाेपहर करीब 12:30 बजे नवजात बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के परिजन का आरोप है कि बार-बार बुलाने पर भी डॉक्टर देखने नहीं आए, जिसके कारण उनकी बच्ची की मौत हो गई। परिजन ने इस मामले की शिकायत मुरार थाने में भी की है। मुरार थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। उधर एसएनसीयू के डॉक्टर ने इन आरोप को गलत बताया है। खुरैरी बड़ा गांव के सिद्धपुरा कॉलोनी में रहने वाले नरोत्तम की 27 वर्षीय पत्नी नर्मदा ने मंगलवार को ऑपरेशन से बच्ची को जन्म दिया था। नर्मदा के भतीजे धर्मेंद्र ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे बच्ची की तबियत खराब हो रही थी। एसएनसीयू में जाकर डॉक्टर को यह बताया तो वह बोले 10-15 मिनट में आते हैं। दो घंटे तक जब वे नहीं आए तो दादी कैलाशी उन्हें बुलाने गई। डॉक्टर ने उन्हें गेट पर ही बिठा दिया। इसके बाद बुआ गुड्डी भी बुलाने गईं लेकिन डॉक्टर ने यह कहकर लौटा दिया कि वह अभी आ रहे हैं। दोपहर 12:30 बजे तक बच्ची को लेकर जब हम लोग एसएनसीयू पहुंचे तो डॉक्टर उसे मृत घोषित कर दिया। धर्मेंद्र का आरोप है कि डॉक्टर अगर समय पर बच्ची को देख लेते तो शायद वह बच जाती। इस मामले में एसएनसीयू के डॉ. आमिर खान का कहना है कि एसएनसीयू में कुछ बच्चों की तबियत खराब हो रही थी उन्हें मैं देख रहा था। मैंने अस्पताल कभी छोड़ा नहीं। सुबह 8:38 बजे एक माताजी आईं और वह गेट पर10:10 बजे तक बैठी रहीं और लौट गईं। उन्होंने यह नहीं बताया कि बच्चे की तबियत खराब हो रही है। दोपहर 12:23 बजे बच्चे को लेकर आईं मैंने देखा कि बच्चे की हालत बहुत गंभीर थी मैंने उसे देखा और उसे बचाने का प्रयास भी किया। यह आरोप गलत है कि बुलाने पर भी मैंने बच्चे को नहीं देखा। मुरार पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Newborn girl's death in Zachakhana Murar: Doctor not visited


जच्चाखाना मुरार में शुक्रवार की दाेपहर करीब 12:30 बजे नवजात बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के परिजन का आरोप है कि बार-बार बुलाने पर भी डॉक्टर देखने नहीं आए, जिसके कारण उनकी बच्ची की मौत हो गई। परिजन ने इस मामले की शिकायत मुरार थाने में भी की है। मुरार थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। उधर एसएनसीयू के डॉक्टर ने इन आरोप को गलत बताया है।
खुरैरी बड़ा गांव के सिद्धपुरा कॉलोनी में रहने वाले नरोत्तम की 27 वर्षीय पत्नी नर्मदा ने मंगलवार को ऑपरेशन से बच्ची को जन्म दिया था। नर्मदा के भतीजे धर्मेंद्र ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे बच्ची की तबियत खराब हो रही थी। एसएनसीयू में जाकर डॉक्टर को यह बताया तो वह बोले 10-15 मिनट में आते हैं। दो घंटे तक जब वे नहीं आए तो दादी कैलाशी उन्हें बुलाने गई। डॉक्टर ने उन्हें गेट पर ही बिठा दिया। इसके बाद बुआ गुड्डी भी बुलाने गईं लेकिन डॉक्टर ने यह कहकर लौटा दिया कि वह अभी आ रहे हैं। दोपहर 12:30 बजे तक बच्ची को लेकर जब हम लोग एसएनसीयू पहुंचे तो डॉक्टर उसे मृत घोषित कर दिया। धर्मेंद्र का आरोप है कि डॉक्टर अगर समय पर बच्ची को देख लेते तो शायद वह बच जाती।
इस मामले में एसएनसीयू के डॉ. आमिर खान का कहना है कि एसएनसीयू में कुछ बच्चों की तबियत खराब हो रही थी उन्हें मैं देख रहा था। मैंने अस्पताल कभी छोड़ा नहीं। सुबह 8:38 बजे एक माताजी आईं और वह गेट पर10:10 बजे तक बैठी रहीं और लौट गईं। उन्होंने यह नहीं बताया कि बच्चे की तबियत खराब हो रही है। दोपहर 12:23 बजे बच्चे को लेकर आईं मैंने देखा कि बच्चे की हालत बहुत गंभीर थी मैंने उसे देखा और उसे बचाने का प्रयास भी किया। यह आरोप गलत है कि बुलाने पर भी मैंने बच्चे को नहीं देखा।
मुरार पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।



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